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    मुजफ्फरनगर: पिता और चार बच्चों की मौत के बाद घर पहुंचे शव, परिवार में मचा कोहराम; हर आंख हुई नम

    By Ashu Singh Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Mon, 20 Jul 2026 12:38 PM (IST)

    Muzaffarnagar News : मुजफ्फरनगर के हबीबपुर गांव में बारिश के कारण कच्चा मकान ढहने से एक पिता और उनके चार बच्चों की मौत हो गई।  मुख्यमंत्री योगी आदित्य ...और पढ़ें

    मुजफ्फरनगर के गांव हबीबपुर में मकान की छत गिरने से मलबे में दबे लोगों को तलाश करती पुलिस व ग्रामीण। जागरण

    मुजफ्फरनगर के गांव हबीबपुर में मकान की छत गिरने से मलबे में दबे लोगों को तलाश करती पुलिस व ग्रामीण। जागरण

    HighLights

    1. मिट्टी गीली होने की वजह से राहत कार्य में आई दिक्कत, दो बच्चियां गंभीर रूप से घायल।

    2. जेसीबी मंगवाकर हटाया गया मलबा, दबे परिवार को निकालने में लग गए लगभग एक घंटे

    3. मुख्यमंत्री ने लिया घटना का संज्ञान, हर संभव मदद व घायलों के समुचित उपचार के निर्देश।

    संवाद सूत्र,बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर)। आधे घंटे के लिए आई बरसात ने हबीबपुर गांव के एक परिवार को तबाह कर दिया। रविवार भरभराकर गिरे मकान के मलबे में दबकर घर के मुखिया और उनके चार बच्चों की मौत हो गई। मृतकों में एक आठ माह का मासूम भी शामिल है। दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हैं। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। हादसे की जानकारी मिलते ही कमिश्नर, डीआइजी समेत सभी बड़े अधिकारी मौके पर पहुंच गए। राहत और बचाव कार्य की कमान संभाल ली।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को हरसंभव मदद देने और घायलों को समुचित उपचार दिलाए जाने के निर्देश दिए हैं। कमिश्नर रूपेश कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री राहत कोष से पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

    बारिश में ढहे कच्चे मकान में दबकर जान गंवाने वाले पिता व चार बच्चों के शव पोस्टमार्टम के बाद सोमवार को गांव हबीबपुर सीकरी पहुंचे। पिता इस्लामुद्दीन (52) व चार छोटे बच्चों के शव घर पहुंचे तो पूरे परिवार में कोहराम मच गया। मां और बचे हुए बच्चे रो-रोकर बेसुध हो गए। चारों तरफ सन्नाटा छा गया। ग्रामीण बच्चों के शवों को देखकर आंसू नहीं रोक पाए।

    52 वर्षीय इस्लामुद्दीन मजदूरी करने के साथ परिवार का पालन-पोषण करने के लिए घोड़ा-तांगा भी चलाते थे। उनकी तीन शादियां हुई थीं। पहली पत्नी की मौत हो गई थी, दूसरी लापता है। अब वह तीसरी पत्नी के साथ रह रहे थे। वह आठ बच्चों के पिता थे। गांव में उनका मिट्टी व कड़ियों का मकान था। रविवार रात आठ बजे खाना खाकर सभी सोने की तैयारी कर रहे थे। उनकी पत्नी शबनम व सौतेली बेटी शहजादी पड़ोसी वलेदीन के घर किसी कार्य से गई थीं।

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    इसी दौरान तेज बरसात शुरू हो गई। रात करीब साढ़े आठ बजे मकान भरभराकर गिर गया। इस्लामुद्दीन और उनके छह बच्चे मलबे में दब गए। हादसे के बाद ग्रामीण मौके पर जुट गए। बच्चे कड़ियों और लोहे के गर्डर के बीच में फंसे थे। अपने स्तर पर बचाव कार्य शुरू करने के साथ पुलिस को सूचना दी। बरसात में मिट्टी गीली होने के चलते उन्हें निकालने में मुश्किल पेश आई। मौके पर पहुंचे एसपी देहात अक्षय संजय महाडीक और फुगाना पुलिस ने जेसीबी मंगवाकर मलबा हटवाना शुरू किया। लगभग एक घंटे दबे सभी बच्चों और उनके पिता को बाहर निकाला गया। तब तक इस्लामुद्दीन, उनकी बेटियों 12 वर्षीय रुखसार, पांच वर्षीय अलसिफा, दो वर्षीय पुत्र आहद और आठ माह के जीशान की मौत हो चुकी थी।

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    दो बच्चियां आठ वर्षीय रुकय्या और सात वर्षीय समय्या गभीर रूप से घायल हैं। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सहारनपुर कमिश्नर डा. रूपेश कुमार, डीआइजी अभिषेक सिंह, डीएम उमेश मिश्रा और एसएसपी संजय कुमार वर्मा मौके पर पहुंच गए। राहत और बचाव कार्य तेज कराया। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार का ढांढस बंधाने के साथ हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। पुलिस ने पांचों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने जिला चिकित्सालय पहुंचकर घायल दोनों बच्चियों का हाल जाना। उनके समुचित इलाज के लिए निर्देश दिए।

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