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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Meerut News: बस में गोली चलते ही कोई खिड़की से कूदा, कोई सीट के नीचे छिपा; आखिर क्यों जानी दुश्मन बने छात्र?

    Updated: Mon, 21 Oct 2024 02:06 PM (IST)

    मेरठ की सिटी बस (Firing in Meerut City Bus) में एक छात्र ने तमंचा लोड करते समय गोली चला दी जिससे दो छात्र घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराय ...और पढ़ें

    कासिम के हाथ की फोरेंसिक जांच करतीटीम
    कासिम के हाथ की फोरेंसिक जांच करतीटीम

    जागरण संवाददाता, मेरठ। बेगमपुल से सिवालखास जाने वाली यात्री बस में फैज-ए-आम इंटर कालेज के सामने से छात्र सवार हुए थे। शादाब पक्ष के सभी साथी चालक के पीछे खड़े हुए थे। कासिम ने अंटी में तमंचा लगा रखा था। तमंचा लोड करते समय गोली चल गई।

    गोली की आवाज सुनते ही बस में अफरा-तफरी मच गई। बस में सवार कोई यात्री डर के मारे खिड़की से नीचे कूद गया तो कोई सीट के नीचे जा छिपा। गनीमत रही कि गोली बस में सवार अन्य यात्रियों को नहीं लग पाई। वरना बहुत बड़ी घटना हो सकती थी। घटना के समय दोनों तरफ से यातायात भी रूक गया था।

    गुरुवार को भी उमर और शादाब गुटों में सदर बाजार थाना क्षेत्र में मारपीट और पथराव हुआ था। उस समय उमर मोहम्मद ने अपने अन्य साथियों को बुलाकर शादाब पर हमला कर दिया। उसी का बदला लेने के लिए शादाब ने रविवार को अपने साथियों को तमंचा लेकर बुलाया था।

    उस समय ही सदर बाजार पुलिस कार्रवाई करती तो शायद रविवार को यात्री बस में घटना नहीं हो पाती। घटना की सूचना पर सदर बाजार और देहलीगेट दोनों थानों की पुलिस मौके पर गई थी। सदर बाजार की घटना होने के बाद देहलीगेट पुलिस वापस लौट गई थी।

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    सदर बाजार पुलिस ने छात्रों को दौड़ाया और वापस लौट गई। सदर बाजार थाना प्रभारी शशांक द्विवेदी का कहना था कि छात्र उनसे पहले ही मौके से भाग गए थे, यह भी पता नहीं लग पाया कि छात्र किस कालेज के थे। यदि सदर बाजार पुलिस गुरुवार को ही कार्रवाई करती तो शायद रविवार को बस के अंदर फायरिंग की घटना नहीं हो पाती।

    एक दूसरे की जान के दुश्मन बने थे छात्र

    दसवीं और 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले एक दूसरे से बदला लेने के लिए तमंचा लेकर चल रहे थे। यदि प्रिसिंपल उमर पक्ष को कालेज में नहीं रोकते तो मछेरान में ही फायरिंग की वारदात होती। उमर के कालेज में रूक जाने की वजह से ही छात्रों ने फुटबाल चौक पर रूकने का निर्णय लिया। ताकि दूसरी बस में सवार उमर को पकड़कर जानलेवा हमला किया जा सके।

    इनका कहना-

    बस के अंदर तमंचा लोड करते समय फायरिंग हो गई। शादाब, कासिम और खुर्शीद तीनों के खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज किया गया। उनके कब्जे से तमंचा भी बरामद कर लिया है। - अंतरिक्ष जैन, एएसपी ब्रह्मपुरी।

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