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    राम मंदिर आंदोलन के इस 'महानायक' के नाम पर बदला मुरादाबाद का 'लाइनपार', CM योगी का बड़ा ऐलान

    Updated: Tue, 30 Jun 2026 12:23 AM (IST)

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुरादाबाद के लाइनपार क्षेत्र का नाम बदलकर दाऊ दयाल खन्ना नगर करने की घोषणा की। यह नामकरण श्रीरामजन्मभूमि आंदोलन के प्रमु ...और पढ़ें

    विजय उत्सव:नया नाम नई पहचान के अंतर्गत लाइनपार का नाम दाऊ दयाल खन्ना नगर होने पर कुंदनपुर में दीपोत्सव करके खुशी व्यक्त करती युवतियां। सुनील यादव (लवलीन)

    विजय उत्सव:नया नाम नई पहचान के अंतर्गत लाइनपार का नाम दाऊ दयाल खन्ना नगर होने पर कुंदनपुर में दीपोत्सव करके खुशी व्यक्त करती युवतियां। सुनील यादव (लवलीन)

    HighLights

    1. बुद्धि विहार स्थित जनसभा स्थल पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दी नई पहचान

    2. 18 जून से 12 अगस्त तक जागरण ने चलाया था नया नाम, नई पहचान अभियान

    जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। बुद्धि विहार स्थित गांधी मैदान सोमवार को बड़ी कामयाबी का गवाह बना। पहचान के संकट से जूझ रहे लाइनपार को नया नाम मिल गया। जनसभा स्थल पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने लाइनपार का नाम दाऊ दयाल खन्ना नगर घोषित कर दिया। कहा कि श्रीरामजन्मभूमि आंदोलन के दौरान श्रीरामजन्मभूमि मुक्ति की समिति का गठन हुआ था। मेरे पूज्य गुरुदेव महंत अवैद्यनाथ समिति के अध्यक्ष बने थे।

    उनके साथ महासचिव के रूप में काम करने वाले जो महापुरूष थे, श्री दाऊ दयाल खन्ना। इसी मुरादाबाद की विभूति थे। दाऊ दयाल खन्ना जी के नाम पर हम लाइनपार के उस नगर का नाम दाऊ दयाल खन्ना नगर कर रहे हैं। दाऊ दयाल जी की राम भक्ति के प्रति यह हमारा कृतज्ञता ज्ञापित है।

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    मैं उनकी स्मृति को नमन करता हूं। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। चार लाख की आबादी। 60 से अधिक मुहल्ले और नगर निगम के आठ वार्ड। वर्ष 1980 के सांप्रदायिक दंगों के बाद लाइनपार क्षेत्र की बसावट दिनोदिन बढ़ती गई। मगर, लाइनपार जैसा नाम क्षेत्र के लोगों के मन को हर बार कचोटता।

    क्षेत्रवासियों के मन की इस पीड़ा को दैनिक जागरण ने समझा और 18 जून 2025 को क्षेत्रवासियों संग कांठ रोड स्थित होटल में बैठक की। बैठक में क्षेत्रवासियों ने ही इस बात पर सहमति दी कि नाम से ही व्यक्ति की पहचान होती है। ऐसे में क्षेत्र का नाम बदला जाना बेहद आवश्यक है। नाम बदलेगा तो क्षेत्र की स्थितियां भी स्वयं ही सुधरनी शुरू होंगी।

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    क्षेत्र के लोगों की मांग पर दैनिक जागरण ने 18 जून से ही अभियान शुरू किया। 18 जून से 12 अगस्त तक चले अभियान में जागरण की टीम क्षेत्र के एक-एक मुहल्ले में पहुंची। सामने आए एक-एक मुद्दे को उठाया। क्षेत्र का हर जन भी जागरण की मुहिम से जुड़ता गया।

    उसका असर यह हुआ कि नगर निगम कार्यकारिणी और बोर्ड तक यह मुद्दा पहुंचा। दोनों ही जगह सर्वसम्मति से नाम बदलने जाने के प्रस्ताव पर मुहर लग गई। फिर क्षेत्र के लोगों से ही नाम के सुझाव लिये गए जिसमें सर्वाधिक नाम दाऊ दयाल खन्ना नगर को लेकर सुझाए गए।

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    शहर विधायक रितेश गुप्ता ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखा। दैनिक जागरण के नया नाम-नई पहचान का हवाला देते हुए कहा कि जागरण के अभियान में क्षेत्रवासियों का क्षेत्र का नाम दाऊ दयाल खन्ना नगर किये जाने पर व्यापक समर्थन प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने भी जनभावना को देखकर दाऊ दयाल खन्ना नगर के नाम पर मुहर लगा दी।

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    करीब दो महीने तक शहर की सड़कों पर जनता की कदमताल से बढ़ा यह अभिनव प्रयास वैश्विक पटल पर भी चमक उठा। बर्लिन में आयोजित इंटरनेशन म्यूज मीडिया एसोसिएशन (इनमा) ग्लोबल मीडिया अवार्ड 2026 में ‘पाठकों की सहभागिता को प्रोत्साहन’ और ‘प्रिंट का सर्वश्रेष्ठ इस्तेमाल’ करने में दैनिक जागरण के लाइनपार अभियान को दूसरा पुरस्कार मिला। वहीं, 21 मई को गोवा में आयोजित एबी अवार्ड में भी अभियान को दो स्वर्ण पदक मिले थे।

    राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख रणनीतिकार थे दाऊ दयाल खन्ना

    स्वतंत्रता सेनानी, उत्तर प्रदेश के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री रहे दाऊ दयाल खन्ना ने राम जन्मभूमि आंदोलन को संगठित स्वरूप देने में अहम भूमिका निभाई थी। नवंबर 1910 में मुरादाबाद के अताई स्ट्रीट में जन्मे दाऊ दयाल खन्ना युवावस्था से ही स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ गए।

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    उन्होंने शहर में यूथ लीग की स्थापना की और 1930, 1940 तथा 1942 के सत्याग्रह आंदोलनों में सक्रिय भागीदारी निभाई। साल 1983 में मुरादाबाद में एक कार्यक्रम के समय दाऊ दयाल खन्ना जी ने पहली बार सार्वजनिक रूप से यह प्रस्ताव रखा कि हिंदू समाज को अयोध्या (श्रीराम जन्मभूमि), मथुरा (कृष्ण जन्मभूमि) और काशी (विश्वनाथ मंदिर) को वापस लेने के लिए संगठित होना चाहिए।

    उन्होंने इस संबंध में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को एक पत्र भी लिखा था। दाऊ दयाल खन्ना के इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए 6–8 अप्रैल, 1984 को मुजफ्फरनगर में एक हिंदू सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में उन्होंने आधिकारिक रूप से राम जन्मभूमि की मुक्ति का प्रस्ताव पेश किया।

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    इसी मंच से आगे चलकर श्री राम जन्मभूमि मुक्ति यज्ञ समिति का गठन हुआ, जिसके अध्यक्ष महंत अवैद्यनाथ बने और दाऊ दयाल खन्ना को इसका महासचिव (महामंत्री) बनाया गया।

     

    श्रीरामजन्मभूमि आंदोलन के दौरान साल 1983 में श्रीरामजन्मभूमि मुक्ति यज्ञ समिति का गठन हुआ था। मेरे पूज्य गुरुदेव महंत अवैद्यनाथ समिति के अध्यक्ष बने थे। उनके साथ महासचिव के रूप में काम करने वाले जो महापुरूष थे, श्री दाऊ दयाल खन्ना। इसी मुरादाबाद की विभूति थे। दाऊ दयाल खन्ना जी के नाम पर हम लाइनपार के उस नगर का नाम दाऊ दयाल खन्ना नगर कर रहे हैं। दाऊ दयाल जी की राम भक्ति के प्रति यह हमारा कृतज्ञता ज्ञापित है। मैं उनकी स्मृति को नमन करता हूं। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।

    - मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ


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