GJU LLB Result: एलएलबी में 90% छात्र फेल, दोबारा मूल्यांकन की मांग को लेकर यूनिवर्सिटी में 4 घंटे तक भारी हंगामा
एलएलबी प्रथम सेमेस्टर में 90% छात्रों के फेल होने पर मुरादाबाद में छात्रों ने गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय कार्यालय पर चार घंटे तक हंगामा किया। छात्र उ ...और पढ़ें

गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में धरने पर बैठे एलएलबी विद्यार्थियों को समझाते कुल सचिव गिरीश चंद द्विवेदी।जागरण
HighLights
आठ किमी पैदल मार्च करके विश्वविद्यालय कार्यालय पहुंचे, नारेबाजी
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। एलएलबी के प्रथम सेमेस्टर में करीब 90 प्रतिशत विद्यार्थियों के फेल होने पर छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। सोमवार को केजीके कालेज के एलएलबी प्रथम सेमेस्टर के छात्र करीब आठ किमी पैदल मार्च कर गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के राजकीय पालीटेक्निक परिसर स्थित अस्थायी कार्यालय पहुंचे। दोपहर 12 बजे से 3:45 बजे तक छात्र विश्वविद्यालय कार्यालय में डटे रहे और जमकर नारेबाजी की।
कई बार हंगामे की स्थिति बनी लेकिन पुलिस ने स्थिति को संभाल लिया। छात्रों का कहना था कि 90 प्रतिशत से अधिक छात्रों को फेल करना सामान्य बात नहीं हो सकती। विश्वविद्यालय उत्तर पुस्तिकाएं दिखाने को कह रहा है, जबकि छात्र समिति बनाकर दोबारा मूल्यांकन कराने की मांग कर रहे हैं।
धरने का नेतृत्व कर रहे शिवम राठी और सचिन चौधरी ने कहा कि बड़ी संख्या में छात्रों का एक साथ चार-चार और पांच-पांच विषयों में फेल होना मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है। कई बार ज्ञापन देने के बावजूद विश्वविद्यालय दोबारा मूल्यांकन को तैयार नहीं है।
छात्रों ने कहा कि अगर दूसरे सेमेस्टर में भी बैक आई तो उनका पूरा शैक्षणिक वर्ष प्रभावित होगा और दोबारा परीक्षा शुल्क व अन्य खर्च का आर्थिक बोझ बढ़ जाएगा। प्रदर्शन में केजीके कालेज के अलावा न्यू सैनिक स्कूल कुंदरकी और अब्दुल रज्जाक ला कालेज अमरोहा के करीब 50 से 60 छात्र-छात्राएं शामिल हुए।
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कुलसचिव गिरीश द्विवेदी ने पहले छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र कुलपति को बाहर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। विरोध बढ़ने पर कुलपति प्रो.सचिन माहेश्वरी स्वयं बाहर आए और कहा कि पुनर्मूल्यांकन का प्रविधान नहीं है।
मगर, इच्छुक छात्रों को निश्शुल्क उत्तर पुस्तिका दिखाई जाएंगी। आठ जुलाई तक कालेजों से ऐसे छात्रों की सूची मांगी गई है। छात्रों ने ज्ञापन की रिसीविंग को लेकर भी विरोध किया। विश्वविद्यालय की मुहर लगी रिसीविंग मिलने के बाद ही वे शांत हुए।
कुलपति बाहर नहीं आए तो बंद किया कार्यालय का चैनल
कुलपति के चैंबर से बाहर नहीं आने पर छात्रों ने कार्यालय का चैनल भी बंद कर दिया, जिसे पुलिस ने समझाकर खुलवाया। बाद में कुलपति प्रो. सचिन माहेश्वरी बाहर आए, ज्ञापन लिया, लेकिन दोबारा मूल्यांकन से साफ इन्कार कर दिया। कई बार छात्र चैनल के रास्ते कुलपति के चैंबर तक पहुंचने का प्रयास करते रहे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
कालेज की व्यवस्थाओं पर भी उठाए सवाल
ज्ञापन में छात्रों ने केवल परीक्षा परिणाम ही नहीं बल्कि विश्वविद्यालय और कालेज की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि प्रथम सेमेस्टर का परिणाम आने से पहले ही कई कालेजों को इसकी जानकारी दे दी गई। बिना प्रथम सेमेस्टर का परिणाम घोषित किए दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा करा दी गई।
शिवम राठी ने आरोप लगाया कि केजीके कालेज में 1036 छात्रों के मुकाबले बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। एक शिक्षक के जिम्मे दो विषय हैं, लेकिन दूसरे विषय की नियमित कक्षाएं नहीं हुईं। कुलपति प्रो. सचिन माहेश्वरी ने कहा कि उत्तर पुस्तिका दिखाने का निर्णय राज्यपाल एवं कुलाधिपति के निर्देश पर लिया गया है।
यदि विश्वविद्यालय भवन निर्माण में भ्रष्टाचार संबंधी सवाल उठ रहे हैं तो यह स्पष्ट होना चाहिए कि भवन निर्माण का कार्य पीडब्ल्यूडी करा रहा है, विश्वविद्यालय प्रशासन नहीं। उन्होंने कहा कि यदि कालेज में बैठने की व्यवस्था पर्याप्त नहीं थी तो इसकी जानकारी पहले दी जानी चाहिए थी। छात्रों ने चेतावनी दी कि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे भूख हड़ताल करेंगे और लखनऊ जाकर कुलाधिपति से भी मुलाकात करेंगे।