मेरठ के फर्जी पुलिस अधिकारी के गहरे संपर्क उजागर, सीओ सौम्या अस्थाना संग केक काटते वीडियो वायरल
राहुल पाल नामक व्यक्ति फर्जी सीओ-एसएचओ बनकर लोगों को हिरासत में लेता और वसूली करता था। उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस अधिकारियों और नेताओं के साथ उसकी तस ...और पढ़ें

वायरल वीडियो का स्क्रीन ग्रैब। सोशल मीडिया
HighLights
राहुल पाल फर्जी सीओ-एसएचओ बनकर लोगों से वसूली करता था।
पुलिस अधिकारियों, नेताओं संग राहुल के वीडियो, फोटो वायरल।
ब्रह्मपुरी की पूर्व सीओ सौम्या अस्थाना संग केक काटते दिखा।
जागरण संवाददाता, मेरठ। पुलिस अफसर बन लोगों को हिरासत में लेने, उन्हें मुठभेड़ व संगीन मामलों में जेल भेजने की धमकी देकर वसूली करने राहुल के संपर्क पुलिस महकमे में काफी गहरे हैं।
इसका राजफाश रविवार को सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली वीडियो में साफ झलकता है। राहुल की कई देश-प्रदेश के बड़े नेताओं व पुलिस अधिकारियों संग फोटो इंटरनेट पर छाए रहे।
ब्रह्मपुरी में तैनात रही सीओ सौम्या अस्थाना की एक वीडियो काफी चर्चा में है। इसमें वह राहुल संग केक काटती दिखाई दे रही है। पूरे दिन इस वीडियो व फोटो की पुलिस महकमे व शहर में चर्चा होती रही।
उधर, परतापुर, ब्रह्मपुरी, टीपीनगर व लोहियानगर के कई लोगों ने पुलिस अधिकारियों से संपर्क कर बताया कि उनसे भी राहुल व उनके साथियों ने वसूली की है। पुलिस ऐसे सभी मामलों की जांच कर रही है। इंटरनेट पर छाए फोटो, वीडियो व अन्य जानकारियों को एकत्र कर ऐसे लोगों की सूची बनाई जा रही है जो राहुल व उनके साथियों से जुड़ है।
छोटे-बड़े अधिकारियों से घूमकर बनाया संपर्क
दरअसल, राहुल बेहद शातिर था। उसने अपने वसूली अभियान की जड़ पुलिस के खौफ से ही गहराई तक बनाई। राहुल पूरे दिन पुलिस महकमे में छोटे-बड़े अधिकारियों से घूमकर संपर्क बनाता था। उनके आफिस में बैठकर अन्य पुलिसकर्मियों पर रौब गालिब करता था। वह जानता था, जितनी उसके संपर्क खाकी से बनेंगे, उतना ही उसका खौफ लोगों में दिखाई देगा। वह पुलिस अधिकारी के रूप में खुद को स्थापित कर पाएगा।
यही वजह रही कि सिपाही से लेकर सीओ और अन्य अधिकारियों संग वह अपने फोटो खिंचवाता था। इन्हें दिखाकर लोगों पर रौब गालिब करता था। जिस अंदाज में राहुल पाल के फोटो सीओ व पुलिस अधिकारियों संग इंटरनेट पर प्रसारित हो रहे हैं, उससे साफ है वह इन सभी का करीबी थी।
अब अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि इन अधिकारियों के संपर्क आरोपित से सिर्फ फोटो खिंचवाने तक है या उनकी भूमिका भी इस मोहकमपुर में बनाए फर्जी कार्यालय से है या उनका संरक्षण इनसे था। यह भी पता लगाया जा रहा है कि कार्यालय से मिली वाकी टाकी, चार्जर, बीट बुक और मोहर कहां से आई और किसने इसे बनाया है।
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पुलिस के पास जानकारी आ रही है कि आरोपित पुलिस की वर्दी पहनकर वीडियो कॉल कर लोगों को हाउस अरेस्ट करने में शामिल है या न ही। ऐसी कितनी वारदात काे उन्होंने अंजाम दिया। उनके खातों की जांच कर पता लगाया जा रहा है कि इनमें कितना रुपया कहां से व किन-किन खातों से आया। यह खाते किसके थे।
मामले की जांच कर रही पुलिस
ब्रह्मपुरी निवासी की शिकायत व दस की वसूली के मामले की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। नीरज से वसूली में शशांक शर्मा, राहुल पाल निवासी रिठानी परतापुर और आकाश कुमार निवासी पुट्ठा टीपी नगर शामिल थे।
शशांक शर्मा सीओ बना था, राहुल पाल एसएचओ और आकाश कुमार दारोगा बना था। उससे मोहकमपुर स्थित इसी कार्यालय में बंधक बनाकर मुठभेड़ का भय दिखाकर दो लाख रुपये मांगे गए थे।
गूगल-पे से 10 हजार रुपये अपने खाते में ट्रांसफर कराए गए थे। इसी शिकायत पर छापा मारकर राहुल पाल और आकाश कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
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