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    मुजफ्फरनगर में कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, 100 क्विंटल नकली पोटाश पकड़ा

    Updated: Sun, 26 Jul 2026 11:37 PM (IST)

    मुजफ्फरनगर में कृषि विभाग ने जाली रोड पर 100 कुंतल नकली पोटाश बनाने का भंडाफोड़ किया है, जिसमें एक आरोपी को हिरासत में लिया गया है। ...और पढ़ें

    मुजफ्फरनगर में जोली रोड पर खेत में नकली पोटाश के ढेर के साथ जिला कृषि अधिकारी राहुल सिंह तेवतिया

    मुजफ्फरनगर में जोली रोड पर खेत में नकली पोटाश के ढेर के साथ जिला कृषि अधिकारी राहुल सिंह तेवतिया

    HighLights

    1. मुजफ्फरनगर में 100 कुंतल नकली पोटाश पकड़ा गया।

    2. गेरू, नमक, बजरी से बनता था नकली उर्वरक।

    3. ब्रांडेड कंपनी के बोरे और मशीनें बरामद हुईं।

    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। कृषि विभाग की टीम ने जाली रोड पर भगवानपुर के रास्ते पर लगभग 100 कुंतल नकली पोटाश बनता हुआ पकड़ा है। एक आरोपित को पुलिस ने हिरासत में लिया है, जबकि अन्य फरार हो गए। मौके से ब्रांडेड कंपनी के बोरे समेत अन्य सामान बरामद हुआ है। असली पोटाश की कीमत 1800 रुपये प्रति बोरा है।

    जिला कृषि अधिकारी राहुल सिंह तेवतिया ने बताया कि फामर्स फ्रेंड्स अभियान के तहत शिकायत मिली थी कि जंगल में नलकूप पर नकली उर्वरक बनाया जा रहा है। विभागीय कर्मचारियों के साथ मौके पर जाकर देखा तो नकली पोटाश बनता पाया गया।

    एक आरोपित को छोड़कर अन्य फरार हाे गए। आरोपित गेरु, नमक ओर बारीक बजरी से नकली पोटाश तैयार करते हैं। लगभग 100 कुंतल नकली पोटाश पकड़ा है। मौके से सिलाई मशीन, वेट मशीन समेत आइपीएल और एनएफल ब्रांड के 50 से अधिक बैग मिले हैं। कुछ बैग भरे हुए भी मिले हैं।

    उन्होंने बताया कि असली पोटाश की कीमत लगभग 1800 रुपये प्रति बैग है। जिस सामग्री का आरोपित प्रयोग कर रहे हैं, उससे प्रति बैग 150-200 रुपये में तैयार हो जाता है। आरोपित नकली पोटाश को ब्रांडेड कंपनी के बोरे में भरकर बेचते हैं।

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    आरोपित से सिखेड़ा पुलिस पूछताछ कर रही है। पोटाश का प्रयोग गन्ना, धान और आलू समेत विभिन्न फसलों की बुवाई के समय किया जाता है। पकड़े गए उर्वरक के चार सेंपल भी लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा रहा है। आरोपित के खिलाफ सिखेड़ा थाने में तहरीर दी गई है।

    उन्होंने बताया कि आप्रेशन फ्रेंड्स के तहत आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। कोई भी जागरूकता और प्रगतिशील किसान नकली उर्वरक या कीटनाशक बनाने की सूचना दे सकता है। उसका नाम, पता गोपनीय रखा जाएगा।

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