Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Kundarki By Election: उपचुनाव को लेकर कुंदरकी सीट पर सपा-कांग्रेस में खींचतान! अपने-अपने दावे कर रहे पार्टी नेता

    Updated: Sat, 12 Oct 2024 01:50 PM (IST)

    Kundarki By Election Latest News यूपी में दस विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है। अभी चुनाव की तारीखाें की घाेषणा नहीं हुई है। लेकिन इसके बावजूद यहां स ...और पढ़ें

    यूपी की दस उपचुनाव सीटों में कुंदरकी की सीट भी शामिल है।
    यूपी की दस उपचुनाव सीटों में कुंदरकी की सीट भी शामिल है।

    HighLights

    1. भाजपा की रणनीति भी बनी कारण, कांग्रेस भी कराने जा रही संविधान बचाओ सम्मेलन
    2. माना जा रहा है कि आंतरिक खींचतान के चलते देरी हो रही है

    जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव की घोषणा में बहुत अधिक समय नहीं रहा गया है। लेकिन अभी तक किसी भी राजनीतिक दल की ओर से प्रत्याशी के नाम की घोषणा नहीं की गई है। सपा की ओर प्रदेश में दस विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उपचुनाव के लिए छह सीटों पर प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर दी है। लेकिन, कुंदरकी सहित चार सीटों पर नाम घोषित नहीं किए हैं। वहीं, कांग्रेस अपनी ताल अलग ठोक रही है, जबकि कुंदरकी सीट पर भाजपा के साथ रालोद भी दावेदारी कर रहे हैं। सीट किसके खाते में जाएगी, अभी इसकी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

    कुंदरकी से विधायक रहे जियाउर्रहमान बने हैं सांसद

    समाजवादी पार्टी के कुंदरकी से विधायक रहे जियाउर्रहमान के संभल लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने जाने के बाद से सीट रिक्त हुई थी। इस सीट पर होने वाले उप चुनाव के लिए सपा अपनी तैयारी में जुटी हुई है। कांग्रेस के साथ चल रहे गठबंधन की स्थिति स्पष्ट नहीं है।

    सपा का दावा, सीट पर रहा पार्टी का एमएलए, प्रत्याशी भी उनका होना चाहिए

    सपा का दावा कि सीट पार्टी से विधायक रहा है तो उनका ही प्रत्याशी को ही टिकट मिलना चाहिए। वहीं, कांग्रेस भी इस सीट पर अपना उम्मीदवार उतारे जाने की संभावनाओं को लेकर तैयारी कर रही है। सपा की ओर से टिकट के प्रमुख दावेदारों में पूर्व सांसद डा. एसटी हसन, पूर्व विधायक हाजी रिजवान, संभल के सांसद के पिता अकीलुर्रहान, अनीस पाशा, राबुल पाशा, संभल के पूर्व जिलाध्यक्ष फिरोज खां, नावेद खां, मुहम्मद मारूफ आदि शामिल हैं। संभल सांसद जियाउर्रहमान भी इस सीट पर अपने परिवार के सदस्य को टिकट दिलाने में जुटे हुए हैं। ऐसे पार्टी के सामने दुविधा की स्थिति बन रही है। नाम घोषित होने के बाद विरोध की स्थिति बन सकती है।

    भाजपा प्रत्याशी के नाम पर टिकी नजरें

    हालांकि, पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि अभी भाजपा के प्रत्याशी की घोषणा के बाद नाम घोषित किया जा सकता है। देखना यह है कि टिकट भाजपा का प्रत्याशी उतरता है या रालोद को टिकट दी जाएगी। उसके अनुरूप अपनी रणनीति के अनुसार प्रत्याशी उतारा जाएगा।

    खबरें और भी

    सपा जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह यादव का कहना है, कि यह तय है कि कुंदरकी सीट पर सपा का ही प्रत्याशी चुनाव लड़ेगा। पार्टी अपनी तैयारी में जुटी है। अभी भी कांग्रेस के साथ गठबंधन की पूरी संभावना है। राष्ट्रीय अध्यक्ष जिसका भी नाम घोषित करेंगे, उसे ही चुनाव जिताने के लिए संगठन और कार्यकर्ता जुट जाएंगे। 

    ये भी पढ़ेंः अकेले रह रहे बुजुर्गों के लिए IPS Anurag Arya की पहल; 10 मिनट में पुलिस पहुंचेगी घर, नवाबगंज थाने के दारोगा सस्पेंड

    ये भी पढ़ेंः कब्र पर तंत्र क्रिया की और ले गए सिर: सट्टे का नंबर जानने के लिए काटी कारी की खोपड़ी, दो तांत्रिक गिरफ्तार

    कांग्रेस भी जुटी तैयारी में

    कांग्रेस ने भी चुनाव को लेकर तैयारी तेज कर दी है। पार्टी की स्थानीय इकाई अकेले चुनाव लड़ने के लिए दमखम दिखा रही है। कांग्रेस की ओर से पर्यवेक्षक और प्रभारी भी मुरादाबाद भेजे गए है। टिकट के दावेदारों से बायोडाटा भी ले लिए गए हैं। 15 से अधिक नेता दावेदारी कर रहे हैं। पार्टी के स्थानीय नेताओं का मानना है कि गठबंधन होने की स्थिति में यह सीट कांग्रेस को मिलनी चाहिए। मुस्लिम बहुल सीट पर कांग्रेस की स्थिति सपा की तुलना में कहीं अधिक मजबूत है। कांग्रेस नेता के नेता मानकर चल रहे हैं कि गठबंधन की संभावना नहीं के बराबर है। इसलिए तैयारी तेज कर दी गई हैं। पार्टी 17 अक्टूबर को कुंदरकी में संविधान बचाओ सम्मेलन होने वाला है। सम्मेलन से बहुत कुछ स्पष्ट होगा।

    मुस्लिम मतदाताओं पर नजर

    कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या सर्वाधिक है। क्षेत्र में लगभग 63 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता है। ऐसे में सपा का समीकरण पीडीए के साथ इस सीट पर बिल्कुल सटीक बैठता है। वहीं कांग्रेस भी मुस्लिम बहुल होने के कारण ही दावेदारी कर रही है। गठबंधन नहीं होने की दशा में कांग्रेस अपना प्रत्याशी उतारती है तो मुकाबला त्रिकोणीय होने से राेमांचक हो जाएगा। हालांकि, कुंदरकी नगर पंचायत सीट पर एआईएमआईएम की प्रत्याशी जीत दर्ज कर अध्यक्ष बन चुकी हैं। ऐसे में एआईएमआईएम की निर्णय भी महत्वपूर्ण हो जाएगा।