कौन हैं डॉ. सोमेंद्र तोमर, जाे छात्र राजनीति से सियासत की मुख्य धारा में पहुंचे... अब CM योगी ने बढ़ाई जिम्मेदारी
मेरठ दक्षिण से विधायक डा. सोमेंद्र तोमर को योगी मंत्रिमंडल में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया है। फिजिक्स में पीएचडी और छात्र राजनीति से निकल ...और पढ़ें

HighLights
डा. सोमेंद्र तोमर बनाए गए राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)।
मेरठ दक्षिण से दूसरी बार विधायक चुने गए हैं।
छात्र राजनीति से मुख्य धारा में पहुंचे, पीएचडी धारक।
जागरण संवाददाता, मेरठ। छात्र राजनीति से निकलकर मेरठ दक्षिण सीट से दूसरी बार विधानसभा पहुंचे डा. सोमेंद्र तोमर को पहली बार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया है। फिजिक्स में पीएचडी उपाधि प्राप्त डा.सोमेंद्र 2003 में चौ.चरण सिंह विवि छात्रसंघ के अध्यक्ष चुने गए थे। वे पहले ऐसे छात्र नेता हैं, जो छात्रसंघ से निकलकर न केवल मुख्य धारा की राजनीति में शीर्ष तक पहुंचे हैं, बल्कि अब उन्हें योगी मंत्रिमंडल में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया हैं।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय कैंपस से इससे पहले डा. शिवाकांत ओझा बसपा सरकार कैबिनेट में मंत्री बने थे, लेकिन वे ना तो कैंपस की छात्र राजनीति में सक्रिय थे और न ही मेरठ के रहने वाले। डा.ओझा कैंपस के केवल छात्र थे। डा.सोमेंद्र 1998-2004 तक एबीवीपी में रहे। 1998 में एबीवीपी के विवि मंत्री और 2004 में एबीवीपी पैनल से छात्रसंघ अध्यक्ष चुने गए।
2004 में भाजयुमो के प्रदेश संयोजक रहे। 2012 में पहली बार सोमेंद्र तोमर को भाजपा ने टिकट दिया, लेकिन फिर बदल दिया गया। 2017 में उन्हें टिकट मिला और बड़ी जीत दर्ज की थी। 2022 चुनाव में कड़े मुकाबले में उन्होंने गठबंधन प्रत्याशी आदिल चौधरी को हराया। इसी जीत का उन्हें राज्यमंत्री के तौर पर इनाम मिला और अब उन्हें राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया हैं।
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बागपत के खैली गाव निवासी सोमेंद्र मेरठ के शास्त्रीनगर में रहते हैं। उनके पिता महेंद्र सिंह तोमर सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य हैं। सोमेंद्र की एक पुत्री और दो पुत्र हैं। सोमेंद्र दो भाई, चार बहनें हैं।