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    मौत के मुंह से खींच लाए जिंदगी; डिलारी में तेंदुए ने किसान की गर्दन दबोची, 3 दोस्तों ने दरांती से यूं बचाई जान

    Updated: Wed, 05 Aug 2026 07:03 PM (IST)

    डिलारी के मलकपुर सेमली गांव में तेंदुए ने खेत में चारा काट रहे किसान बाबू पर हमला कर दिया और उसे घसीटने लगा। साथी समीर, शमशेर और रईस ने दरांती से तेंद ...और पढ़ें

    अस्‍पताल में भर्ती क‍िसान बाबू

    अस्‍पताल में भर्ती क‍िसान बाबू

    HighLights

    1. समीर, शमशेर और रईस के दरांती से हमला करके मुकाबला करने पर भागा

    संवाद सूत्र, डिलारी (मुरादाबाद)। ठाकुरद्वारा और डिलारी के रामगंगा खादर क्षेत्र में तेंदुए का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। लालापुर पीपलसाना में महिला संतोष देवी की जान लेने के दो दिन बाद बुधवार सुबह मलकपुर सेमली गांव में तेंदुए ने खेत में चारा काट रहे किसान पर हमला कर दिया। तेंदुआ किसान को घसीटकर झाड़ियों की ओर ले जाने लगा, लेकिन साथ मौजूद तीन दोस्तों ने दरांती लेकर उसका मुकाबला किया और घायल किसान की जान बचा ली। घायल का जिला अस्पताल में इलाज हो रहा है।

    गांव मलकपुर सेमली निवासी किसान बाबू बुधवार सुबह करीब पौने सात बजे अपने साथी समीर, शमशेर और रईस के साथ रामगंगा खादर स्थित किसान शमीम अहमद के गन्ने के खेत में पशुओं के लिए हरा चारा लेने गया था। सभी लोग खेत में पत्तियां काट रहे थे।

    इसी दौरान झाड़ियों में छिपा तेंदुआ अचानक निकला और बाबू की गर्दन व कंधे पर पंजों से हमला कर उसे जमीन पर गिरा दिया। इसके बाद वह बाबू को घसीटते हुए खेत के भीतर ले जाने लगा।

    बाबू की चीख-पुकार सुनकर उसके साथियों ने जान की परवाह किए बिना हाथों में मौजूद दरांती लेकर तेंदुए पर हमला बोल दिया। कुछ देर तक तेंदुए और ग्रामीणों के बीच संघर्ष चलता रहा। आखिरकार तीनों के लगातार वार और शोर-शराबे से तेंदुआ बाबू को छोड़कर गन्ने और झाड़ियों की ओर भाग निकला।

    इसके बाद घायल बाबू को साथी गांव लेकर पहुंचे। खून से लथपथ बाबू को देखकर पत्नी इशरत जहां और अन्य स्वजन घबरा गए। खेत गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर होने के कारण घायल को घर तक लाने में समय लगा।

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    करीब एक घंटे बाद पहुंची 108 एंबुलेंस से बाबू को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डिलारी ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना स्थल पर वन विभाग की टीम भी पहुंची। टीम ने घटना स्थल के आसपास के क्षेत्र में पिंजरा लगाने के साथ तेंदुए की तलाश शुरू कर दी है।

    हालांकि लगातार हमलों के बावजूद तेंदुए के पकड़ में नहीं आने से ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्राम प्रधान अशरफ अली ने बताया कि रामगंगा खादर के गांवों में कई वर्षों से तेंदुओं की मौजूदगी बनी हुई है। अब तक दर्जनों लोगों पर हमले हो चुके हैं और सैकड़ों पालतू पशु तेंदुओं का शिकार बन चुके हैं।

    उनका कहना है कि ग्रामीण लगातार प्रभावी कार्रवाई की मांग करते रहे हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकल सका है। लगातार दूसरी बड़ी घटना के बाद खादर क्षेत्र के गांवों में भय का माहौल है। ग्रामीण रातभर टोली बनाकर पहरा दे रहे हैं। महिलाएं और बुजुर्ग अकेले खेतों की ओर जाने से बच रहे हैं।

    कई बच्चों ने स्कूल जाना छोड़ दिया है, जबकि कुछ परिवार सुरक्षा के डर से रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से तेंदुए को जल्द पकड़ने, गश्त बढ़ाने तथा प्रभावित परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। डीएफओ डा. विनय कुमार सिंह का कहना है कि मलकपुर सेमली गांव में पिंजरा लगवा दिया है। तेंदुए की तलाश के लिए टीम भी लगी है।

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