बेबाक और निर्भीक कार्यशैली की छाप छोड़ गए IAS आंजनेय कुमार सिंह, आजम खां से चर्चा में आए… अब छुट्टी
आंजनेय कुमार सिंह की प्रतिनियुक्ति समाप्त होने के बाद संगीता सिंह मुरादाबाद की नई कमिश्नर बनीं। आंजनेय कुमार सिंह ने साढ़े पांच साल के कार्यकाल में अपनी बेबाक और निर्भीक कार्यशैली से मुरादाबाद में गहरी छाप छोड़ी।

HighLights
आंजनेय कुमार सिंह का साढ़े पांच साल का कार्यकाल समाप्त।
संगीता सिंह मुरादाबाद मंडल की नई कमिश्नर नियुक्त।
बेबाक और निर्भीक कार्यशैली से विकास कार्यों को गति दी।
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। 14 अगस्त के बाद से कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह की प्रतिनियुक्ति को लेकर चल रही अटकलों पर रविवार रात विराम लग गया। संगीता सिंह के रूप में मुरादाबाद मंडल को नई कमिश्नर मिल गईं। आंजनेय कुमार सिंह का बीते साल सातवीं बार कार्यकाल बढ़ा था, जिसकी अंतिम तिथि 14 अगस्त की थी। 14 अगस्त तक काम कर वह छुट्टी पर चले गए थे।
आंजनेय कुमार सिंह, बतौर कमिश्नर अपने साढ़े पांच साल के कार्यकाल में वह बेबाक और निर्भीक कार्यशैली की छाप छोड़ गए। उन्होंने कभी दबाव नहीं माना। विकास कार्य और फरियादियों की सुनवाई उनकी हमेशा पहली प्राथमिकता रही।
कौन हैं आंजनेय कुमार सिंह?
कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह 2005 बैच के सिक्किम कैडर के आईएएस अफसर हैं। सिक्किम कैडर से प्रदेश में प्रतिनियुक्ति पर उन्हें लाया गया था। प्रदेश में प्रतिनियुक्ति पर आने के बाद वह फतेहपुर, बुलंदशहर व मुरादाबाद मंडल के ही रामपुर जनपद के डीएम बने।
पांच साल की प्रतिनियुक्ति पर प्रदेश आए कमिश्नर का बतौर रामपुर डीएम रहते साल 2020 में पहली बार एक साल की प्रतिनियुक्ति बढ़ी। फिर वह छह मार्च 2021 को मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर बने। साल 2021 में दूसरी बार एक साल के लिए फिर प्रतिनियुक्ति बढ़ी।
2022 में तीसरी व 2023 में चौथी बार प्रतिनियुक्ति बढ़ाई गई। साल 2024 में छह-छह माह के लिए दो बार प्रतिनियुक्ति बढ़ी। लगातार छह बार प्रतिनियुक्ति बढ़ने के बाद के बाद 2025 में सातवीं बार 14 अगस्त 2026 तक प्रतिनियुक्ति बढ़ी, जो प्रशासनिक नियमों में दुर्लभ मिसाल बना।
कार्यकाल में कोरोना महामारी के दौरान मंडल के जनपदों में उनके नेतृत्व में किए गए कार्यों, विकास कार्यों, फरियादियों की सुलभ जनसुनवाई ने नजीर पेश की। मंडल के गजेटियर से लेकर जिला और ग्राम्य गजेटियर ने उनके विजन को दर्शया।
उनके नेतृत्व में ही इस साल बुद्धि विहार स्थित गांधी मैदान में राष्ट्रीय स्तर के उदीषा साहित्योउत्सव कार्यक्रम का आयोजन हुआ। प्रशासनिक कार्यकुशलता के साथ-साथ उन्होंने शानदार व्यक्तित्व की छवि मुरादाबाद मंडल के लोगों में छोड़ी। कमिश्नरी की कुर्सी की ताकत से मंडलवासी रूबरू हुए। कुल मिलाकर आंजनेय बतौर कमिश्नर लंबी लकीर खींच गए।
सर्वाधिक साढ़े पांच साल एक ही कमिश्नरी के कमिश्नर का रिकार्ड
कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह ने छह मार्च 2021 को मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर के रूप में कार्यभार गृहण किया था। मतलब करीब साढ़े पांच से वह मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर रहें। इस रिकार्ड के साथ वह पहले ऐसे आईएएस अफसर बनें जिन्होंने एक ही कमिश्नरी में बतौर कमिश्नर इतनी लंबी सेवाएं दीं। प्रदेश में अन्य किसी सीनियर आईएएस अफसर के खाते में यह रिकार्ड नहीं है।
आजम खां से चर्चा में आए, उन्हीं की कोर्ट में पहुंचा जौहर विश्वविद्यालय का मामला
कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह रामपुर के डीएम रहे। इसी दौरान सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां पर कार्रवाई से वह चर्चा में आए। आजम खां के ही रामपुर स्थित जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण आदेश प्रकरण की उनके ही कोर्ट में सुनवाई चल रही है। मतलब विश्वविद्यालय का भाग्य भी उन पर आकर टिका, लेकिन अब नवागत कमिश्नर पर सभी की निगाहें हैं।
2009 बैच की आईएएस अफसर हैं नवागत कमिश्नर
मूलरूप से इटावा की रहने वाली संगीता सिंह 2009 बैच की आईएएस अधिकरी हैं। मुरादाबाद स्थानांतरण से पहले वह जनवरी 2025 से अलीगढ़ की मंडलायुक्त रहीं। इससे पूर्व वह सुल्तानपुर में बतौर जिलाधिकारी प्रशासनिक सेवाएं दे चुकी हैं। ‘आयुष्मान भारत: जन आरोग्य योजना’ में मुख्य कार्यपालक अधिकारी के पद पर कार्यरत रही हैं।
