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    कुत्ते के काटने के बाद भौंकने लगा 12 साल का किशोर, तबीयत बिगड़ने पर BHU रेफर

    Updated: Mon, 16 Mar 2026 08:57 PM (IST)

    मीरजापुर के 12 वर्षीय करन को चार माह पहले कुत्ते ने काटा था, लेकिन रेबीज के टीके अधूरे रह गए। अब उसे रेबीज के गंभीर लक्षण दिखने लगे हैं। ...और पढ़ें

    HighLights

    1. कुत्ते के काटने के बाद 12 वर्षीय किशोर को रेबीज।

    2. अधूरे टीकाकरण से बालक की हालत हुई गंभीर।

    3. इलाज के लिए वाराणसी ट्रामा सेंटर रेफर।

    जागरण संवाददाता, मीरजापुर। नगर पंचायत कछवां के जोगीपुर वार्ड निवासी भाईलाल के 12 वर्षीय पुत्र करन को करीब चार माह पूर्व कुत्ते ने हमला कर काट लिया था। स्वजन रेबीज के दो इंजेक्शन बालक को लगवाकर शांत हो गए। बचे हुए दो इंजेक्शन नहीं लगवाए। चार माह बाद गत शुक्रवार की रात अचानक बालक को डर लगने लगा और सुबह होते-होते उसकी आवाज बदल गई। वह कुत्तों के भौंकने जैसा हरकत करने लगा।

    यह देख उसके पिता भी डर गए और भूत-प्रेत का साया उसके ऊपर आने की आशंका में गांव के हनुमान मंदिर ले गए। पूजा पाठ कराया, फिर भी बालक की हालत में सुधार नहीं हुआ तो सीएचसी कछवां लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टर ने बताया कि बालक को रेबीज का असर हुआ है इसक बाद उसे वाराणसी ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया।

    स्वजन ने बताया कि बालक चार माह पूर्व अपने ननिहाल वाराणसी के हरहुआ गांव गया था। जहां उसे कुत्ते ने काट लिया था। उसको रेबीज का एक इंजेक्शन निजी चिकित्सालय तो दूसरा सीएचसी कछवां में लगवाया गया था। तीसरा व चौथा इंजेक्शन नहीं लग पाया था।

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    शुक्रवार की रात करन के सिर में अचानक तेज दर्ज होने लगा। बताया कि उसे बहुत डर लग रहा है। कुछ देर बाद वह अजीब हरकत करने लगा और कुत्तों के जैसा भौंकने लगा।

    दिव्यांग पिता भाईलाल गोद में लेकर हनुमान मंदिर के बाद एंबुलेंस से कछवां सीएचसी ले गए। वर्तमान में बालक अपने ननिहाल हरहुआ में है। जहां से उसका इलाज चल रहा है। उसकी हालत में सुधार नहीं होना बताया गया है।

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    रेबीज का पूरा डोज नहीं लगने पर जानलेवा होता है साबित

    रेबीज का पूरा डोज चार या पांच टीके न लगवाना जानलेवा साबित हो सकता है, क्याेंकि यह वायरस मस्तिष्क को संक्रमित कर मृत्यु का कारण बनता है। टीकाकरण के बीच में छोड़ने से शरीर में रेबीज के खिलाफ पर्याप्त प्रतिरक्षा विकसित नहीं हो पाती है। जिससे संक्रमण के बाद मृत्यु की संभावना अत्यधिक बढ़ जाती है। लक्षण दिखने के बाद इसका कोई इलाज नहीं है।

    रेबीज का अधूरा टीका लगवाने के परिणाम

    • संक्रमण का खतरा- जब तक टीका पूरा नहीं होता, रेबीज वायरस शरीर में फैल सकती है।
    • घातक परिणाम- उपचार अधूरा रहने पर रेबीज से मुत्यु लगभग निश्चित होती है।
    • लक्षण- बुखार, सिरदर्द, कमजोरी और अंतत: पागलपन, लकवा जैसे लक्षण दिखाई दे सकते है।

    डोज छूटने पर क्या करें

    • अगर आपने टीके का कोई डोज छोड़ दिया है तो डाक्टर से तुरंत संपर्क करें।
    • रेबीज के टीके पूरे कोर्स 0,03,07,14 और 28 दिन के समय पर पूरा करना अनिवार्य है।
    • किसी भी जानवर कुत्ता, बिल्ली, बंदर के काटने पर 24 घंटे में रेबीज के इंजेक्शन लगवाना अनिवार्य है।

    क्या कहते हैं डॉक्टर

    एक बालक को स्वजन सीएचसी पर लेकर आए थे। उसको रेबीज का असर हुआ था। हालत गंभीर होने पर उसे वाराणसी ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया है। -डॉ. सीबी पटेल, चिकित्साधिकारी सीएचसी कछवां।