ग्रेटर नोएडा में मल्टी-पॉइंट बिजली कनेक्शन, आधी सोसायटियों को मिली राहत; बाकी को इंतजार
ग्रेटर नोएडा की लगभग 50% सोसायटियों में मल्टी-पॉइंट बिजली कनेक्शन हो गए हैं, जिससे 53 हजार से अधिक उपभोक्ता सीधे एनपीसीएल से जुड़ गए हैं। 68 नई सोसायट ...और पढ़ें

ग्रेटर नोएडा की लगभग 50% सोसायटियों में मल्टी-पॉइंट बिजली कनेक्शन हो गए हैं। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा की तकरीबन 50 प्रतिशत सोसायटी में बिजली का मल्टी प्वाइंट कनेक्शन हो चुका हैं। इससे तकरीबन 53 हजार से अधिक उपभोक्ता सीधे नोएडा पावर कंपनी लि. से जुड़ गए हैं। इसमें 68 सोसायटी नई हैं, लेकिन 23 सोसायटी ऐसी हैं, जिन्हें सिंगल प्वाइंट से मल्टी प्वाइंट कनेक्शन में बदला गया है। दो सोसायटी में अभी परिवर्तन का काम चल रहा है। ग्रेटर नोएडा में दो सौ से अधिक सोसायटी है। शत प्रतिशत के लक्ष्य अभी दूर है।
सिंगल प्वाइंट कनेक्शन के कारण सोसायटी में रहने वाले निवासियों को बिल्डर का शोषण झेलना पड़ता है। निर्धारित दरों से अधिक पर बिजली आपूर्ति के अलावा लोड बदलने पर भारी भरकम शुल्क, प्रति किलोवाट भार के लिए निर्धारित से अधिक की वसूली, मेंटेनेंस शुल्क को बिजली मीटर से वसूली आदि के कारण उपभोक्ताओं ने उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत नियामक आयोग से राहत दिलाने की मांग की थी।
आयोग ने आदेश जारी करते हुए 51 प्रतिशत निवासियों की सहमति से सिंगल प्वाइंट कनेक्शन को मल्टी प्वाइंट में बदलने के आदेश दिए थे, लेकिन कई वर्षों बाद भी अभी पचास 91 सोसायटी ही मल्टी प्वाइंट कनेक्शन की सुविधा से लैस हो सकी है। यानि इन सोसायटी में रहने वाले उपभोक्ता अब सीधे एनपीसीएल से जुड़ गए हैं। लेकिन अभी भी पचास प्रतिशत सोसायटी मल्टी प्वाइंट कनेक्शन से दूर हैं।
सोसायटी में एओए के बीच विवाद और मल्टी प्वाइंट कनेक्शन के लिए बिजली ढांचे में बदलाव को लेकर एनपीसीएल के ढीले रवैये से अभी शत प्रतिशत लक्ष्य पूरा होने में कई वर्ष और लग सकते हैं। कंपनी के प्रवक्ता मनोज झा का कहना है कि 23 सोसायटी को सिंगल प्वाइंट से मल्टी प्वाइंट में बदल दिया गया है। इसमें 17620 उपभोक्ता हैं। नई सोसायटी में 51352 मल्टी प्वाइंट कनेक्शन दिए गए हैं। 51 प्रतिशत सहमति देने वाली सोसायटी में परिवर्तन का काम तेजी से किया जा रहा है।