नोएडा: सीवर सफाई से होती है ग्रामीणों की दिन की शुरुआत, कीचड़ के बीच 5000 लोगों का जीना मुश्किल
नोएडा के आगाहपुर गांव में ग्रामीण स्वच्छ पानी, गंदगी और सीवर की समस्या से जूझ रहे हैं, जबकि प्राधिकरण की ओर से मिलने वाला पानी भी दूषित है। गांव में म ...और पढ़ें
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गांव में बह रहा नाला बदबू और मच्छरों से लोग हो रहे बीमार। जागरण
HighLights
आगाहपुर गांव में स्वच्छ पेयजल और गंगाजल की आपूर्ति नहीं।
उफनते सीवर और गंदगी से ग्रामीण नारकीय जीवन जीने को मजबूर।
नोएडा प्राधिकरण ने गांव की समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
चेतना राठौर, नोएडा। उत्तर प्रदेश का सुनियोजित, आधुनिक और तेजी से बढ़ता आर्थिक पावरहाउस नोएडा भले ही लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं, लेकिन यहां के ग्रामीण असुविधाएं, गंदगी, कीचड़ के बीच नारकीय जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
सेक्टर-41 आगाहपुर गांव के लोग स्वच्छ पानी को तरस रहे हैं। गांव में न स्वच्छ पानी है और न ही वातावरण। 4 से 5 हजार वोटर वाले इस गांव में गंगाजल की पाइपलाइन नहीं पहुंची है। नोएडा प्राधिकरण की ओर से मिलने वाला पीने का गंदा पानी लोगों अस्वस्थ कर रहा है।
गांव के शिव मंदिर में जाने के लिए लोगों को उफनते सीवर से होकर गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों की सुबह उफनते सीवर की सफाई करके होती है। 10 से 15 हजार की ग्रामीणों की मूल आबादी व एक लाख से अधिक प्रवासी निवास कर हैं।
गांव के निवासियों को नोएडा प्राधिकरण स्वच्छ पानी और निवास उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। एलिवेटेड रोड होने के कारण ट्रैफिक की समस्या बनी रहती है।
दिल्ली के पैलनजी, अलीगंज के बाढ़ पीड़ित महज 5 गुर्जर परिवारों द्वारा बसाया गया था। इसके साथ ही गांव का नामकरण भी विधि विधान से किया गया। इस गांव की खासियत है कि यहां सर्वाधिक दूध डेयरी का कार्य होता है। गाय पालन करना गांववासियों का मुख्य कार्य रहा है।
गांव की दस प्रमुख समस्याएं
- बिजली कटौती
- पेयजल की व्यवस्था न होना
- नियमित सफाई न होना
- गंगाजल सप्लाई नहीं
- साप्ताहिक बाजार नहीं
- दारू का ठेकों पर शराबियों का जमवाड़ा
- वर्षा में सड़क पर नाले की वजह से भरता है पानी
- ट्रैफिक की समस्या
- फुटब्रिज नहीं है
- सर्विस रोड नहीं है
एक नजर में आगाहपुर गांव
- स्थापना- 1990
- वोटर - मूल ग्रामीण 4 से 5 हजार
- घर- 500
- प्रवासी आबादी- एक लाख
- किसने बसाया-राम सिंह मुखिया
डीएससी मार्ग पर गांव होने के बावजूद कोई भी साप्ताहिक बाजार की सुविधा नहीं है गांव की महिलाओं-परिवारों को सब्जी फल आदि लेने दूसरे गांव जैसे सदरपुर,बरौला,सेक्टर 39 आदि जगह जाना पड़ता है। - अंकित नागर
गांव में कोई भी खेल स्थान नहीं नहीं जंहा बच्चे खेल सके और प्रशिक्षण ले सके। पार्क नहीं हैं गांव में गंदगी का अंबार लगा रहता है। - गणेश जाटव
एलिवेटेड मार्ग में वाहनों के तेज रफ्तार आवागमन एवं सड़क दुर्घटनाओं का बढ़ना गावंवासियों के लिए पिछले पांच सालो से फुट ओवरब्रिज की मांग पूरी नहीं हो रही है। - नीरज चौधरी
शमशान स्थल की चार दीवारी का कार्य पूरा न होने से शराबी और गलत लोग आए दिन बैठे रहते हैं। जिससे लोगों में डर बना रहता है। - किट्टी प्रधान
नाला की वजह से गांव में बीमारियां फैल रही हैं। नोएडा प्राधिकरण को कई बार बाेलने के बाद भी नाले का ढका नहीं जा रहा है। बदबू से लोगों का बुरा हाल रहता है। मानसून में नाले से पानी बाहर आने लगता है। - राजवीर मुखिया
प्राधिकरण की ओर से कचरे की गाड़ी आती है, लेकिन कचरा उसमें डाल सकें इतनी रूकती ही नहीं लाेगों को भाग-भाग कर कचरा डालना पड़ता है इससे जमीन पर कचरा बिखरा रहता है। - दीपांशु शर्मा
नोएडा प्राधिकरण की ओर मिलने वाला पीने का पानी गंदा रहता है इसलिए पूरा गांव पानी खरीदकर पी रहा है। महीने में एक हजार से अधिक का पानी बाहर से खरीदना पड़ता है। - सौरभ बैसोया
सभी गांव की समस्याओं को नोट किया जा रहा है। नालों, सड़कें, पानी सहित सभी समस्याओं पर कार्य किया जाएगा। - इंदु प्रकाश, ओएसडी, नोएडा प्राधिकरण
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