3 जिलों के श्रमिकों की सेहत को 'संजीवनी', ग्रेटर नोएडा में 350 बेड के ESI अस्पताल से मिलेगी बड़ी राहत
ग्रेटर नोएडा के नालेज पार्क में 550 करोड़ की लागत से 350 बेड का ईएसआइ अस्पताल बनने का रास्ता साफ हो गया है। अस्पताल बनने से मथुरा, बुलंदशहर और गौतमबुद ...और पढ़ें

ग्रेटर नोएडा में बनेगा 350 बेड का ईएसआई अस्पताल। फोटो: एआई जनरेटेड
HighLights
ग्रेटर नोएडा में बनेगा 350 बेड का ईएसआइ अस्पताल
शासन ने दी 550 करोड़ रुपये से अस्पताल की मंजूरी
अस्पताल बनने से लाखों कार्डधारकों को मिलेगा लाभ
जागरण संवाददाता, नोएडा। ग्रेटर नोएडा के नाॅलेज पार्क में 550 करोड़ की लागत से 350 बेड का ईएसआई अस्पताल बनने का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यालय से प्राधिकरण को 29,300 वर्गमीटर जमीन के लिए करीब 16 करोड़ का भुगतान भी हो चुका है।
जमीन आवंटन के बाद शेष प्रक्रिया अंतिम चरण में हैं। अधिकारियों ने उन्हें भी जल्द पूरा करने की बात कही है। अस्पताल बनने से मथुरा, बुलंदशहर और गौतमबुद्धनगर के पांच लाख से ज्यादा कार्डधारकों को बड़ी राहत मिलेगी।
मार्च 2025 को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक की अध्यक्षता कर ग्रेटर नोएडा में 350 बेड के ईएसआई अस्पताल को बनाने की मंजूरी दी थी। उन्होंने अस्पताल बनने पर एक हजार प्रत्यक्ष और दो से तीन हजार अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की भी बात कही थी।
नाॅलेज पार्क में 29,300 वर्गमीटर जमीन को मंजूरी
ईएसआई मुख्यालय और शासन की तेज प्रक्रिया देखकर प्राधिकरण ने नाॅलेज पार्क में 29,300 वर्गमीटर जमीन को मंजूरी दे दी थी। शासन की मंशा है कि ग्रेटर नोएडा, दादरी व यमुना औद्योगिक क्षेत्र में सैंकड़ों औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत श्रमिका एवं उनके परिवारजनों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ दिया जाए।
अभी जनपद के श्रमिकों को इलाज के लिए सेक्टर-24 स्थित ईएसआइसी मेडिकल काॅलेज एवं अस्पताल जाना पड़ता है। ग्रेटर नोएडा के गामा-1 सेक्टर में डिस्पेंसरी में सीमित स्तर पर उपचार की सुविधा है।
बीते वर्ष में मुख्य सचिव व प्राधिकरण के चेयरमैन मनोज कुमार सिंह ने 139वीं बोर्ड बैठक में ईएसआई अस्पताल के लिए 29,300 वर्गमीटर जमीन को स्वीकृति दे दी थी। इसके बाद प्राधिकरण के अधिकारियों से कागजी कार्रवाई तेज कर दी गई। शासन से 550 करोड़ रुपये आवंटन होने के बाद ईएसआई ने लगभग 16 करोड़ प्राधिकरण को जमा करा दिए हैं।
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2030 तक बनेगा अस्पताल, तीन जिलों को होगा लाभ
उच्च अधिकारियों ने ग्रेटर नोएडा में 2030 तक अस्पताल का निर्माण पूरा कराने का लक्ष्य रखा है। इसमें आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ वरिष्ठ एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श व उपचार का लाभ मिलेगा।
यही नहीं, अस्पताल परिसर में स्टाफ के रहने की भी व्यवस्था की जा सकती है। फिलहाल, इस अस्पताल से मथुरा, ग्रेटर नोएडा, बुलंदशहर और गाजियाबाद के कार्डधारकों को भी बड़ी राहत मिलेगी।
ईएसआइ के डायरेक्टर नरेंद्र मोहन ओझा ने बताया कि प्राधिकरण को भुगतान करने के बाद कागजी प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसे भी जल्द पूरा कर उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी। वहां से निर्माण कार्य समेत अन्य बिंदुओं पर कार्रवाई तेज होगी।