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    ग्रेटर नोएडा में मरीज की मौत के बाद बिल पर बवाल, भुगतान के बाद भी शव रोकने का आरोप; अस्पताल में जमकर हंगामा

    Updated: Mon, 13 Apr 2026 02:30 AM (IST)

    ग्रेटर नोएडा के शारदा केयर अस्पताल में एक मरीज की मौत के बाद परिजनों ने बिल को लेकर हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल पर शव रोकने और अधिक पैसे मांगने का ...और पढ़ें

    अस्पताल पर रुपए की मांग को लेकर शव रखने का आरोप। (AI Generated Image)

    अस्पताल पर रुपए की मांग को लेकर शव रखने का आरोप। (AI Generated Image)

    HighLights

    1. मरीज की मौत पर परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया।

    2. परिजनों ने बिल विवाद और शव रोकने का आरोप लगाया।

    3. पुलिस ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया, समझौता हुआ।

    जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। नालेज पार्क कोतवाली अंतर्गत संचालित शारदा केयर अस्पताल में शनिवार रात मरीज की मौत के बाद बिल के रुपए के लेन-देन को लेकर स्वजन ने हंगामा किया।

    पीड़ित स्वजन ने अस्पताल प्रबंधन पर अधिक बिल बताने व भुगतान के बाद भी शव देने का आरोप लगाया। हंगामा की सूचना पर पहुंची पुलिस ने पीड़ित स्वजन को समझा बुझा कर शांत किया। इसके बाद शव लेकर चले गए।

    इलाज के दौरान हुई मौत

    बिरौंडी निवासी पीड़ित स्वजन सुंदर शर्मा का कहना है कि परिवार के लालाराम कुमार (75) पेट की बीमारी से परेशान थे। समस्या बढ़ने पर 10 अप्रैल को उन्हें शारदा केयर हास्पिटल में भर्ती कराया था। डाक्टरों ने जांच के बाद एक आपरेशन होने की बात कही।

    इलाज का पैकेज भी तय कर दिया था। शनिवार को बिल की राशि जमा कराने के बाद डाक्टरों ने आपरेशन शुरू किया। इसी दौरान हालत बिगड़ने पर लालाराम कुमार की मौत हो गई।

    रुपए जमा करने पर ही शव देने का आरोप

    स्वजन का आरोप है कि डाक्टरों ने तीन लाख रुपए जमा करने के बाद ही शव देने की बात कही। इससे से स्वजन ने हंगामा शुरू कर दिया। अस्पताल प्रबंधन की सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह स्वजन को समझा बुझा कर शांत किया।

    प्रभारी निरीक्षक सर्वेश सिंह ने बताया किसी भी पक्ष ने लिखित में शिकायती पत्र नहीं दिया है। दोनों पक्ष ने आपस में सुलह समझौता कर लिया था। पीड़ित स्वजन शव लेकर चले गए थे।

    आरोपों को बताया निराधार

    शारदा केयर हेल्थ सिटी हास्पिटल प्रबंधन का कहना है कि रुपए की मांग को लेकर शव रोके जाने का आरोप निराधार है। हमारे संस्थान की ओर से पीड़ित स्वजन का बकाया 1.32 लाख रुपए छोड़ दिया गया। बिल करीब चार लाख रुपए हुआ था।

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