यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 10, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
टीम इंडिया के पूर्व तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार ने मयंक यादव को लेकर की ये भविष्यवाणी, एक्शन बहुत स्मूथ, वो दिन दूर नहीं जब...
Praveen Kuman On IPL Fast Bowler Mayank Yadav News In Hindi Meerut News मेरठ निवासी पूर्व क्रिकेटर प्रवीण कुमार ने अपनी गेंदबाजी के बल पर देश को कई मै ...और पढ़ें

HighLights
- प्रवीण बोले-160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से फेंक सकते हैं गेंद
- मयंक के पास तीनों प्रारूप में खेलने की प्रतिभा
प्रवीण वशिष्ठ, मेरठ। आइपीएल में शानदार तेज गेंदबाजी का प्रदर्शन करने वाले मयंक यादव से पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर प्रवीण कुमार बहुत प्रभावित हैं। उनका मानना है कि मयंक के पास टेस्ट, वन-डे और टी-20 तीनों प्रारूप में खेलने की प्रतिभा है।
मयंक का एक्शन बहुत स्मूथ
शहर निवासी प्रवीण कुमार ने भामाशाह पार्क में दैनिक जागरण से बातचीत में कहा कि मयंक यादव का एक्शन बहुत स्मूथ है। अभी 155-156 किलोमीटर प्रति घंटे की की रफ्तार से गेंद फेंक रहे मयंक 160 की रफ्तार पर भी गेंदबाजी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि टीम इंडिया को अभी एक बेहतर बाएं हाथ के तेज गेंदबाज की आवश्यकता है। निश्चित रूप से बीसीसीआइ का इस ओर ध्यान होगा। अश्विन के रिटायर होने पर एक अच्छे आफ स्पिनर की ओर भी टीम को देखना होगा।
घरेलू क्रिकेट खेलने में रुचि न रखना गलत
घरेलू क्रिकेट खेलने में रुचि न रखने वाले खिलाड़ियों के रवैये को उन्होंने गलत बताया। कहा कि इसके एक सीजन में सात सौ रन बनाकर या चालीस विकेट लेकर खिलाड़ी अपनी प्रतिभा को चमका सकता है। टेस्ट में चयन भी रणजी मैचों में प्रदर्शन के आधार पर होता है।
चालीस साल की उम्र में तेज गेंदबाजी आसान नहीं
इन दिनों लीजेंड क्रिकेट में सक्रिय प्रवीण कुमार पूर्व क्रिकेटरों के लिए इसे अच्छा मानते हैं। कहा कि इससे पुराने मित्रों से मिलने का अवसर भी मिलता है हालांकि मुस्कुराते हुए कहते हैं कि चालीस साल की उम्र में तेज गेंदबाजी आसान नहीं है। कई तेज गेंदबाज लीजेंड क्रिकेट में लगातार दो मैच खेलकर काफी थका हुआ महसूस करते हैं।
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उत्तर प्रदेश की ओर से खेलते हुए मेरठ में कभी आउट नहीं हुए ज्ञानेंद्र
पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर और एक समय उत्तर प्रदेश की टीम के प्रमुख खिलाड़ियों में रहे ज्ञानेंद्र पांडे का मानना है कि सफलता का कोई शार्ट कट नहीं होता। निरंतर मेहनत और प्रशिक्षण से खिलाड़ी अपना खेल निखार सकते हैं। भामाशाह पार्क में वैभव ट्राफी के फाइनल के दौरान बातचीत में ज्ञानेंद्र पांडे ने कहा कि आज के दौर में बीसीसीआइ प्रदेश स्तर के खिलाड़ियों को भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करा रही हैं। अब उनके और उससे भी पहले दौर के मुकाबले टीम इंडिया के लिए खेलने वाले उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों की संख्या बढ़ी है। यह खुशी की बात है। एक खास बात बताते हैं कि मेरठ में उत्तर प्रदेश की ओर से खेलते हुए वह कभी आउट नहीं हुए।