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    एसएसपी आवास पर ही कर लिया 'कब्जा', फर्जी कागजों से 19 साल तक वसूला लाखों का किराया; दो भाई गिरफ्तार

    Updated: Thu, 06 Aug 2026 08:27 PM (IST)

    मुरादाबाद में फर्जी दस्तावेजों के सहारे एसएसपी आवास पर कब्जा करने और 19 साल तक लाखों रुपये किराया वसूलने के आरोप में दो भाई गिरफ्तार हुए हैं। पुलिस अब ...और पढ़ें

    सिविल लाइंस पुलिस द्वारा आरोपित सुनील कुमार धवन और सुधीर कुमार धवन गिरफ्तार।सौ.पुलिस

    सिविल लाइंस पुलिस द्वारा आरोपित सुनील कुमार धवन और सुधीर कुमार धवन गिरफ्तार।सौ.पुलिस

    HighLights

    1. फर्जी प्रपत्रों के आधार पर आरोपितों ने 19 साल में वसूला 28.45 लाख रुपये किराया

    जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। फर्जी प्रपत्रों के आधार पर दूसरों के मकान, दुकान व भूमि पर दावा करने वाले आपने कई मामले सुने होंगे। ऐसे आरोपितों पर शिकंजा कसने वाले पुलिस विभाग के जिले के मुखिया के आवास पर ही कोई फर्जी प्रपत्रों के आधार पर दावा कर दे। 19 साल की लंबी अवधि में 28.45 लाख रुपये किराया वसूल ले और निर्भीक बना रहे। यह बात आपके भले ही हैरान कर रही हो, मगर यह सच है।

    मुरादाबाद में कूटरचित दस्तावेज तैयार कर एसएसपी आवास कब्जाने की कोशिश में दो सगे भाई सुनील कुमार धवन और सुधीर कुमार धवन गिरफ्तार हुए तो कहानी में चौकाने वाले राजफाश हुए। गिरोह में शामिल चार गुर्गे अभी फरार हैं। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए दोनों आरोपित खुद को अधिवक्ता भी बताते हैं। दोनों ने कई की जमीनों पर इसी तरह दावा किया है। उसकी भी जांच की जा रही है।

    पुलिस के अनुसार, सुनील कुमार धवन और सुधीर कुमार धवन बीते 23 साल से एसएसपी आवास कब्जाने में लगे हैं। फर्जी प्रपत्रों समेत जालसाजी का पूरा ताना-बाना बुनने के लिए गिरोह में सदस्य भी शामिल किए। किराया वसूला जाने लगा। मगर, शिकायत पर साल 2024 में जब जांच बैठी तो परतें खुलने लगीं।

    एसएसपी आवास की भूमि के स्वामित्व विवाद की जांच के लिए गठित चार सदस्यीय समिति ने राजस्व अभिलेख, नगर निगम के रिकार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेजों का विस्तृत परीक्षण किया। जांच में सामने आया कि ग्राम छावनी की गाटा संख्या-455-अ अंग्रेजी शासनकाल से ही सरकारी अभिलेखों में दर्ज रही है।

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    बाद में बंदोबस्त के दौरान इसे गाटा संख्या-1348-फ के रूप में दर्ज किया गया। इसी भूमि पर वर्षों से एसएसपी का सरकारी आवास है और सरकारी अभिलेखों में इसे सार्वजनिक संपत्ति माना गया है। जांच समिति को नगर निगम के कर निर्धारण संबंधी रिकार्ड में ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला, जिससे हरगुलाल या किसी अन्य निजी व्यक्ति का स्वामित्व सिद्ध होता हो।

    इसके बावजूद आरोपितों ने एक पुराने पत्र और अन्य कथित दस्तावेजों के आधार पर जमीन पर अपना दावा पेश किया। इतना ही नहीं 28.45 लाख रुपये किराया भी वसूल लिया।

    जांच के बाद सिविल लाइंस थाने के एसएसआइ हरेंद्र सिंह ने सिविल लाइंस थाने में 11 जुलाई 2026 को कोतवाली क्षेत्र के बल्लभ मुहल्ला निवासी सुधीर कुमार धवन, सुनील कुमार धवन, सुमित धवन, अंकित धवन, सुधा टंडन, विपिन कुमार धवन और दिल्ली के शालीमार बाग निवासी बीना तलवार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई।

    आरोपित मुदित को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। शेष आरोपित फरार चल रहे थे। जिसमें बुधवार सुबह पुलिस ने आरोपित सुनील कुमार धवन व उसके भाई सुधीर कुमार धवन को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट में पेश करने के बाद दोनों आरोपितों को जेल भेज दिया।

    आरोपितों पर होगी गैंग्सटर की कार्रवाई, संपत्ति होगी जब्त

    आरोपितों ने एसएसपी आवास से पहले चड्ढा कोठी पर भी दावा ठोक दिया था। पुलिस को जानकारी मिली है कि आरोपितों ने अन्य स्थानों पर भी जमीनों को इसी तरह कब्जाया गया है। ऐसे में पुलिस ने अब तक कब्जाई गई जमीनों की जांच शुरू कर दी है। एसएसपी का कहना है कि आरोपितों ने जितनी भी जमीन कब्जाई है। जांच में उन्हें भी शामिल किया जाएगा। गैंग्सटर की कार्रवाई कर संपत्ति जब्त की जाएगी।

     

    दो आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। शेष आरोपितों की तलाश में पुलिस लगी हुई है। जानकारी मिली है कि इन्होंने शहर में कई स्थानों पर फर्जी दस्तावेज तैयार करके जमीनों पर कब्जा किया है। आरोपितों के विरुद्ध गैंग्सटर की कार्रवाई की कार्रवाई कर संपत्ति जब्त की जाएगी।

    - सतपाल अंतिल, एसएसपी


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