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    ग्रेटर नोएडा के 253 किसानों के लिए बड़ी राहत, जल्द मिलेगा उनके प्लॉट पर मालिकाना हक

    Updated: Wed, 15 Jul 2026 07:16 PM (IST)

    ग्रेनो प्राधिकरण ने रोजा याकूबपुर और सैनी गांव के 253 किसानों के आबादी भूखंडों की शिफ्टिंग प्रक्रिया तेज कर दी है। एक माह के भीतर यह कार्य पूरा कर किस ...और पढ़ें

    ग्रेनो प्राधिकरण ने रोजा याकूबपुर और सैनी गांव के 253 किसानों के आबादी भूखंडों की शिफ्टिंग प्रक्रिया तेज कर दी है। इमेज एआई

    ग्रेनो प्राधिकरण ने रोजा याकूबपुर और सैनी गांव के 253 किसानों के आबादी भूखंडों की शिफ्टिंग प्रक्रिया तेज कर दी है। इमेज एआई

    जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। आबादी के भूखंड शिफ्टिंग की मांग कर रहे किसानों के लिए राहत भरी खबर है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने रोजा याकूबपुर और सैनी गांव के कुल 253 किसानों के भूखंड शिफ्ट करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। प्राधिकरण ने एक माह के भीतर शिफ्टिंग पूरी कर किसानों को भूखंड पर मालिकाना हक देने का लक्ष्य रखा है।

    प्राधिकरण ने रोजा याकूबपुर के 177 और सैनी गांव के 76 किसानों को आबादी के भूखंड आवंटित किए थे। लेकिन जहां ये भूखंड आवंटित किए गए थे, वहां जमीन संबंधी विवाद सामने आ गए थे। इसके चलते किसानों को कब्जा नहीं मिल पाया था। किसान कई वर्षों से भूखंड शिफ्ट करने के लिए प्राधिकरण के चक्कर काट रहे थे।

    मामले को गंभीरता से लेते हुए सीईओ एनजी रवि कुमार ने बुधवार को खुद इसकी मानिटरिंग शुरू की है। उन्होंने एक माह में इस काम को पूरा करने के लिए दो एसीईओ प्रेरणा सिंह और सुमित यादव को जिम्मेदारी सौंपी है। अब सैनी के लिए एसीईओ सुमित यादव और रोजा याकूबपुर के लिए एसीईओ प्रेरणा सिंह को प्रभारी बनाया गया है। ये टीम टीम किसानों की पात्रता की जांच करेगी।

    प्रोजेक्ट विभाग ने नई जगह चिंहित कर प्लानिंग विभाग को दे दी है। प्लानिंग विभाग जल्द भूखंड की लोकेशन तय कर रिपोर्ट देगा। इसके बाद किसानों को भूखंड आवंटित कर दिए जाएंगे। इसके अलावा घंघोला गांव में भी कुछ किसानों के भूखंड नहीं लग पा रहे थे। सीईओ के निर्देश पर वहां करीब 40 भूखंड चिंहित कर कर दिए गए हैं।

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    इन्हें भी जल्द किसानों को सौंपा जाएगा। सीईओ एनजी रवि कुमार ने कहा कि हर अधिकारी के काम की डेडलाइन तय कर दी गई है। उसी के अनुसार कार्य पूरा किया जाएगा। इसमें कोताही बरतने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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