मुरादाबाद-हापुड़ हाईवे बनेगा एक्सेस कंट्रोल्ड: नई सर्विस लेन से सुरक्षित होगा सफर, अनधिकृत एंट्री पर कटेगा ऑटोमैटिक चालान
मुरादाबाद-हापुड़ राष्ट्रीय राजमार्ग को एक्सेस कंट्रोल्ड बनाने की तैयारी है, जिसके लिए नई सर्विस रोड बनेगी और स्थानीय यातायात अलग किया जाएगा। इससे सड़क ...और पढ़ें

मुरादाबाद का दिल्ली रोड जागरण
HighLights
छह लेन हाईवे के साथ बनेगी नई सर्विस रोड, डीपीआर बनाने का काम शुरू
मौजूदा सर्विस लेन बनेगी मुख्य हाईवे का हिस्सा, लोकल ट्रैफिक होगा अलग
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मुरादाबाद से हापुड़ के बीच सफर जल्द ही पूरी तरह बदलने वाला है। आए दिन होने वाले सड़क हादसों और अनियंत्रित लोकल ट्रैफिक पर लगाम लगाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने इस पूरे खंड को एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे में बदलने की तैयारी शुरू कर दी है।
इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है। योजना लागू होने के बाद मुरादाबाद से हापुड़ तक का मौजूदा छह लेन हाईवे पूरी तरह नियंत्रित प्रवेश वाला मार्ग बन जाएगा, जहां केवल निर्धारित स्थानों से ही वाहनों को प्रवेश और निकास मिलेगा।
परियोजना के तहत वर्तमान सर्विस लेन के समानांतर एक नई सर्विस रोड बनाई जाएगी। इसके बाद अभी की सर्विस लेन को मुख्य हाईवे में शामिल कर दिया जाएगा। नई सर्विस रोड पर दोपहिया, ई-रिक्शा, ट्रैक्टर, स्थानीय कारें और आसपास के गांवों का यातायात चलेगा, जबकि मुख्य हाईवे पर केवल लंबी दूरी और तेज रफ्तार वाले वाहन ही दौड़ सकेंगे।
इससे लोकल और हाई-स्पीड ट्रैफिक पूरी तरह अलग हो जाएगा। दरअसल, मुरादाबाद से हापुड़ के बीच कई स्थानों पर लोगों ने अपनी सुविधा के लिए अनधिकृत कट बना लिए थे। इन कटों से अचानक वाहन हाईवे पर चढ़ जाते थे, जिससे आए दिन गंभीर हादसे होते रहे। टीएमयू के सामने भी ऐसी ही स्थिति लंबे समय तक बनी रही।
खबरें और भी
वहां कई छात्र-छात्राओं की सड़क दुर्घटनाओं में मौत के बाद एनएचएआई ने डिवाइडर पर ऊंची एंगल लगाकर अनधिकृत आवाजाही रोक दी है। इसी माडल को अब पूरे मुरादाबाद-हापुड़ खंड पर कई स्थानों पर लागू किया। इसके बाद भी खतरा बना रहता है। इसलिए एक्सेस कंट्रोल्ड व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। इसके बाद किसी को भी हाईवे पर कहीं से भी सीधे प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
केवल निर्धारित इंटरचेंज और एंट्री-एग्जिट प्वाइंट से ही वाहन मुख्य मार्ग पर आ-जा सकेंगे। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी सख्ती होगी। हाईवे पर आटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) प्रणाली लगाई जाएगी, यदि कोई वाहन अनधिकृत तरीके से एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे में प्रवेश करेगा तो उसका स्वतः ई-चालान जारी हो जाएगा।
इस योजना का सबसे बड़ा लाभ सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में मिलेगा। अनधिकृत कट समाप्त होने से अचानक सामने आने वाले वाहनों का खतरा कम होगा। लोकल और धीमी गति वाले वाहन मुख्य हाईवे से हटने के कारण तेज रफ्तार यातायात बिना रुकावट संचालित होगा।
इससे बार-बार ब्रेक लगाने की नौबत नहीं आएगी, औसत यात्रा गति बढ़ेगी और मुरादाबाद से हापुड़ के बीच सफर पहले की तुलना में अधिक तेज, सुरक्षित और आरामदायक होगा। साथ ही ट्रैफिक जाम की समस्या भी काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।
डीपीआर तैयार होने के बाद नई सर्विस रोड के लिए आवश्यक भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। एनएचएआइ का मानना है कि यह परियोजना दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग के इस महत्वपूर्ण हिस्से पर सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की दिशा में बड़ा बदलाव साबित होगी।
मुरादाबाद-हापुड़ खंड को एक्सेस कंट्रोल्ड बनाने के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है। योजना के तहत नई सर्विस रोड विकसित होगी और स्थानीय यातायात को उसी पर स्थानांतरित किया जाएगा। इससे मुख्य हाईवे पर केवल हाई-स्पीड ट्रैफिक चलेगा। उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना, यात्रा को अधिक सुरक्षित बनाना और यातायात को निर्बाध रूप से संचालित करना है।
- अरविंद कुमार, परियोजना अधिकारी, एनएचएआई, मुरादाबाद
यह भी पढ़ें- मुरादाबाद: एसएसपी दफ्तर में महिला ने छिड़का पेट्रोल, कथित पत्रकारों की ब्लैकमेलिंग और पुलिस पर लगाया यह गंभीर आरोप