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    जुलाई तक कनेक्ट हो जाएंगे यमुना-ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, इंटरचेंज खुलने से 20 किमी दूरी होगी कम

    Updated: Sat, 25 Apr 2026 01:55 AM (IST)

    यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाला इंटरचेंज जून अंत या जुलाई तक वाहनों के लिए खुल जाएगा। इससे 20 किमी की दूरी कम होगी, ग ...और पढ़ें

    जुलाई तक यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे। (AI Generated Image)

    जुलाई तक यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे। (AI Generated Image)

    HighLights

    1. इंटरचेंज जून अंत या जुलाई तक होगा शुरू।

    2. 20 किमी दूरी कम होगी, ट्रैफिक से राहत।

    3. नोएडा एयरपोर्ट व यीडा सेक्टरों को लाभ।

    जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के बीच आवाजाही करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। जून के अंत या जुलाई में दोनों एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाला इंटरचेंज वाहनों आवाजाही के लिए शुरू हो जाएगा।

    इसके शुरू होने से एक एक्सप्रेसवे से दूसरे एक्सप्रेसवे पर जाने के लिए तकरीबन बीस किमी दूरी कम हो जाएगी साथ ही ग्रेटर नोएडा की सड़क और परीचौक पर वाहनों का दबाव कम होगा।

    पश्चिमी उत्तर प्रदेश व हरियाणा के लोगों को इसका फायदा मिलने के अलावा नोएडा एयरपोर्ट को यीडा के सेक्टरों तक पहुंच आसान हो जाएगी।

    2019 में बनी थी योजना

    नोएडा एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए दोनों एक्सप्रेसवे को यमुना एक्सप्रेसवे के दस किमी प्वाइंट पर जगनपुर अफजलपुर गांव के नजदीक इंटरचेंज बनाकर जोड़ने की योजना 2019 में बनी थी।

    दिल्ली की देव एस कंपनी को इसका ठेका दिया गया था, लेकिन जमीन को लेकर किसानों के विवाद, काेविड आदि के कारण परियोजना की लागत बढ़ने से योजना अधर में फंस गई थी। इसके बाद एनएचएआइ को इंटरचेंज बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई।

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    एनएचएआइ ने इंटरचेंज का 75 प्रतिशत निर्माण पूरा कर लिया है। यीडा सीईओ राकेश कुमार सिंह का कहना है कि जून अंत या जुलाई के मध्य तय दोनों एक्सप्रेसवे के बीच इंटरचेंज के जरिये वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाएगी।

    432 करोड़ की लागत से बना इंटरचेंज

    इंटरचेंज के निर्माण पर करीब 432 करोड़ रुपए लागत आई है। इसे तकरीबन 48 हे. जमीन पर बनाया गया है। इसमें कुल आठ लूप हैं। जिनकी कुल लंबाई 11 किमी है। चार लूप उतरने और चार लूप चढ़ने के लिए बने हैं।

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    दोनों एक्सप्रेसवे से लूप जुड़ चुके हैं, हालांकि अब काली लेयर पर काम शुरू किया जाएगा। यीडा की साठ मीटर चौड़ी सड़क को भी इससे कनेक्टिविटी दी गई है। इससे यीडा के सेक्टर भी सीधे जुड़ गए हैं।

    20 किमी दूरी होगी कम, जाम से मिलेगी राहत

    ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे व यमुना एक्सप्रेसवे के बीच अभी वाहनों की आवाजाही में 20 किमी अतिरिक्त दूरी तय करनी होती है। सिरसा में ईस्टर्न परिफेरल एक्सप्रेसवे से उतर कर परीचौक होकर यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट होकर जाना होता है।

    इससे सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ने के साथ जाम लगता है। इंटरचेंज के शुरू होने से सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होने से जाम से निजात मिलेगी। दूरी कम होने से समय की भी बचत होगी।

    हरियाणा और पउप्र के लोगों को होगा फायदा

    इंटरचेंज के शुरू होने से हरियाणा और पश्चिम उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के लोगों को फायदा होगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के अलावा मथुरा, आगरा, लखनऊ तक की आवाजाही आसान हो जाएगी।

    गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ के लोगों को आगरा की ओर जाने के लिए परी चौक आने के बजाए सीधे यमुना एक्सप्रेसवे पर जा सकेंगे। मथुरा, आगरा की ओर से आने वाले यात्री पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर जाने के लिए अतिरिक्त दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।

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