पुलिस चौकी फूंकने और कारतूस लूटने के आरोपियों को मिला था 'सियासी कवच', अब होगा इंसाफ!
मुरादाबाद के मैनाठेर प्रकरण में सपा सरकार के दौरान एक मुकदमा वापस लिया गया था और तीन में एफआर लगी थी, जिससे आरोपियों को 'सियासी कवच' मिला। पुलिस चौकी ...और पढ़ें

फरार दोषी फिरोज पुलिस हिरासत में। सौ. पुलिस
HighLights
तीन मुकदमों में पुलिस ने लगाई थी एफआर, एक में कोर्ट ने आरोपित को कर दिया था दोषमुक्त
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। मैनाठेर बवाल में आरोपितों को प्रदेश में सत्ता बदलते ही नेताओं का संरक्षण मिलना शुरू हो गया था। एक ही दिन में तीन मुकदमों में एफआर लगने के अलावा सपा सरकार ने एक मुकदमा वापस भी लिया था। इस मुकदमे में पुलिस ने 28 नामजद आरोपित बनाए थे।
मुकदमा कोर्ट में शुरू ही हुआ था कि बाद उसे सरकार वापस ले लिया था। यह मुकदमा डींगरपुर चौकी इंचार्ज उपदेश कुमार के शिकायती पत्र पर दर्ज हुआ था। जिसमें आरोप लगाया था कि आरोपितों ने चौकी में घुसकर आगजनी करते हुए तोड़फोड़ की और कारतूस के अलावा अन्य सामान लूट लिया था।
जिस मुकदमे को सपा सरकार ने वापस लिया था। उसमें पुलिस ने युनूस, अली कुरैशी, आसिम, नन्हू हलवाई, आसिफ, रियाजुल, मुजाहिद, इमरान, फुरकान बुद्धा, वाहिद, कासिम, हासिम, हासिम, नाजिम, आफरोज, अलीसैन, फिदा हुसैन, अब्दुल सईद, भूरा, रहीसुल, शमीम, विरासत, बब्बू, जहाने आलम, छिद्धा, आमिर रजा, हाजी रहीश, जहीर को नामजद करते हुए 300 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी लिखी थी।
इसके बाद पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई थी। इसके बाद वर्ष 2012 में सपा की सरकार बन गई। गुरुवार को एक पत्र इंटरनेट मीडिया पर प्रकाशित हो रहा है।
यह पत्र विशेष सचिव उत्तर प्रदेश शासन जेपी सिंह के द्वारा जारी किया गया था। पत्र के माध्यम से इस मुकदमे को सरकार ने वापस ले लिया था। इसके बाद कोर्ट ने भी सभी आरोपितों को दोषमुक्त करते हुए केस बंद कर दिया था। वहीं सपा सरकार बनने के बाद तीन मुकदमों में एफआर भी लगी थी।
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अब शनिवार को आएगा मैनाठेर प्रकरण में कोर्ट का फैसला
मैनाठेर प्रकरण में 23 मार्च को कोर्ट ने 16 आरोपितों को दोषी करार दिया था। कोर्ट को 27 मार्च को सजा सुनानी थी, लेकिन अब शुक्रवार को रामनवमी का अवकाश है। ऐसे में अब कोर्ट शनिवार को अपना फैसला सुनाएगी।
23 मार्च को एडीजे दो कोर्ट ने कोर्ट ने मंजूर अहमद निवासी डींगरपुर, मोहम्मद अली, हाशिम निवासी ललवारा मैनाठेर, मोहम्मद कमरुल, मोहम्मद मुजीफ निवासी मसेबी रसूलपुर मैनाठेर, मोहम्मद यूनुस, रिजवान निवासी लालपुर मैनाठेर, अम्बरीश निवासी शाहपुर चामरान, कासिम निवासी परियावली असमोली संभल को दोषी करार दिया था।
इनके अलावा मोहम्मद मोबीन उर्फ मोहम्मद मोहसिन निवासी बरखेड़ा डिडौली अमरोहा, मोहम्मद मुजीब, तहजीब आलम निवासी असदपुर मैनाठेर, जाने आलम निवासी मिलक नवाब मैनाठेर, फिरोज निवासी ताहरपुर मैनाठेर और मोहम्मद नाजिम निवासी असदपुर मैनाठेर को दोषी ठहराया था। इन सभी को 27 मार्च को सजा सुनाई जानी थी, लेकिन शुक्रवार को अवकाश होने के चलते अब सजा शनिवार को सुनाई जाएगी।
फरार चल रहे दोषी को पुलिस ने किया गिरफ्तार
मैनाठेर प्रकरण में 23 मार्च को सुनवाई के दौरान दो आरोपित पेश नहीं हुए थे। कोर्ट ने 16 को दोषी करार दिया था। इसके बाद पुलिस दोनों फरार दोषियों की तलाश में थी। 24 मार्च को एक दोषी ने अदालत में सरेंडर कर दिया था। गुरुवार को पुलिस ने एक अन्य दोषी फिरोज को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया।