बिना ट्यूशन के बनी जिले की टॉपर, मेरठ की बेटियों ने बताया UP Board परीक्षा में टॉप करने का असली फॉर्मूला
मेरठ जिले के 12वीं कक्षा के टॉपर्स वंशिका उपाध्याय, ज़मर्रूद और सपना ने अपनी सफलता के रहस्य और भविष्य के लक्ष्य साझा किए हैं। उन्होंने बताया कि कड़ी मे ...और पढ़ें

मवाना : एएस इंटर कालेज में जनपद में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा वंशिका उपाध्याय को गोदी में उठाए खुशी सांझा करते बच्चे। जागरण
HighLights
वंशिका उपाध्याय ने 93.40% अंक प्राप्त कर जिले में प्रथम स्थान पाया।
ज़मर्रूद और सपना ने भी क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया।
सभी टॉपर्स ने सेल्फ-स्टडी और मोबाइल से दूरी को सफलता का मंत्र बताया।
जागरण संवाददाता, मेरठ। मेरठ जिले के 12वीं कक्षा के टॉपर्स वंशिका उपाध्याय, ज़मर्रूद और सपना ने अपनी सफलता के रहस्य और भविष्य के लक्ष्य साझा किए हैं। उन्होंने बताया कि कड़ी मेहनत, सेल्फ-स्टडी और मोबाइल-टीवी से दूरी उनकी कामयाबी की कुंजी रही।
आइएएस बनकर देश सेवा करूंगी : वंशिका उपाध्याय
- नाम-वंशिका उपाध्यायस्कूल- एएस इंटर कालेज मव
- कक्षा-12वीं, विज्ञान वर्ग
- रिजल्ट : 467/500, प्रतिशत 93.40
- स्थान : जिले में प्रथम
- मार्कशीट : हिन्दी-93, अंग्रेजी-92, मैथ-96,फिजिक्स-96,केमिस्ट्री-90
मैं मूलरूप से मवाना के मुबारिकपुर की रहने वाली हूं और वर्तमान में मुहल्ला काबलीगेट के बुड्ढा पीर में रह रहे हैं। पिता सोनू मेहनत मजदूरी करते हैं और मां मीनाक्षी गृहणी होने के साथ घर चलाने के लिए पशुपालन करती हैं। हम तीन बहन व एक भाई हैं। मैं सभी से बड़ी हूं।

शुरूआती शिक्षा परिषदीय स्कूल और फिर दसवीं की पढ़ाई आर्य कन्या इंटर कालेज से प्राप्त की। दसवीं में भी 93.16 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। मैंने ट्यूशन या कोचिंग का सहारा नहीं लिया। प्रतिदिन स्कूल जाने के साथ घर पर पांच से छह घंटे नियमित पढ़ाई की।
न्यूमेरिकल व थ्योरी के साथ शिक्षकों द्वारा तैयार कराए नोट्स व टेस्ट ने जिला टाप करने का मार्ग परस्त किया। मैं अब गणित से बीएससी करूंगी और यूपीएससी का कंप्टीशन क्रेक करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। आइएएस बनकर मेहनतकश युवाओं की आवाज बनूंगी और देश सेवा करूंगी।
खबरें और भी
सक्सेस मंत्र
- टीवी व मोबाइल से दूरी
- सेल्फस्टेडी के साथ न्यूमेरिकल व थ्योरी पर फोकस रहा
- स्कूल की पढ़ाई से अलग पांच से छह घंटे पढ़ाई की

दादी की बीमारी ने दिलाया डॉक्टर बनने का अहसास
- नाम-ज़मर्रूद
- स्कूल- स्टार अलफ़लाह इंटर कालिज, किठौर।
- कक्षा-12वीं विज्ञान वर्ग
- रिजल्ट-458/500 , 91.6 प्रतिशत
- स्थान- जिले में द्वितीय स्थान
- मार्कशीट- हिंदी 93, अंग्रेजी 88 , फीजिक्स 93 , कैमेस्ट्री 97, बायलॉजी 87
मैं मूलरूप से हापुड़ जिले के पोपाई गाँव की रहने वाली हूँ। कक्षा 6 से मैंने स्टार अलफ़लाह इंटर कालिज में पढ़ाई की। बिना ट्यूशन के मैंने कामयाबी हासिल की। कालिज प्रबंधक नुसरत सर ने सभी के लिए एक्स्ट्रा क्लास चलाई और छात्रों को प्रेरित किया। नवंबर से मैंने खूब पढ़ाई की। न्यूमेरिकल व थ्योरी पर फोकस किया। मैं नीट की परीक्षा देकर डॉक्टर बनना चाहती हूं औऱ गरीब लोगों की सेवा करना चाहती हूं। 76 वर्षीय दादी हलीमा जब बीमार हुई तो मन में ठान लिया कि डाक्टर बनना है।

सक्सेस मंत्र
- परिवार के लोगों की मदद से किया मोबाईल और टीवी से परहेज।
- नियमित रूप से ली एक्स्ट्रा क्लास,
- थ्योरी व न्यूमेरिकल पर दिया ध्यान।
- घर पर छुट्टी के दिनों में पढ़ाई की।
मोबाइल-टीवी से दूरी, सेल्फ स्टडी बहुत जरूरी
- नाम : सपना
- स्कूल : सुरेश देवी हेमचंद्र त्यागी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज गंगानगर
- कक्षा : 12वीं विज्ञान वर्ग
- रिजल्ट : 457/500, 91.40 प्रतिशत
- स्थान : जिले में तृतीय
- मार्कशीट : हिंदी-94, अंग्रेजी-93, फिजिक्स-79, कैमिस्ट्री-98, बायोलोजी-93
मैं भावनपुर क्षेत्र की औरंगाबाद गांव की रहने वाली हूं। परिवार में मेरे पिता सत्यवीर सिंह, मां चिंतामणि व हम चार भाई बहन हैं - सागर, सुहानी, सपना व कार्तिक। मैंने जो नोट्स बनाए थे। उनका मैंने एकाग्रता से रिविजन किया। सेल्फ स्टडी बहुत महत्वपूर्ण है।
मोबाइल, टीवी या इंटरनेट मीडिया से दूरी बनाकर रखी हुई है। मुझे मेडिकल फील्ड में ही जाना है। सीयूईटी का फार्म भरा हुआ है। बीएस बायोटेक करूंगी। लैब टेक्नीशियन भी बन सकती हूं।
सक्सेस मंत्र
- नोट्स का रिविजन करना
- सेल्फ कान्फीडेंस बहुत जरूरी
- नियमित रूप से चार घंटे की सेल्फ स्टडी