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    आंगनबाड़ी भर्ती पर ब्रेक! 100 महिलाओं के एड्रेस का फंसा पेंच, जांच के बाद ही मिलेंगी नौकरियां

    Updated: Mon, 27 Jul 2026 10:47 PM (IST)

    मुरादाबाद में 263 आंगनबाड़ी सहायिका पदों की भर्ती निवास प्रमाण पत्रों की जांच के कारण रुक गई है। अब तक केवल 85 महिलाओं को नियुक्ति मिली है, जबकि लगभग ...और पढ़ें

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    1. 263 पदों की भर्ती में अब तक सिर्फ 85 को मिली नियुक्ति

    जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। शहर की आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती अब दस्तावेजों के जाल में उलझ गई है। जिन महिलाओं को जल्द नियुक्ति मिलने की उम्मीद थी, उनकी राह अब निवास प्रमाण पत्रों की जांच ने रोक दी है। विभागीय जांच में करीब 100 अभ्यर्थियों के निवास प्रमाण पत्रों और पते को लेकर संदेह जताया गया है। यही वजह है कि भर्ती प्रक्रिया लगभग ठहर गई है। अब तक केवल 85 महिलाओं को ही नियुक्ति मिल सकी है, जबकि बाकी अभ्यर्थियों को जांच पूरी होने का इंतजार करना पड़ रहा है।

    मुरादाबाद नगर में आंगनबाड़ी सहायिकाओं के 263 पदों पर भर्ती निकाली गई थी। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद दस्तावेजों की जांच शुरू हुई तो कई आवेदन संदेह के घेरे में आ गए। आरोप है कि कुछ महिलाओं ने शहरी क्षेत्र में भर्ती का लाभ लेने के लिए अपने वास्तविक निवास की बजाए दूसरे पते के आधार पर प्रमाण पत्र बनवाकर आवेदन कर दिया।

    विभाग को जब इस पर संदेह हुआ तो संबंधित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का दोबारा सत्यापन शुरू करा दिया गया। कई स्तर पर जांच कराई जा चुकी है, लेकिन अभी तक सभी मामलों में स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। इसी कारण विभाग कोई जोखिम लेने के बजाए अंतिम निर्णय जांच रिपोर्ट आने के बाद ही करना चाहता है।

    अधिकारियों का कहना है कि यदि बिना सत्यापन नियुक्तियां कर दी गईं और बाद में गड़बड़ी सामने आई तो पूरी भर्ती प्रक्रिया विवादों में घिर सकती है। जिला कार्यक्रम अधिकारी शैलेंद्र राय का कहना है कि नगर क्षेत्र की भर्ती में सबसे अधिक देरी हुई है। इसका प्रमुख कारण आवेदन करने वाली महिलाओं के निवास संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन है।

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    करीब 100 अभ्यर्थियों के पते की पुष्टि नहीं हो पा रही है, इसलिए नियुक्ति प्रक्रिया रोकनी पड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भर्ती में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच में यदि कोई अभ्यर्थी अपात्र पाया जाता है या दस्तावेज गलत मिलते हैं तो उसका आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा।

    78 पदों के लिए पात्रों के आवेदन ही नहीं मिले

    डीपीओ ने बताया कि नगर क्षेत्र में 263 पदों में से 78 पद ऐसे हैं जिन पर किसी पात्र महिला ने आवेदन ही नहीं किया। इससे इन पदों को फिलहाल खाली छोड़ना पड़ा है। दूसरी ओर करीब 100 पद दस्तावेजी विवाद में फंस गए हैं। यानी आधे से अधिक पदों पर अभी तक नियुक्तियां पूरी नहीं हो सकी हैं।

    नगर परियोजना की सीडीपीओ जानकी देवी को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम की तैयारियां करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने नगर विधायक रितेश कुमार गुप्ता और महापौर विनोद अग्रवाल को कार्यक्रम में आमंत्रित करने के निर्देश भी दिए हैं।

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