ग्रेटर नोएडा में MNC फैक्ट्री में लगी आग, धमाके से गिरी बीम-दीवार; मलबे में दबने से 2 फायर कर्मियों की मौत
ग्रेटर नोएडा की एक मल्टीनेशनल फैक्ट्री में आग लगने के बाद बिल्डिंग का मलबा गिरने से दो दमकलकर्मियों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। जांच में आग क ...और पढ़ें

ग्रेटर नोएडा में मलब में दबने से दो फायर कर्मियों की मौत। फोटो: जागरण
HighLights
ग्रेटर नोएडा फैक्ट्री आग में दो दमकलकर्मी शहीद
बिल्डिंग गिरने से चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल
शॉर्ट सर्किट और धुएं की निकासी की कमी कारण
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। पीसीबी पैनल बनाने वाली मल्टीनेशनल कंपनी आइएलजीआइएन इलेक्ट्रानिक्स की फैक्ट्री में मंगलवार तड़के 3.10 बजे आग गई। इस दौरान करीब 450 कर्मचारी फैक्ट्री में मौजूद थे।
आग बुझाने पहुंची अग्निशमन टीम ने फैक्ट्री कर्मियों को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन बिल्डिंग की एक भारी लोहे की बीम और दीवार गिरने से दो दमकलकर्मियों की मौत हो गई, जबकि तीन दमकलकर्मी और एक फैक्ट्री कर्मी घायल हो गए।
मृतकों में बागपत जनपद के थाना चांदीनगर अंतर्गत सहबानपुर निवासी दमकल कर्मी रोहित यादव (32) और बागपत के ही हिलवाड़ी गांव निवासी मुख्य आरक्षी चालक तीर्थपाल सिंह (48) शामिल हैं। घायलों का इलाज ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित यथार्थ अस्पताल में चल रहा है। विभाग ने परिसर और सभी मशीनरी को सील कर दिया है।
450 कर्मचारियों को सुरक्षित निकालने के दौरान हुआ हादसा
सहायक निदेशक कारखाना और श्रम प्रवर्तन की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिक गर्मी से स्टील संरचना में तापीय प्रसार (लंबाई व क्षेत्रफल में परिवर्तन) और अधिक पानी से तीव्र तापीय संकुचन (गर्म होकर अचानक तेजी से ठंडा होने पर सिकुड़ने) से दीवार ढह गई।
जांच में सामने आया कि धुआं निकासी की व्यवस्था नहीं थी। मान्यता प्राप्त संस्था से स्ट्रक्चरल, अग्नि, बिजली आदि का आडिट कराने का आदेश दिया है।
आग पर काबू के दौरान दमकलकर्मियों पर गिरी बीम और दीवार
दमकल विभाग के मुताबिक ईकोटेक-3 कोतवाली क्षेत्र में स्थित फैक्ट्री के प्रथम तल पर रात बिजली लाइन में शार्ट सर्किट से आग लग गई। पुलिस, आसपास की दमकल की 12 गाड़ियों और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचकर आग पर काबू को जुट गईं।
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बचाव दल ने महज 15 से 20 मिनट में सभी कर्मियों को सुरक्षित निकाल लिया, तब तक करीब 50 मीटर लंबी बिल्डिंग के दोनों तल पर धुआं भर चुका था। आग लगातार भीषण हो रही थी।
सुबह करीब 4.15 बजे बिल्डिंग की एक साइड में आगे-पीछे खड़ी दो गाड़ियों पर चढ़कर दूसरी मंजिल पर पाइप से पानी डाल रहे दमकलकर्मियों पर लोहे की भारी बीम समेत दीवार का मलबा आ गिरा।
चपेट में आए रोहित यादव, तीर्थपाल सिंह, मुख्य आरक्षी चालक राजपाल सिंह, फायरमैन मनीष कुमार, फायरमैन अमित कुमार और फैक्ट्री कर्मी त्रिभुवन तिवारी घायल हो गए। सभी को बाहर निकालकर एंबुलेंस से यथार्थ अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डाक्टरों ने रोहित और तीर्थपाल सिंह को मृत घोषित कर दिया।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर जांच के आदेश
पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह और एडीजी फायर पद्मजा चौहान ने यथार्थ अस्पताल पहुंचकर घायलों की स्थिति का जायजा लिया। पुलिस कमिश्नर ने मामले की जांच कर नियमों में अनदेखी मिलने पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इसमें फैक्ट्री के स्ट्रक्चरल आडिट के लिए पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को भी पत्र लिखा जा रहा है।
जांच में धुआं निकासी समेत कई खामियां मिलीं
फैक्ट्री में आग लगने के कारणों की सहायक निदेशक कारखाना और श्रम प्रवर्तन अधिकारियों के संयुक्त दल ने जांच की। इसमें धुआं निकासी नहीं होने समेत कई खामियां मिलने पर उत्पादन और मशीन संचालन पर प्रतिबंध लगा दिया है।
प्राथमिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, सुबह करीब 3:10 बजे प्रथम तल स्थित एजिंग टेस्टिंग एरिया में आग लगी थी। प्रबंधन ने कर्मचारियों को बाहर निकालने के साथ दमकल विभाग को सूचना दी थी।
प्रथम तल पर लगा पाली रूफिंग सिस्टम, स्टील ट्रस, स्टील बीम और कालम अत्यधिक भीषण आग से स्टील संरचना में तापीय प्रसार और बड़ी मात्रा में पानी के प्रयोग तीव्र तापीय संकुचन से दीवार ढह गई।
बिजली उपकरण प्रभावित, भवन की स्थिरता पर भी खतरा
जांच में यह भी पाया गया कि धुआं निकासी की प्रभावी व्यवस्था नहीं थी। प्रथम तल से लगातार जल रिसाव होकर भूतल और बेसमेंट तक पहुंच रहा था, जिससे बिजली पैनल, केबल, पीएलसी, सर्वो ड्राइव, इलेक्ट्रानिक नियंत्रण प्रणाली व अन्य बिजली उपकरणों के प्रभावित होने की आशंका पाई गई।
इसके अतिरिक्त स्टील संरचना, आरसीसी, नींव व भवन की समग्र संरचनात्मक स्थिरता पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। अधिकारियों ने कहा कि इस स्थिति में भारी मशीन के संचालन से कंपन होने के कारण भवन के ध्वस्त होने व शार्ट सर्किल से आग लगने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता।