ग्रेटर नोएडा में किसानों की महापंचायत, 10% विकसित भूखंड समेत मांगों पर जल्द होगी बैठक
किसानों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय पर लंबित आबादी प्रकरणों, 10% विकसित भूखंड और नए अधिग्रहण कानून की मांगों को लेकर महापंचायत की। अधिकारियों स ...और पढ़ें

ग्रेनो प्राधिकरण कार्यालय के बाहर धरना पर बैठे किसान। जागरण
HighLights
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर किसानों की महापंचायत आयोजित हुई।
लंबित आबादी, 10% भूखंड, नए कानून मुख्य मांगें थीं।
अधिकारियों से वार्ता के बाद धरना समाप्त, बैठक निश्चित।
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। लंबित आबादी प्रकरणों के निस्तारण, उचित मुआवजा, नए अधिग्रहण कानून और 10 प्रतिशत विकसित भूखंड समेत अन्य मांगों को लेकर शुक्रवार को किसानों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय पर महापंचायत की।
किसान संघर्ष मोर्चा के बैनर तले सुबह जैतपुर गोलचक्कर से प्राधिकरण कार्यालय तक पदयात्रा निकाली गई। प्राधिकरण कार्यालय की ओर जाने वाले सभी मार्गों पर बैरिकेड लगाकर ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया।
प्राधिकरण पहुंचने पर किसानों ने गेट नंबर दो पर लगे बैरिकेड को गिराकर अंदर प्रवेश का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
नए कानून और आबादी निस्तारण पर बैठक तय
इसके बाद बुधवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर 10 प्रतिशत भूखंड, आबादी, नए कानून को लागू करने, सर्किल रेट के पुनरीक्षण और लंबित आबादी प्रकरणों के निस्तारण की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन और पंचायत की।
देर शाम करीब साढ़े सात बजे धरना स्थल पर तीनों प्राधिकरणों के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी पहुंचे और किसानों से वार्ता की। इसके बाद ग्रेटर नोएडा के सीईओ और जिलाधिकारी के साथ आने वाले शुक्रवार को 10 प्रतिशत भूखंड, नए कानून और आबादी निस्तारण पर बैठक तय हुई है।
भारतीय किसान संघर्ष मोर्चा के डा. रूपेश वर्मा ने कहा कि 5 अगस्त तक यमुना और नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों से भी वार्ता होगी। समाधान न होने पर 5 अगस्त से यमुना प्राधिकरण पर धरना शुरू किया जाएगा।
शुक्रवार को महापंचायत में महिलाएं भी बड़ी संख्या में शामिल हुईं। किसान सभा, किसान एकता संघ और किसान परिषद के पदाधिकारी मौजूद रहे। किसान नेता सुखवीर खलीफा व मास्टर श्यौराज सिंह समेत अन्य किसान संगठनों के पदाधिकारी भी पहुंचे।
जमीन से जुड़े मुद्दों का अभी तक हल नहीं
किसान नेता डा. रूपेश वर्मा ने कहा कि 2023-24 के आंदोलन के बाद प्रशासन ने कई आश्वासन दिए थे, लेकिन जमीन से जुड़े मुद्दे अब तक हल नहीं हुए। उन्होंने बताया कि नोएडा में करीब 3800, यीडा क्षेत्र में 800 और ग्रेटर नोएडा में 854 आबादी प्रकरण लंबित हैं।
एक लाख से अधिक किसान 10 प्रतिशत विकसित भूखंड के अधिकार से वंचित हैं। महापंचायत में समाजवादी पार्टी जिलाध्यक्ष सुधीर भाटी के नेतृत्व में अन्य पदाधिकारी भी शामिल हुए। उन्होंने कहा सपा किसानों की इस लड़ाई में साथ खड़ी है और हक दिलाने के लिए संघर्ष में पूरी मदद करेगी।