मीरजापुर में 64 करोड़ से बना आमघाट रेलवे ओवरब्रिज का एप्रोच मार्ग धंसा, फरवरी 2026 में हुआ था उद्घाटन
मीरजापुर में 64 करोड़ रुपये की लागत से बने आमघाट रेलवे ओवरब्रिज का एप्रोच मार्ग पहली बारिश में ही धंस गया, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। सेतु निग ...और पढ़ें

64 करोड़ से बना आमघाट रेलवे ओवरब्रिज का एप्रोच मार्ग धंसा।
HighLights
64 करोड़ रुपये का आमघाट ओवरब्रिज एप्रोच मार्ग धंसा।
पहली बारिश भी नहीं झेल सका, दीवार लटकी।
सेतु निगम ने अस्थायी सुरक्षा की, मरम्मत जल्द होगी।
जागरण संवाददाता, मीरजापुर। मीरजापुर-वाराणसी राजमार्ग एनएच-सात के खजुरी नदी आमघाट रेलवे क्रासिंग पर 64 करोड़ रुपये से बनाए गए रेलवे ओवरब्रिज का एप्रोच मार्ग पहली बारिश भी नहीं झेल सका और धंस गया। इससे मीरजापुर की ओर सड़क किनारे बनी दीवार भी लटक गई है। ऐसे में दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है।
इसकी जानकारी होने पर सेतु निगम की टीम पहुंची और जर्जर स्थान पर बालू की बोरियों को रखवाकर किनारे को सुरक्षित कराया। बताया कि एप्रोच मार्ग की मिट्टी बारिश के कारण धंस गई है। इससे उसकी एक तरफ की दीवार लटक गई है। ठेकेदार को बुलाकर उसको ठीक कराया जाएगा।
वर्ष 2024 में मीरजापुर-वाराणसी राजमार्ग पर खजुरी नदी आमघाट रेलवे क्रासिंग पर 64 करोड़ रुपये की लागत से ओवरब्रिज का निर्माण शुरू किया गया था। इसको राज्य सेतु निगम मीरजापुर व रेलवे की कार्यदायी संस्था की ओर से दिए गए टेंडर पर ठेकेदार ने बनाया था।
यह रेलवे ओवरब्रिज जनवरी 2026 में बनकर तैयार हुआ था। लगभग नौ सौ मीटर लंबे पुल पर आने-जाने के लिए 80 लाख रुपये की लागत से डेढ़-डेढ़ सौ मीटर दोनों ओर एप्रोच मार्ग बनाया गया है। फरवरी में इस ओवरब्रिज का उद्घाटन भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ब्रजभूषण सिंह ने किया था।
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ओवरब्रिज बनने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन इस ओवरब्रिज का एप्रोच मार्ग पहली बारिश ही नहीं झेल सका और धंस गया। बारिश के चलते उसकी मिट्टी भसककर नीचे गिर गई, जिससे एक ओर की दीवार लटक गई।
इसका वीडियो बनाकर लोगों ने इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कर दिया। एप्रोच मार्ग से आने-जाना वाले वाहनों पर खतरा में मंडराने लगा है। इसकी जानकारी होने पर सेतु निगम के अधिकारी पहुंचे और छानबीन की।
आमघाट रेलवे ओवरब्रिज के एप्रोच मार्ग की मिट्टी धंसने से एक ओर की दीवार लटक गई है। जिसकी सुरक्षा के लिए बालू की बोरियां रखवा दी गई हैं, ताकि वहां से कोई जाए न। जल्दी उसका मरम्मत कर ठीक करा दिया जाएगा। -रियाज, सहायक अभियंता, राज्य सेतु निगम मीरजापुर।
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