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    ट्रेनों में 25% चोरियां कर रहे कोच अटेंडेंट, जज के रिश्तेदार का बैग चोरी होने पर खुला बड़ा सच

    Updated: Thu, 02 Jul 2026 11:54 PM (GMT+05:30)

    प्रयागराज से मुरादाबाद आ रही नौचंदी एक्सप्रेस में एक न्यायाधीश के रिश्तेदार का लाखों का बैग चोरी हो गया, जिसमें हीरे-सोने के गहने और नकदी थी। जांच में ...और पढ़ें

    नौचंदी एक्सप्रेस में शौचालय की बिजली के पैनल के पेच खुलवाकर चोरी की गई रकम निकलता कोच

    नौचंदी एक्सप्रेस में शौचालय की बिजली के पैनल के पेच खुलवाकर चोरी की गई रकम निकलता कोच

    HighLights

    1. प्रयागराज के न्यायाधीश के रिश्तेदार का कोच अटेंडेंट ने किया था बैग चोरी

    2. कोच अटेंडेंट ने ट्रेन के शौचालय के बिजली पैनल में छिपाई थी चोरी रकम

    जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। प्रयागराज से नौचंदी एक्सप्रेस (14241) में सफर कर रहे हाईकोर्ट के एक न्यायाधीश के रिश्तेदार रामनगर में बेटी की शादी में शामिल होने के लिए मुरादाबाद उतरे थे। एच-1 कोच की सीट पर छूटे उनके बैग से करीब 12 लाख रुपये मूल्य के हीरे, सोने के गहने और 10,101 रुपये नकद चोरी करने के मामले ने ट्रेनों में होने वाली चोरी का एक बड़ा सच उजागर कर दिया है।

    एसपी रेल आशुतोष शुक्ल के अनुसार ट्रेनों में होने वाली करीब 25 प्रतिशत चोरी की घटनाओं में प्राइवेट एजेंसियों द्वारा रखे गए कोच अटेंडेंट की संलिप्तता रहती है। जिससे कोच में हम और आप सफर कर रहे हैं, उसका कोच अटेंडेंट भी आपके सामान पर निगाह रखे हुए हैं।

    आरोपित कोच अटेंडेंट ने नकदी एसी कोच के शौचालय की छत में बिजली पैनल के पेच खोलकर छिपा दी थी, जबकि गहने मुरादाबाद जंक्शन के पास रेलवे ट्रैक के किनारे पत्थरों के बीच दबा दिए थे।

    27 जून को प्रयागराज से नौचंदी एक्सप्रेस के एच-1 कोच की सीट संख्या 15 पर यात्रा कर रहे योगेश नारायण की पत्नी रितिका सिंह अपना बैग ट्रेन में ही भूल गई थीं। दंपती मुरादाबाद उतरकर रामनगर में न्यायाधीश की बेटी की शादी में शामिल होने चले गए।

    होटल पहुंचने पर पहचान पत्र की जरूरत पड़ी तो बैग ट्रेन में छूटने का पता चला। इसके बाद जीआरपी में मुकदमा दर्ज कराया गया। जांच के दौरान पुलिस ने उसी कूपे में यात्रा करने वाले अन्य यात्रियों से संपर्क किया। सभी यात्रियों ने बैग के बारे में जानकारी होने से इनकार कर दिया।

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    इसके बाद जांच का शक कोच अटेंडेंट पर गया। एक जुलाई को जब आरोपी अटेंडेंट दोबारा नौचंदी एक्सप्रेस के साथ मुरादाबाद पहुंचा तो उससे पूछताछ की गई। पहले उसने घटना से इनकार किया, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर चोरी स्वीकार कर ली। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर पूरी बरामदगी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

    चार महीने पहले चंदौसी में भी सामने आया था ऐसा मामला

    एसपी रेल आशुतोष शुक्ल ने बताया कि एसी कोच अटेंडेंट की जिम्मेदारी यात्रियों के उतरने के बाद बेडरोल समेटने की होती है। यदि किसी यात्री का बैग या पर्स छूट जाता है तो उसे तत्काल टीटीई, जीआरपी या आरपीएफ को सौंपना चाहिए।

    उन्होंने बताया कि ट्रेनों में होने वाली करीब 25 प्रतिशत चोरी की घटनाओं में कोच अटेंडेंट की भूमिका सामने आती है। चार महीने पहले चंदौसी में सत्याग्रह एक्सप्रेस में भी कोच अटेंडेंट की संलिप्तता का मामला सामने आया था। एसपी रेल ने कहा कि इस तरह के मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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