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    ...तो ये है बीमारियों की जड़, डॉक्टरों ने बताया दिल-लिवर और किडनी को लंबी उम्र देने का सबसे आसान फॉर्मूला

    Updated: Wed, 08 Apr 2026 05:42 PM (GMT+05:30)

    विश्व स्वास्थ्य दिवस पर मेरठ में आइएमए ने मोटापे पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। वरिष्ठ चिकित्सकों ने बताया कि मोटापा शुगर, बीपी, हृदय रोग जैसी कई ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. मोटापा कई गंभीर बीमारियों का मूल कारण है।

    2. खानपान नियंत्रण, व्यायाम और नींद से वजन घटाएं।

    3. जेनेटिक मोटापे में दवा या बेरियाट्रिक सर्जरी प्रभावी।

    जागरण संवाददाता, मेरठ। मोटापा एक गंभीर समस्या है। बच्चों से लेकर बड़े तक इससे परेशान हैं। यह अपने साथ कई बीमारियां लेकर आता है। विश्व स्वास्थ्य दिवस पर मंगलवार को बच्चा पार्क चौराहे के समीप स्थित आइएमए सभागार में आइएमए मेरठ शाखा ने जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया। जिसमें शहर के दो वरिष्ठ चिकित्सकों ने मोटापे से होने वाले दुष्प्रभावों और बचाव के बारे में बताया।

    मोटापा सभी बीमारियों की जननी है, विषय पर बात रखते हुए वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डा. राजीव अग्रवाल ने कहा कि मोटापा सभी बीमारियों की जड़ है। शुगर, बीपी, हृदय रोग, गुर्दे, फैटी लिवर की समस्याएं मोटापे की वजह से तेजी से बढ़ रही है। यदि मोटापे को ठीक कर लें तो आपके दिल की धड़कन अच्छी रहेगी।

    गुर्दे, लिवर अच्छे से काम करेंगे। रात को अच्छी नींद आएगी। शुगर के मरीज का ( बीएमआइ) बाडी मास इंडेक्स 30 और सामान्य व्यक्ति का बाडी मास इंडेक्स 35 के ऊपर है तो उसे इलाज के बारे में सोचना चाहिए। मोटापे से बचने के लिए लोग अपने खानपान पर नियंत्रण करें।

    जंकफूड का सेवन, तला हुआ व्यंजन खाने से परहेज करें। रोजाना सुबह 30 मिनट तेज गति से टहलने, योगा-प्राणायाम करने से वजन नियंत्रित किया जा सकता है, लेकिन यह व्यायाम नियमित होना चाहिए। रात में सात से आठ घंटे की नींद जरूर लें।

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    वजन कम करना चुनौती है, विषय पर बोलते हुए बेरियाट्रिक सर्जन डा.ऋषि सिंघल ने कहा कि मोटापा जेनेटिक कारणों से भी हो सकता है। यदि नियमित व्यायाम और खानपान पर नियंत्रण के बाद भी मोटापा नियंत्रित नहीं हो रहा है तो इसकी वजह जेनेटिक हो सकती है। ऐसे मरीजों में इलाज के लिए जेनेटिक कारण खोजे जाते हैं। पहले दवाओं से और फिर सर्जरी की जाती है।

    यदि बाडी मास इंडेक्स 40 के ऊपर है तो बेरियाट्रिक सर्जरी करा सकते हैं। मोटापा एक बीमारी है। इसके चलते खर्राटे आने, बांझपन, फैटी लिवर सहित कई तरह की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। अकेले मोटापे को ठीक कर लिया जाए तो इसकी वजह से होने वाली बीमारियों का खतरा कम हो जाता है।

    कार्यक्रम में आइएमए मेरठ शाखा की अध्यक्ष डा. मनीषा त्यागी, सचिव विकास गुप्ता सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक और उनके स्वजन मौजूद रहे।