राम कथा करने के लिए अगर देश की सीमा पर भी जाना पड़े तो जाएंगे, मुजफ्फरनगर में बोले मोरारी बापू
मोरारी बापू ने मुजफ्फरनगर के शुकतीर्थ में कहा कि वे भारत को विश्व गुरु और महाशक्ति बनाने के लिए बीज बो रहे हैं। उन्होंने राम कथा को विश्व शांति का माध ...और पढ़ें
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मोरारी बापू
HighLights
भारत को विश्व गुरु व महाशक्ति बनाने का संकल्प।
विश्व शांति के लिए राम कथा को बताया महत्वपूर्ण।
शुकतीर्थ को आत्मचिंतन का केंद्र बनाने पर जोर।
संवाद सूत्र, जागरण, मुजफ्फरनगर। शुकतीर्थ गंगा तट स्थित श्रीराम कुटी पर विश्व प्रसिद्ध संत मोरारी बापू ने कहा कि भारत को विश्व गुरु व महाशक्ति बनाने को हम बीज बो रहे हैं, फिर बादल जाने या वसुधा।
फसल पक्की होगी। राम कथा करने के लिए अगर उन्हें देश की सीमा पर भी जाना पड़े तो वह जाएंगे और विश्व शांति स्थापना के लिए राम कथा करेंगे। विश्व में शांति हो ऐसा भारतीय संस्कृति का संदेश है।
बापू शुक्रवार शाम को पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि खुद की चेतना महिमा के कारण भारत विश्व को बड़ा संदेश देता है। जो पवित्र है। वही तीर्थ है। शुकतीर्थ सिद्ध और शुद्ध भूमि है। इस तीर्थ का बड़ा महत्व है।
भगवान शुकदेव की तपोभूमि में वह छठी बार कथा कर रहे हैं। सातवीं बार कथा करने का भी संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि शुकतीर्थ केवल पर्यटन का केंद्र न बने, बल्कि यह आत्मचिंतन और आध्यात्मिक यात्रा का स्थान बने।
लोग यहां घूमने के लिए नहीं, बल्कि अपनी चेतना और प्रज्ञा को जागृत करने के लिए आएं। शुकतीर्थ का विकास हुआ है। सभी के मिश्रित प्रयासों से इस तीर्थ का विकास होना चाहिए। शुकतीर्थ में हरिद्वार व ऋषिकेश की तरह गंगा की अविरल धारा बहनी चाहिए।
इसके लिए पूज्यपाद योगी जी से विनय करेंगे। राजा को साधु के द्वार आना चाहिए, यह भारतीय संस्कृति की परंपरा है। बापू ने कहा कि उन्होंने कल्याण देव भगवान में फकीरी, वैराग्य को महसूस किया था। वह अवधूत भी हैं। अद्भुत भी हैं। अनुभूत भी हैं।
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शुकदेव व्यास पुत्र हैं। बापू ने स्वयं को राजनीतिक व्यक्ति मानने से इन्कार करते हुए कहा कि वे सभी से समान दूरी बनाए रखते हैं और सनातन संस्कृति तथा संत परंपराओं का निर्वाह कर रहे हैं। उन्हें समाज के सभी वर्गों से प्रेम मिल रहा है और यह प्रभु कृपा का परिणाम है। प्रेम, करुणा और त्याग की भावना ही समाज को सही दिशा दे सकती है।