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    मुरादाबाद में सरप्लस शिक्षकों के समायोजन पर फिर मचा बवाल, 186 आपत्तियों के बाद शासन से रिपोर्ट तलब

    Updated: Wed, 29 Jul 2026 05:05 PM (IST)

    मुरादाबाद में बेसिक शिक्षा विभाग की सरप्लस शिक्षकों की सूची को 186 शिक्षकों ने चुनौती दी है, जिसके बाद शासन के निर्देश पर आपत्तियों का परीक्षण किया जा ...और पढ़ें

    बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय मुरादाबाद। जागरण

    बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय मुरादाबाद। जागरण

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    1. शासन के निर्देश पर जुलाई में मांगी गईं आपत्तियां, परीक्षण शुरू

    जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी सरप्लस शिक्षकों की सूची को जिले के 186 शिक्षकों ने चुनौती दी है। मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण शासन के निर्देश पर शिक्षकों को दोबारा आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया गया था। अब विभाग सभी आपत्तियों का परीक्षण कर अपनी रिपोर्ट शासन को भेज रहा है।

    जिले के 1,409 परिषदीय विद्यालयों में करीब 5,500 शिक्षक कार्यरत हैं। 30 अप्रैल की छात्रसंख्या के आधार पर विभाग ने 956 शिक्षकों को सरप्लस चिह्नित किया था। इनमें प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, अध्यापक एवं सहायक अध्यापक शामिल हैं। इन शिक्षकों के समायोजन की प्रक्रिया जारी है।

    विभाग ने पहली बार मई में सरप्लस सूची पर आपत्तियां मांगी थीं, लेकिन कई शिक्षकों का कहना था कि उनकी आपत्तियों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद जिला स्तर पर दोबारा आपत्तियां ली गईं, जिनमें करीब 100 शिक्षकों ने अपना पक्ष रखा।

    अब शासन स्तर से पुनः अवसर दिए जाने पर 186 शिक्षकों ने आपत्तियां दर्ज कराई हैं। विभाग इन सभी मामलों का परीक्षण कर अंतिम रिपोर्ट शासन को भेजेगा, जिसके बाद समायोजन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

    शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष डा. नीरज ने कहा कि हर छह महीने में समायोजन की प्रक्रिया की बदलती पालिसी शिक्षकों की मनोदशा को प्रभावित कर रही है। बार-बार नीति बदलने से पहले से समायोजित शिक्षक भी दोबारा सरप्लस हो रहे हैं, जिससे विद्यालयों में पठन-पाठन प्रभावित होता है। इस संबंध में स्थायी नीति बनाई जानी चाहिए।

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    वहीं संजय सिंह ने कहा हर छह महीने नियम बदलने से शिक्षकों का कार्य भी प्रभावित हो रहा है। बीएसए अमित सिंह ने बताया कि ब्लाक और जिला स्तर के बाद अब शासन स्तर पर भी आपत्तियां मांगी गई हैं। जिले से 186 शिक्षकों ने आपत्ति दर्ज कराई है। सभी मामलों का परीक्षण कर रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है।

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