एक कानून, दो जिलों में अलग मुआवजा! SC-ST एक्ट के भुगतान में खेल पर PMO का एक्शन, जांच शुरू
मुरादाबाद में एससी-एसटी एक्ट के तहत मुआवजे के भुगतान में कथित अनियमितताओं की जांच शुरू हो गई है। एक ही अधिकारी द्वारा दो जिलों में अलग-अलग भुगतान के आ ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक चित्र
HighLights
एससी एसटी के मुआवजे की फाइलों में छिपा अंतर, अब होगी पड़ताल
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। एससी-एसटी एक्ट के तहत पीड़ितों को मिलने वाली आर्थिक सहायता में कथित अंतर का मामला अब जांच के घेरे में आ गया है। एक ही अधिकारी, एक ही कानून और दो पड़ोसी जिलों में मुआवजा वितरण के अलग-अलग तरीके अपनाने के आरोपों ने विभागीय व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी मामले में जांच कर कार्रवाई की आख्या मांगी है। सामाजिक न्याय मंच के अध्यक्ष एडवोकेट बृजलाल जाटव की शिकायत पर मंडलायुक्त मुरादाबाद ने मामले को गंभीर मानते हुए संयुक्त विकास आयुक्त (जेडीसी) के माध्यम से उपनिदेशक समाज कल्याण मुरादाबाद मंडल से जांच शुरू कराई है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अमरोहा की समाज कल्याण अधिकारी पंखुड़ी जैन ने एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मिलने वाली सहायता राशि के भुगतान में नियमों की अनदेखी की।
शिकायतकर्ता का दावा है कि मुरादाबाद में तत्कालीन प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी रहते हुए जिन मामलों में निर्धारित मानकों के अनुसार अधिक भुगतान किया गया, उन्हीं धाराओं के मामलों में अमरोहा में कम राशि दी गई।
मुआवजे की रकम बनी विवाद की वजह
शिकायत में कई मुकदमों का उदाहरण देते हुए दावा किया गया है कि कुछ मामलों में जहां अधिनियम के तहत अधिक धनराशि का प्रावधान था, वहां पीड़ितों को कम भुगतान किया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि इससे पीड़ितों को उनके कानूनी अधिकार से वंचित होना पड़ा।
मंडलायुक्त कार्यालय से जारी जांच आदेश में कहा गया है कि शिकायत में लगाए गए आरोप गंभीर हैं, इसलिए सभी तथ्यों की बिंदुवार अभिलेखीय जांच कराई जाए। शिकायत सही पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 15 दिन में रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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मामले की शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय में भी की गई थी। वहां से प्रकरण मुख्यमंत्री कार्यालय के लोक शिकायत अनुभाग को भेजा गया। मुख्यमंत्री कार्यालय ने 24 जुलाई को एसएसपी मुरादाबाद को पत्र भेजकर नियमानुसार शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद एसएसपी कार्यालय ने 25 जुलाई को मामला क्षेत्राधिकारी स्तर पर भेजते हुए आवश्यक कार्रवाई और जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है।
अब खुलेगी वर्षों की फाइलों की जांच
शिकायतकर्ता ने वर्ष 2023 से अब तक एससी-एसटी एक्ट के तहत हुए सभी भुगतान की जांच कराने की मांग की है। अब जांच में यह देखा जाएगा कि मुआवजा वितरण शासनादेश और अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार हुआ या नहीं। उपनिदेशक समाज कल्याण मुस्ताक अहमद को अभिलेखों की जांच की जिम्मेदारी दी गई है।
उनकी रिपोर्ट संयुक्त विकास आयुक्त कार्यालय के माध्यम से मंडलायुक्त को भेजी जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद ही तय होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कार्रवाई होगी। उपनिदेशक समाज कल्याण ने बताया कि मुझे जांच मिली है लेकिन अभी तक रिपोर्ट नहीं दी है दो दिन और लग जाएंगे।