मुरादाबाद में बंदरों का उत्पात, 24 घंटे में 6 को बनाया निशाना; लाठी-डंडे लेकर सड़कों पर उतरे लोग
मुरादाबाद के मोरा की मिलक में हिंसक बंदरों के आतंक से ग्रामीण परेशान हैं, पिछले 24 घंटे में 6 लोगों को बंदरों ने काट लिया। दहशत में आए 400-450 लोग लाठ ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
HighLights
मोरा की मिलक में हिंसक बंदरों का आतंक बढ़ा।
24 घंटे में छह लोगों को बंदरों ने काटा।
ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर सड़कों पर उतरकर विरोध।
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। मोरा की मिलक में हिंसक बंदरों का आतंक शनिवार को इस कदर बढ़ गया कि करीब 400 से 450 महिलाएं और पुरुष लाठी-डंडे लेकर गलियों में उतर आए। ग्रामीणों ने पेड़ों, खेतों और गलियों में बंदरों को तलाशा। हर तरफ लोगों के हाथों में लाठियां नजर आईं। महिलाएं घर से बाहर नहीं निकल रही हैं। बच्चों ने स्कूल जाना बंद कर दिया है।
लाठी डंडे लेकर ही घर से पुरुष निकल रहे हैं। ग्रामीणों का कहना था कि पिछले 20 दिनों से बंदरों का आतंक है, लेकिन एक सप्ताह से हमले लगातार बढ़ गए हैं। सबसे ज्यादा खौफ टेढ़ी मूंछ वाले हिंसक बंदर का है, जो अचानक पीछे से हमला कर देता है। शुक्रवार रात से शनिवार 24 घंटे में छह लोगों को और हिंसक बंदर ने काट लिया। दहशत और प्रशासन, वन विभाग और नगर निगम के विरुद्ध आक्रोश भरा है।
65 वर्षीय रामपाल खेत में चारा काट रहे थे, तभी बंदर ने हमला कर उन्हें काट लिया। देवराज बाथरूम में नहा रहे थे। किवाड़ न होने के कारण पर्दा लगा था। बंदर पर्दा हटाकर अंदर घुसा और उनकी बाजू काट दी। विशिष्ट विहार निवासी राजेश को तड़के करीब चार बजे घर में सोते समय बंदर ने काट लिया। इमरान बच्चों को स्कूल छोड़ने के लिए पहली मंजिल से सीढ़ियों से उतर रहे थे, तभी बंदर ने हमला कर दिया।
सभी घायलों का इलाज चल रहा है। होशियार सिंह को भी बंदरों घर की लाबी में सोते समय काट लिया। कृष्ण अपने किसी जानने को बंदर द्वारा काटने का हाल जानने गए थे कि उनको भी बंदर ने काट लिया। ग्रामीणों में इतनी दहशत है कि रात में छतों पर सोना छोड़ दिया है। ललित चौधरी का कहना है कि वन विभाग नगर निगम की जिम्मेदारी बताता है और नगर निगम वन विभाग की, लेकिन ग्रामीणों की समस्या कोई नहीं सुन रहा।
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एसडीएम व तहसीलदार ने जाना घायलों का हाल
दोपहर करीब 12 बजे एसडीएम अभिषेक सिंह और तहसीलदार अंकित गिरि मोरा की मिलक पहुंचे। उन्होंने घायलों का हाल जाना और ग्रामीणों से बातचीत की। अधिकारियों ने नगर निगम, वन विभाग और प्रशासन के सहयोग से अभियान चलाकर हिंसक बंदरों से जल्द राहत दिलाने का आश्वासन दिया।