दिल्ली-NCR में गर्मी बढ़ने के साथ ही बढ़ीं आग लगने की घटनाएं, बचाव के लिए करें ये 8 काम
गर्मी बढ़ने के साथ दिल्ली-एनसीआर में आग लगने की घटनाएं बढ़ी हैं, ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि आग से बचाव के उपाय हर किसी को पता हों। ...और पढ़ें

आग से बचाव के क्या हैं उपाय? फोटो- एआई जनरेटेड

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में गर्मी जैसे-जैसे प्रचंड रूप ले रही है, वैसे-वैसे आग लगने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। कई बार यह घटनाएं अलग-अलग शहरों में होती हैं और कई बार आग की कई घटनाएं एक ही शहर या इलाके में भी सामने आ जाती हैं। जैसे आज यानी 21 अप्रैल को गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक में ही आग की दो अलग-अलग घटनाएं हुईं।
ऐसे में यह बहुत जरूरी हो जाता है कि आम लोगों को यह पता हो कि आग लगने पर सबसे पहले क्या करना है, जिससे कम से कम नुकसान हो। आइए जानते हैं विशेषज्ञ क्या कहते हैं...
सबसे पहले क्या करें?
- आग लगने पर घबराने की बजाय लोगाें का बचाव करते हुए शुरुआती स्तर पर आग को बुझाने का प्रयास करना चाहिए। इससे आग नहीं फैलेगी और नुकसान भी नहीं होगा।
- खासतौर पर भवनों में आग लगने पर निकासी का होना भी जरूरी है। अग्निशमन विभाग की गाइडलाइन का पालन करने से आग और उससे होने वाली जनहानि से बचा जा सकता है।
- आग लगने पर पैनिक होने के बजाय हेल्पलाइन नंबर 101 या 112 पर कॉल करें।
- संभव हो तो धुएं से बचने के लिए सीधे खड़े होकर चलने के बजाय झुककर निकलें और लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल करें।
- धुएं से बचने के लिए मुंह और नाक को गीले कपड़े से ढंककर निकलने की प्रयास करें, जिससे धुआं आप पर असर न कर सके।
- जब आग लगी हो तो कोई भी दरवाजा खोलने से पहले यह जरूर सुनिश्चित कर लें कि गेट के उस पार आग ज्यादा तो नहीं है।
- आग लगते ही संभव हो तो सबसे पहला काम मुख्य बिजली सप्लाई को बंद करने का करें।
- अगर कपड़ों में आग लग जाए तो रुकें, नीचे गिरें और लुढ़कें ताकि आग बुझ जाए।
अग्निशमन विभाग कर रहा लोगों को जागरूक
गौतमबुद्ध नगर अग्निशमन विभाग की टीम अग्निशमन सेवा सप्ताह के अंतर्गत इस तरह से लोगों को जागरूक कर रही है। मॉकड्रिल के माध्यम से आग से बचाव के गुर भी सीखा रही है।
गौतमबुद्ध नगर मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार चौबे ने बताया कि जिले में 22 अप्रैल तक अग्निशमन सेवा सप्ताह का आयोजन होगा।
14 से 19 अप्रैल तक चले अभियान के दौरान जिले के तीनों जोन में 50 अलग-अलग जगहों पर निकासी (इवैक्यूएशन) और मॉक ड्रिल कराई जा चुकी है। इसमें लगभग 8300 लोगों ने भाग लिया और अग्नि सुरक्षा के बारे में जानकारी हासिल की।