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    भारत सरकार से मिली अनुमति, गंगा एक्सप्रेसवे पर दो रेस्ट एरिया में जल्द मिलेगी CNG

    Updated: Tue, 28 Jul 2026 12:00 PM (GMT+05:30)

    गंगा एक्सप्रेसवे के पहले पैकेज पर 130 किमी तक सीएनजी उपलब्ध नहीं थी, जिससे वाहन चालक कतरा रहे थे। अब भारत सरकार से अनुमति मिलने के बाद जल्द ही दो रेस् ...और पढ़ें

    गंगा एक्सप्रेसवे।

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    जागरण संवाददाता, मेरठ। गंगा एक्सप्रेसवे पर अभी तक सीएनजी से संचालित वाहन जाने से कतरा रहे हैं। कारण भी स्पष्ट है एक्सप्रेसवे के प्रथम पैकेज के 130 किमी के सफर में सीएनजी उपलब्ध नहीं है।

    हालांकि इस दूरी में यूपीडा ने दो स्थानों पर रेस्ट एरिया स्थापित कराए हैं जिनमें पेट्रोल, डीजल, ईवी चार्जिंग स्टेशन, शौचालय, भोजन समेत विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन एक्सप्रेसवे के शुरू होने के लगभग तीन महीने बाद भी सीएनजी उपलब्ध नहीं हो सकी है।

    यूपीडा और संचालनकर्ता एजेंसी के अधिकारियों की माने तो भारत सरकार से अब इसकी अनुमति मिल गई है। जल्द दोनों रेस्ट एरिया में सीएनजी मिलेगी।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 29 अप्रैल को गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था। मेरठ से प्रयागराज तक जाने वाले 594 किमी लंबे इस एक्सप्रेसवे का निर्माण और संचालन चार पैकेज में किया जा रहा है।पहला पैकेज मेरठ से बदायूं तक 130 किमी लंबा है।

    गंगा एक्सप्रेसवे पर अभी सीएनजी से संचालित वाहनों को उनके मालिक ले जाने से कतरा रहे हैं। कारण है यहां सीएनजी उपलब्ध न होना। यूपीडा ने प्रथम पैकेज के 130 किमी में अमरोहा और संभल के पास कुल दो स्थानों पर रेस्ट एरिया बनाए हैं।

    इन दोनों स्थानों पर यात्रियों के लिए फूड कोर्ट, शौचालय के साथ वाहनों के लिए पेट्रोल, डीजल, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन, हवा की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। दोनों ही रेस्ट एरिया में सीएनजी पंप भी स्थापित किया जाना था लेकिन इसमें विलंब हो गया।

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    ईरान-अमेरिका युद्ध बना बाधा, अब मिली नए स्टेशन की अनुमति

    यूपीडा और गंगा एक्सप्रेसवे के प्रथम पैकेज की संचालनकर्ता एजेंसी आइआरबी इंफ्रा के अधिकारियों की माने तो ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध के कारण सीएनजी का संकट बन गया था।

    जिसके चलते नए स्टेशनों की प्रक्रिया अटक गई थी।गंगा एक्सप्रेसवे पर स्थापित होने वाले सीएनजी के दोनों नए स्टेशनों को भी इसी कारण भारत सरकार से अनुमति नहीं मिल सकी थी। अब यह अनुमति मिल गई है। जल्द दोनों रेस्ट एरिया में सीएनजी स्टेशन काम करने लगेंगे।

    अभी टैंकर से होगी आपूर्ति, बाद में मिलेगी ऑनलाइन सुविधा

    संचालनकर्ता एजेंसी आइआरबी इंफ्रा के मुख्य महाप्रबंधक अनूप सिंह ने बताया कि सीएनजी की आपूर्ति के यह क्षेत्र मेघा गैस एजेंसी को आवंटित है।दोनों रेस्ट एरिया में सीएनजी की आपूर्ति के लिए स्टेशन तैयार हैं।उनमें तैयारियां भी पूरी हैं।अभी पहले टैंकर के माध्यम से यहां गैस उपलब्ध कराई जाएगी।जल्द लाइन तैयार कराकर ऑनलाइन गैस आपूर्ति कराई जाएगी।

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