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    यूपी चुनाव में 95% वोटिंग का मंत्र दे गए CEC ज्ञानेश कुमार, मुरादाबाद में की BLO संवाद

    Updated: Fri, 17 Jul 2026 11:03 AM (IST)

    मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मुरादाबाद में यूपी विधानसभा चुनाव में 95% से अधिक मतदान का लक्ष्य निर्धारित किया। ...और पढ़ें

    यूपी चुनाव में 95% वोटिंग का मंत्र दे गए CEC ज्ञानेश कुमार।

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    जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। देश में कुल 95 करोड़ मतदाता हैं। 60 करोड़ का एसआइआर पूरा हो चुका है, जबकि 35 करोड़ मतदाताओं का एसआइआर शेष है। उत्तरप्रदेश में आने वाले विधानसभा चुनाव में हमें 95 प्रतिशत से अधिक वोटिंग का लक्ष्य प्राप्त करना है, क्योंकि पश्चिम बंगाल में रिकार्ड 93.7 प्रतिशत मतदान हो चुका है।

    अब रिकॉर्ड तोड़ने की बारी उत्तरप्रदेश की है। यह बातें गुरुवार काे तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय में भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहीं। कहा कि अमेरिका भी अमेरिका भी एसआइआर को चोला पहनाने की चाह में है। इस संबंध में अमेरिका प्रशासन की एक अधिकारी मिली थीं।

    यह भी कहा कि ईवीएम मशीनें विश्वसनीयता की कसौटी पर खरी हैं। अब तक सुप्रीम कोर्ट में यह मशीन 46 मुकदमें जीत चुकी है। किसी इंटरनेट, वाईफाई, वायर आदि से कनेक्ट करके छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है।

    ऐसे में इतनी व्यापक, बहुस्तरीय एवं पारदर्शी व्यवस्था विश्व के किसी अन्य देश में देखने को नहीं मिलती। भारत की निर्वाचन प्रणाली पारदर्शिता की जिस उच्च कसौटी पर कार्य करती है, वह लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के लिए एक उत्कृष्ट उदाहरण है। भारतीय निर्वाचन प्रणाली की विश्वभर में विश्वसनीयता है।

    चुनाव आयुक्त ने बीएलओ से की बातचीत

    अवसर था जनपद के बीएलओ, सुपरवाइजरों एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ संवाद कार्यक्रम का। टीएमयू सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत की विशिष्ट निर्वाचन प्रणाली की विशेषताओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

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    प्रश्नोत्तरी सत्र में उन्होंने बीएलओ, सुपरवाइजरों एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों से हाल में हुए चुनावों में बढ़ी मतदाता भागीदारी, निष्पक्ष मतदान, पारदर्शी मतगणना तथा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में उनके योगदान की सराहना की।

    त्रि-स्तरीय कंकरेंट आडिट की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए उन देशों का उल्लेख किया, जहां मतदान अनिवार्य है, और उनकी तुलना में भारत के विभिन्न राज्यों में लगातार बढ़ रहे मतदान प्रतिशत को भारतीय लोकतंत्र की सशक्त पहचान बताया। कहा कि भारतीय निर्वाचन प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता उसकी पारदर्शिता और बहुस्तरीय निगरानी व्यवस्था है।

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    मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) से लेकर मतदान एवं मतगणना तक प्रत्येक चरण में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाती है, जिससे पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनी रहती है। मतदान दिवस में भी प्रत्येक मतदान केंद्र पर राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त पोलिंग एजेंट उपस्थित रहते हैं।

    मतदान प्रारंभ होने से पहले माक पोल कराया जाता है, जिसमें ईवीएम के सुचारु संचालन का परीक्षण किया जाता है। पोलिंग एजेंट पूरी प्रक्रिया से संतुष्ट होने के बाद माक पोल प्रमाणपत्र पर हस्ताक्षर कर अपनी सहमति प्रदान करते हैं, जिसके बाद ही मतदान प्रारंभ होता है।

    मतदान के दौरान यदि किसी मतदाता की पहचान पर पोलिंग एजेंट द्वारा संदेह व्यक्त किया जाता है, तो पीठासीन अधिकारी निर्वाचन आयोग के कड़े नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उसकी पहचान का परीक्षण कर आवश्यक निर्णय लेते हैं।

    मतदान समाप्त होने के बाद निर्धारित प्रारूप-17(सी) भाग-1 में मतदान संबंधी विवरण अंकित कर पीठासीन अधिकारी अपने हस्ताक्षर सहित उसकी प्रति पोलिंग एजेंट को उपलब्ध कराते हैं।

    इसके अतिरिक्त ईवीएम को सील किए जाने की प्रक्रिया में भी पोलिंग एजेंट की उपस्थिति एवं हस्ताक्षर के माध्यम से उनकी संतुष्टि सुनिश्चित की जाती है। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने कहा कि यह पहली बार हो रहा है जब भारत निर्वाचन आयोग के शीर्ष नेतृत्व का बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) के साथ सीधा संवाद हो रहा है।

    इस अवसर पर मंडलायुक्त आञ्जनेय कुमार सिंह, डीआइजी मुनिराज जी, जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया, एसएसपी सतपाल अंतिल व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

    यह होती है कंकरेंट ऑडिट व्यवस्था

    देश में एक मतदान केंद्र पर औसतन 873 मतदाता हैं। मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करते हैं तथा अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत एवं डुप्लीकेट आदि मतदाताओं से संबंधित प्रविष्टियों का परीक्षण करते हैं।

    इसके आधार पर तैयार ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन से पूर्व संबंधित मतदान केंद्र के लिए राजनीतिक दलों द्वारा नामित बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) के साथ बैठक कर उनका सत्यापन एवं हस्ताक्षर प्राप्त किए जाते हैं। इस पूरी प्रक्रिया को कंकरेंट आडिट कहा जाता है।

    बीएलए के सत्यापन एवं हस्ताक्षर के उपरांत ही ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की जाती है। यह व्यवस्था मतदाता सूची निर्माण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाती है।

    भारत निर्वाचन आयाेग कर रहा है इंटरनेशनल आइडीईए की अध्यक्षता

    मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि भारतीय निर्वाचन प्रणाली की विश्वभर में विश्वसनीयता है और अनेक देशों के प्रतिनिधिमंडल इसकी कार्यप्रणाली का अध्ययन करने भारत आते हैं।

    देश के लगभग 95 करोड़ मतदाताओं में से 60 करोड़ मतदाताओं का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जबकि शेष लगभग 35 करोड़ मतदाताओं का पुनरीक्षण कार्य प्रगति पर है।

    विश्व के 35 सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों के निर्वाचन प्रबंधन संस्थानों के समूह इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फार डेमोक्रेसी एंड इलेक्टोरल असिस्टेंस (इंटरनेशनल आइडीईए) की अध्यक्षता वर्तमान में भारत निर्वाचन आयोग कर रहा है।

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