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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    UP News: लोकसभा चुनाव के बीच राजनीति से सन्यास, भाजपा नेता श्रीभगवान ने शुकतीर्थ में गंगा तट पर अपने गुरु से ली दीक्षा

    Updated: Sun, 12 May 2024 01:17 PM (IST)

    भाजपा जिला पंचायत सदस्य श्रीभगवान शर्मा ने ली सन्यास दीक्षा। शुकतीर्थ में गंगा तट पर स्वामी महादेव आश्रम महाराज से ली दीक्षा। महाराज ने कहा सन्यासी दी ...और पढ़ें

    नेतागिरी छोड़ सन्यासी बने जिला पंचायत सदस्य श्रीभगवान।
    नेतागिरी छोड़ सन्यासी बने जिला पंचायत सदस्य श्रीभगवान।

    HighLights

    1. नेतागिरी छोड़ सन्यासी बने जिला पंचायत सदस्य श्रीभगवान
    2. श्रीमद दंडी स्वामी महादेव आश्रम महाराज ने उन्हें संन्यास की दीक्षा दिलाई

    संवाद सूत्र, जागरण, मोरना/मुजफ्फरनगर। भाजपा के जिला पंचायत सदस्य श्रीभगवान शर्मा ने राजनीतिक चौला उतार दिया। अब वह सन्यासी हो गए हैं। शुकतीर्थ में गंगा घाट पर उन्होंने विधि विधान से मंत्रोचारण के बीच सन्यास दीक्षा ली। ब्रह्म विद्यापीठ के श्रीमद दंडी स्वामी महादेव आश्रम महाराज ने उन्हें दीक्षा देकर भगवा वस्त्र आदि धारण कराया। अब उनका नाम स्वामी भगवान आश्रम रखा।

    नई मंडी क्षेत्र के बचनसिंह कालोनी निवासी श्रीभगवान शर्मा भाजपा से वार्ड-10 से जिला पंचायत सदस्य हैं। इससे पहले गांव सरवट के प्रधान भी रह चुके हैं। उन्होंने शनिवार को अपने जन्मदिवस पर शुकतीर्थ गंगा तट पर विधि विधान से वैदिक मंत्रोचारण के बीच सन्यास ले लिया।

    नगरी की ब्रह्म विद्यापीठ के श्रीमद दंडी स्वामी महादेव आश्रम महाराज ने उन्हें संन्यास की दीक्षा दिलाई। जिसमें विधि विधान से विरजा होम संपन्न कराया।

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    गंगाजल से मंगलाभिषेक

    दिव्य मंत्रोचारण के साथ 108 बार पावन गंगाजल से मंगलाभिषेक, गंगा स्नान, केश एवं यज्ञोपवीत विसर्जन, दण्ड, कमंडल और भगवा वस्त्र धारण कराए तथा शिखा उच्छेदन के पश्चात भिक्षा के पात्र भेंट किए।

    इस दौरान स्वामी महादेव आश्रम महाराज ने कहा कि संन्यासी बनना कोई आसान प्रक्रिया नहीं है। इसके लिए कठिन परिश्रम करना पड़ता है। कोई व्यक्ति जब चेतना के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचता है, तब वह संन्यासी कहलाता है। शास्त्रों में संन्यास को जीवन की सर्वोच्च अवस्था कहा गया है।