गर्मी से दिमाग की नसों में बन रहे खून के थक्के, ब्रेन स्ट्रोक का खतरा
अत्यधिक गर्मी और लू के कारण दिमाग की नसों में खून के थक्के जम रहे हैं, जिससे ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ रहा है। मेरठ में ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं, ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, मेरठ। अत्यधिक गर्मी व लू लगने से 17 वर्षीय किशोरी के दिमाग में खून के थक्के बन गए। तेज सिरदर्द, चक्कर और आंखों से धुंधला दिखाई देने की शिकायत के साथ उसे लाला लाजपत राय मेडिकल कालेज की सुपर स्पेशियलिटी ब्लाक स्थित न्यूरोलाजी विभाग के वार्ड में भर्ती किया गया था।
यह समस्या एमआर वेनोग्राम और सिटी स्कैन जांच से सामने आई। न्यूरोलाजिस्ट का कहना है कि यदि समय पर उपचार न मिलता तो ब्रेन स्ट्रोक हो सकता था। यह तो एक उदाहरण है, रोजाना ओपीडी में 40 से 50 केस ऐसे ही आ रहे हैं।
इन दिनों तापमान 43 डिग्री के पार है। अत्यधिक गर्मी और लू न केवल शरीर को थकाती है बल्कि दिमाग के लिए भी जानलेवा साबित हो सकती है। लगातार गर्मी के प्रकोप से सेरेब्रल वेनस थ्राम्बोसिस के मामले बढ़ रहे हैं।
मेडिकल कालेज की न्यूरोलाजी विभागाध्यक्ष डा. दीपिका सागर ने कहा कि यह एक गंभीर स्थिति है। जैसे दिल का दौरा पड़ता है, वैसे ही यह दिमाग की नसों का ब्लाक होना है। दिमाग में गंदा खून बाहर ले जाने वाली नसों में खून जम जाता है।
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इसके कारण दिमाग में प्रेशर बढ़ता है और ब्रेन स्ट्रोक आ सकता है। यह पुरुषों की तुलना में युवतियों में अधिक होता है। यह समस्या दो कारण से होती है। खून की कमी और डिहाइड्रेशन ( शरीर में पानी की कमी ) । इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है। पसीना बहने से शरीर में पानी की कमी हो रही है।
लोग डिहाइड्रेशन के शिकार हो रहे हैं। अमरोहा से आई किशोरी को चार दिन भर्ती कर दवाएं दी गईं। खून का थक्का खुलने से उसकी जान बच गई। न्यूरोलाजिस्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में एमआरआइ ब्रेन, एमआर वेनोग्राम और सिटी स्कैन की जांच कराई जाती है। यह सुविधा मेडिकल कालेज में मौजूद है।
ये लक्षण दिखें तो हो जाएं सतर्क
-ऐसा तेज सिरदर्द जो दवा खाने पर भी ठीक न हो।
- अचानक हाथ-पैर कांपना या मुंह से झाग आना।
-शरीर के किसी एक हिस्से (हाथ-पैर ) का अचानक कमजोर होना।
-अचानक धुंधला दिखाई देना या एक की जगह दो चीजें दिखना।
-अचानक बेहोशी छाना या बात करने में जुबान लड़खड़ाना।
-बिना देरी किए तुरंत मरीज को अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में ले जाएं।/B/B
-मरीज की जांच किसी न्यूरोलाजिस्ट से ही करवाएं।
-तेज सिरदर्द को मामूली गैस या तनाव का दर्द समझकर नजरअंदाज न करें।
-डाक्टर को बिना दिखाए खुद से दर्द निवारक दवा न लें।
बचाव के लिए ये करें
-खूब पानी पिएं। दिनभर में कम से कम तीन लीटर पानी पीकर शरीर को हाइड्रेट रखें।
-कोई भी हार्मोनल दवा या गर्भ निरोधक गोली डाक्टर से पूछकर ही लें।
-रोजाना 30 मिनट तक व्यायाम करें। रक्त संचार सही रखना जरूरी है।
-कान या दांत के दर्द और संक्रमण को हल्के में न लें।