नकली करंसी के साथ तीन गिरफ्तार, बेंगलुरु से तस्करी कर बाजार में खपाते थे; पाकिस्तान तक जुड़े तार
मुजफ्फरनगर पुलिस ने बेंगलुरु से नकली नोट मंगवाकर बाजार में खपाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसमें जनसेवा केंद्र संचालक समेत तीन तस्क ...और पढ़ें

नकली करंसी के साथ तीन गिरफ्तार।

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जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। बुढ़ाना पुलिस ने अंतरराज्यीय नकली नोट तस्कर गिरोह का राजफाश किया है। पुलिस ने जनसेवा केंद्र संचालक समेत तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। यह गिराेह बेंगलुरु के माइकल फर्नांडीज से नकली नोट की खेप को कुरियर के माध्यम से मंगवाता था।
इसे बाजारों में घूम-फिरकर चलाता था। एक आरोपित वर्ष 2022 में दुबई में रहा था, जहां उसका संपर्क कुछ पाकिस्तानी नागरिकों से हुआ था। पुलिस ने इनके कब्जे से एक लाख रुपये के नकली नोट के अलावा वैगनआर कार बरामद की है। गिरोह के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) की कार्रवाई होगी।
पुलिस लाइन के सभागार में गुरुवार को पत्रकार वार्ता में एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि बुढ़ाना पुलिस ने कार सवारों द्वारा नकली नोट की खेप लाने की सूचना पर चेकिंग अभियान चलाया। चेकिंग के दौरान वैगनआर को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने तेज गति से कार दौड़ा दी।
पुलिस ने पीछा कर गांव बसी गेट खतौली रोड से वैगनआर को पकड़ लिया। इसमें सवार गिरोह का सरगना जनसेवा केंद्र संचालक सालिम पुत्र हाफिज इमरान, माजिद पुत्र फारुख निवासी गांव कैली, दौराला, मेरठ तथा जीशान पुत्र गुलजार निवासी गांव जौला, बुढ़ाना को गिरफ्तार किया गया।
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तलाशी लेने पर इनके कब्जे से 500-500 रुपये के 200 नकली नोट (एक लाख रुपये) बरामद हुए। आरोपित पिछले दो साल से नकली नोट सप्लाई करने का काम रहे थे। नकली नोट की खेप को बेंगलुरु के माइकल फर्नांडीज से कुरियर के माध्यम से मंगवाते थे।
एसएसपी ने बताया कि यह गिरोह अंतरराज्यीय स्तर पर नकली नोट सप्लाई करता है। तीनों युवक गिरोह में सप्लायर के रूप में काम करते थे। आरोपित मवाना निवासी साहिल व शहनवाज से 40 हजार रुपये में एक लाख नकली रुपये मंगाते हैं, जिन्हें बाजार में घूम-घूमकर 50 प्रतिशत कमीशन का लालच देकर चलाते थे।
इनके साथ सकौती, मेरठ में बेकरी का संचालक खतौली निवासी मुशर्रफ भी जुड़ा है। वह भी नकली नोट सप्लाई करता है। गिरोह के सदस्य साहिल और शाहनवाज ही बेंगलुरु के रहने वाले माइकल फर्नांडीज से 30 हजार रुपये में एक लाख के नकली नोट मंगाते हैं।
कुरियर से फर्जी नाम, पता देकर नकली नोट की खेप रिसीव करते हैं। कुरियर कंपनी को माइकल द्वारा दिए गए गोपनीय कोड को दिखाकर खेप लेते थे। उसके बाद क्यूआर कोड पर माइकल को 30 हजार रुपये भेजते थे। तीनों लोग बुढ़ाना व आसपास में नकली नोट सप्लाई करने आए थे।
जनसेवा केंद्र संचालक सालिम है सरगना
एसएसपी ने बताया कि स्थानीय स्तर पर गिरोह का सरगना जनसेवा केंद्र संचालक सालिम है। वह दो साल से कुरियर से रुपये मंगवा रहा था। अब तक छह बार से अधिक नकली नोट की खेप मंगवा चुके हैं, जिससे अनुमान है कि पांच से सात लाख रुपये यह गिरोह बाजार में खपा चुका है।
वहीं, माजिद वर्ष 2022 में मजदूरी करने के लिए दुबई गया था। वहां इसका संपर्क पाकिस्तानी नागरिकों से भी हुआ था। इस बिंदु पर विस्तृत जांच की जा रही है। पूरे गिरोह पर रासुका की कार्रवाई होगी। वहीं, एसपी देहात अक्षय संजय महाडीक, सीओ बुढ़ाना गजेंद्र सिंह के नेतृत्व में जांच टीम बनाई गई है। एक टीम को बेंगलुरु रवाना किया गया है।
खुफिया तंत्र भी हुआ सक्रिय
नकली नोट खपाने का मामला सामने आने पर खुफिया तंत्र भी सक्रिय हो गया है। एसएसपी ने बताया कि संभावना है कि बेंगलुरु में नकली नोट छापे जा रहे हैं या कहीं दूसरे देश से वहां नकली करेंसी मंगाई जा रही है।
फरार आरोपित साहिल, शाहनवाज व मुशर्रफ तथा मुख्य सप्लायर माइकल की गिरफ्तारी के बाद इसका राजफाश होगा। आइबी, एलआइयू ने भी पकड़े गए युवकों से पूछताछ की है। बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला होने के कारण गहनता से जांच की जा रही है।
केवल एक अंतर मिला
नकली नोट को गिरोह ने इतनी बारीकी से छापा है कि उसमें वाटर मार्क के साथ सभी सुरक्षा फीचर्स दिखते हैं। केवल नोट को हाथ में लेकर उस पर लिखा 500 अंक का रंग नहीं बदलता।