CRPF में तैनात जवान सहित राजस्थान के एक परिवार के 18 सदस्य ला रहे कांवड़, हरिद्वार से उनके गांव की दूरी 450 किलोमीटर
Kanwar Yatra 2026: राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले से एक परिवार के 18 सदस्य हर साल की तरह इस बार भी हरिद्वार से गंगाजल लेकर कांवड़ यात्रा पर निकले हैं। ...और पढ़ें

पुरकाजी से गुजरता राजस्थान के कावड़ियों का जत्था। जागरण
HighLights
असम में सीआरपीएफ में तैनात हैं दिले सिंह।
संकल्प को पूरा करने के लिए ली छुट्टी।
संवाद सूत्र, पुरकाजी (मुजफ्फरनगर)। राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले से एक ही परिवार के 18 लोग हर साल की तरह इस बार भी हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने गांव की ओर रवाना हुए हैं।
शीशराम, सोरम, गोपी, नेतराम, दिले सिंह, मोर सिंह, संजय, जय सिंह सहित परिवार के अन्य सदस्यों ने बताया कि वे सभी किसी न किसी मनोकामना के साथ यह कांवड़ यात्रा कर रहे हैं। इस जत्थे की खास बात यह है कि परिवार के 18 सदस्य एक साथ मिलकर यह यात्रा करते हैं।
हरिद्वार से उनके गांव की दूरी करीब 450 किलोमीटर है। जत्था भोलेनाथ के जयकारों के साथ प्रतिदिन 40 से 50 किलोमीटर की दूरी तय कर रहा है। जत्थे में शामिल दिले सिंह ने बताया कि वह असम में सीआरपीएफ में तैनात हैं। नौकरी के दौरान उन्होंने भगवान भोलेनाथ से एक मनोकामना मांगी थी।
मन्नत पूरी होने के बाद उन्होंने छुट्टी लेकर इस संकल्प को पूरा करने के लिए कांवड़ यात्रा में शामिल होने का निश्चय किया। किसी ने संतान सुख मांगा तो किसी ने परिवार की सुख-शांति और नौकरी के लिए प्रार्थना की।
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यह जत्था केसरिया वस्त्र धारण कर, कंधों पर कांवड़ लेकर भजन गाते हुए आगे बढ़ रहा है। रास्ते में बोल बम के जयकारे लगा रहे हैं। इसके अलावा दिल्ली के टैगोर गार्डन निवासी अजय, धीरज, आर्यन, सागर, अरमान, गोलू तीनों लोकों का संगम का संदेश लिए कांवड़ लेकर आए हैं। अपनी कांवड़ के जरिए उन्होंने आग, पानी, धुआं तीनों दर्शाए हैं।
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दिल्ली के चांदनी चौक निवासी नितिन, गिरीश, पुनीत, अंकित ने बताया कि वह 28 जुलाई को कांवड़ लेकर चले थे। इस कांवड़ में 20 कलश हैं, जो आकर्षण का केंद्र बने रहे।