Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    मुजफ्फरनगर में मुत्यु तक जेल में रहेगा डेढ़ साल की भांजी से दरिंदगी करने वाला मामा, महज 21 दिन में आया फैसला

    Updated: Sat, 25 Jul 2026 04:49 AM (IST)

    मुजफ्फरनगर में डेढ़ साल की भांजी से दुष्कर्म के दोषी रिश्ते के मामा को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने मृत्यु तक आजीवन कारावास और दो लाख रुपये अर्थदंड ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक तस्वीर

    प्रतीकात्मक तस्वीर

    HighLights

    1. डेढ़ साल की भांजी से दुष्कर्म, रिश्ते का मामा दोषी।

    2. न्यायालय ने मृत्यु तक आजीवन कारावास और अर्थदंड सुनाया।

    3. आरोप पत्र दाखिल होने के 21 दिन में त्वरित फैसला।

    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मनोज कुमार सिद्धू ने डेढ़ साल की अबोध भांजी से दुष्कर्म के दोषी रिश्ते के मामा को मृत्युकाल तक कारावास की सजा सुनाने के अलावा दो लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

    न्यायालय का यह फैसला आरोप पत्र दाखिल होने के महज 21 दिन में आया है। जनपद में बालक के साथ हुए अपराध में इस तरह का त्वरित न्याय पहली बार हुआ है। सजा सुनाने के दौरान न्यायालय ने टिप्पणी में कहा कि यह घटना मानवीयता को शर्मसार करने वाली है।

    वर्तमान समाज में ऐसे युवा जिनमें शिक्षा का अभाव, इंटरनेट मीडिया पर परोसी जा रही अश्लील सामग्री तथा नैतिक मूल्यों का अवमूल्यन, गिरती जा रही मानवीय संस्कृति तथा रिश्तों की महत्ता को खत्म करने की प्रवृत्ति इत्यादि ऐसे कारक हैं, जो समाज को नैतिक मूल्यों से दूर कर रहे हैं।

    जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव शर्मा, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता प्रदीप बालियान व दिनेश कुमार शर्मा ने बताया कि खतौली के एक गांव की महिला का विवाह मीरापुर के गांव निवासी युवक से हुआ था। महिला अपनी डेढ़ साल की बेटी के साथ 10 मार्च 2026 को अपने मायके आई हुई थी।

    खबरें और भी

    12 मार्च 2026 की दोपहर एक बजे युवती का 30 वर्षीय तहेरा भाई (बच्ची का रिश्ते का मामा) उसकी बेटी को खिलाने व बिस्किट दिलाने के बहाने ले गया था। वह बच्ची को घर छोड़कर गया तो वह खून से लथपथ थी। महिला ने आरोपित के विरुद्ध खतौली थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपित टिंकू उर्फ पिंकू को 12 मार्च की रात मुठभेड़ में पकड़ लिया था।

    आरोपित के विरुद्ध पुलिस ने तीन जुलाई को आरोप-पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट मनोज कुमार सिद्धू के न्यायालय में सुनवाई हुई। न्यायालय ने दुष्कर्म के दोषी रिश्ते के मामा टिंकू उर्फ पिंकू को मृत्यु होने तक आजीवन कारावास की सजा के अलावा दो लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना की समस्त राशि पीड़िता को चिकित्सा व्ययपूर्ति एवं पुनर्वास के लिए प्रतिकर के रूप में बतौर क्षतिपूर्ति प्रदान की गई।

    सजा सुनाने के दौरान न्यायालय टिप्पणी की कि प्रकरण के तथ्य यह दर्शित करते हैं कि वर्तमान समाज में नैतिक मूल्यों का ह्रास एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है, भौतिकता की अंधी दौड़, स्वार्थपरता तथा बढ़ती हुई तकनीकी निर्भरता के कारण सत्य, करुणा, ईमानदारी और आदर जैसे मानवीय मूल्य पीछे छूटते जा रहे हैं।

    इंटरनेट मीडिया से जिस प्रकार की अवास्तविक एवं अश्लील सामग्री तकनीक के माध्यम से समाज में परोसी जा रही है, यह वर्तमान समाज तथा भविष्य के लिए सृजित हो रहे समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है।

    न्यायालय को उल्लेख करने में कोई अतिशयोक्ति नहीं है कि अभियुक्त के द्वारा जिस प्रकार की घटना पीड़िता के साथ की गई है, वह न केवल मानवीयता को शर्मसार करने वाली है, बल्कि वर्तमान समाज के उस प्रतिबिंब को भी दर्शित करती है कि वास्तव में अब हमारा समाज किस दिशा की ओर अग्रसर हो रहा है। मानवीय रिश्तों एवं नैतिक मूल्यों को बरकरार रखने के लिए एक सामाजिक पुनर्जागरण की आवश्यकता है।

    मैंने किस प्रकार के समाज में जन्म लिया

    न्यायालय ने कहा कि उस अबोध बालिका की उम्र घटना के समय मात्र डेढ़ वर्ष थी तथा जिसका अभी समाज में जन्म ही हुआ था, उसके मन को कितनी वेदना आरोपित के कृत्य से हुई होगी और उसका भी मन इस बात पर अत्यन्त पीड़ित हुआ होगा कि उसने किस प्रकार के समाज में जन्म लिया है।

    यह भी पढ़ें- मुजफ्फरनगर में इंटर कॉलेज में वोकेशनल ट्रेनर की नियुक्ति के नाम पर शिक्षिका से अश्लीलता, प्रबंधक गिरफ्तार