दिल्ली से सिर्फ 21 मिनट में नोएडा एयरपोर्ट; हाई-स्पीड रेल, नमो भारत और पॉड टैक्सी से सबसे तेज कनेक्टिविटी
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ानें शुरू हो गई हैं, और अब इसे मेट्रो, नमो भारत व हाई-स्पीड रेल जैसे बहुस्तरीय परिवहन नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है।

नोएडा एयरपोर्ट के लिए मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट सिस्टम बनाया जा रहा। फोटो: एआई जनरेटेड
HighLights
एयरपोर्ट की यात्री क्षमता 1.2 करोड़ से 7 करोड़ तक बढ़ेगी
मेट्रो, नमो भारत, हाई-स्पीड रेल से एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी
मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी से रोजगार और कारोबार के अवसर बढ़ेंगे
मनोज कुमार शर्मा, जेवर। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ानों की शुरुआत के साथ जेवर आसमान को छू चुका है। अब जमीन पर एयरपोर्ट तक पहुंच आसान बनाने के लिए बहुस्तरीय परिवहन नेटवर्क विकसित करने की तैयारी है।
एयरपोर्ट के पहले चरण में सालाना 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता है। भविष्य के चरणों में इसे सात करोड़ से अधिक यात्रियों प्रतिवर्ष तक बढ़ाने की योजना है। टर्मिनल टू 1.2 करोड यात्री क्षमता के 80 प्रतिशत तक पहुंचने इसका निर्माण शुरू होगा , टर्मिनल वन और टू के बीच में अंडर ग्राउंड जीटीसी का निर्माण होना है।
इतनी बड़ी यात्री संख्या के लिए केवल टर्मिनल और रनवे का विस्तार पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि एयरपोर्ट तक तेज, सुगम और भरोसेमंद जमीनी कनेक्टिविटी भी जरूरी होगी। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए जीटीसी का काम टर्मिनल टू से पहले शुरू होने की संभावना है।
एयरपोर्ट के मास्टर प्लान में इसे शामिल किया गया है। प्रस्तावित जीटीसी में बस, टैक्सी और निजी वाहनों के साथ दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर,गाजियाबाद-जेवर नमो भारत रैपिड रेल कॉरिडोर की कनेक्टिविटी होगी।
दिल्ली से नोएडा एयरपोर्ट की हाई स्पीड कनेक्टिविटी सबसे तेज होगी, जो 21 मिनट में यात्रियों को दिल्ली से नोएडा एयरपोर्ट तक पहुंचाएगी। करीब 72.44 किलोमीटर लंबे रैपिड रेल कॉरिडोर से गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र को जेवर एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए केंद्र से स्वीकृति का इंतजार हो रहा है।
हाईस्पीड रेल कॉरिडोर एयरपोर्ट तक देगा कनेक्टिविटी
एयरपोर्ट को दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर सबसे तेज कनेक्टिविटी देगा। दिल्ली एनसीआर के अलावा नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरूग्राम और फरीदाबाद सहित एनसीआर के यात्रियों को एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए सबसे तेज कड़ी साबित होगी। महज 21 मिनट में दिल्ली से नोएडा एयरपोर्ट की दूरी तय होगी। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में प्रस्तावित फिल्म सिटी और एयरपोर्ट के बीच पाड टैक्सी भी छोटी दूरी की तेज कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की दिशा में अहम परियोजना साबित होगी।
मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी से बढ़ेंगा रोजगार-कारोबार
मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी बढ़ने से होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी, पार्किंग, रिटेल और अन्य सेवा क्षेत्रों में कारोबार बढ़ेगा। कार्गो और लाजिस्टिक्स गतिविधियों के विस्तार से वेयरहाउसिंग, परिवहन और सप्लाई चेन से जुड़े रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। यमुना क्षेत्र के औद्योगिक सेक्टर, फिल्म सिटी और अन्य परियोजनाओं को भी बेहतर परिवहन नेटवर्क मिलेगा।
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