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    मशीनों को जंग, टाइल्स पर धूल... ग्रेटर नोएडा में करोड़ों के आल वेदर स्विमिंग पूल पर सालों से लटका ताला

    Updated: Mon, 18 May 2026 11:30 PM (IST)

    ग्रेटर नोएडा के शहीद विजय सिंह पथिक स्टेडियम में करोड़ों की लागत से बने ओलंपिक आकार के दो स्विमिंग पूल कई सालों से सूखे पड़े हैं। ...और पढ़ें

    करोड़ों के ओलंपिक स्विमिंग पूल कई सालों से सूखे

    करोड़ों के ओलंपिक स्विमिंग पूल कई सालों से सूखे

    HighLights

    1. करोड़ों के ओलंपिक स्विमिंग पूल कई सालों से सूखे

    2. ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण संचालन एजेंसी नहीं ढूंढ पाया

    3. तैराकों को महंगे निजी क्लबों पर निर्भर रहना पड़ रहा

    जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। जिले में तैराकी को बढ़ावा देने के लिए करोड़ों की लागत से शहीद विजय सिंह पथिक स्टेडियम में बनाए गए ओलिंपिक आकार के दो स्विमिंग पूल आज भी सूखे पड़े हैं। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का यह पहला आल वेदर स्विमिंग पूल बनकर कई साल पहले तैयार हो गया था, लेकिन अब तक इसका संचालन शुरू नहीं हो सका है।

    दरअसल, स्टेडियम परिसर में इंडोर पूल का निर्माण कराया गया है। दोनों पूल अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार तैयार हैं। इनमें वाटर हीटिंग, फिल्टरेशन और लाइटिंग की आधुनिक व्यवस्था भी की गई है। जिले के तैराकों को सर्दी-गर्मी हर मौसम में अभ्यास की सुविधा देने के उद्देश्य से इसे बनाया गया।

    प्राधिकरण की लापरवाही के कारण निर्माण पूरा होने के बाद से आज तक एक दिन भी इन पूलों में अभ्यास सत्र शुरू नहीं हो पाया। रखरखाव और संचालन के लिए एजेंसी न मिलने से पूल वीरान पड़े हैं। पानी की एक बूंद भी पूल तक नहीं पहुंची है। टाइल्स पर धूल जमी है और मशीनें जंग खा रही हैं।

    हालांकि साल 2022 में खेलो इंडिया गेम्स के लिए कुछ दिनों के लिए इसे खोला गया था, लेकिन इसके बाद फिर से इस पर ताला लग गया। इसके बंद होने का खामियाजा जिले के सैकड़ों उभरते तैराक भुगत रहे हैं। सरकारी सुविधा न होने के कारण खिलाड़ियों को मजबूरी में महंगे निजी क्लबों और अकादमी का सहारा लेना पड़ रहा है।

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    जिला तैराकी एसोसिएशन के सचिव सुरेश देशवाल का कहना है कि जिले में तैराकी के राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की दर्जनों प्रतिभाएं हैं, जिन्हें अभ्यास के लिए अन्य प्रदेशों व जिलों का रुख करना पड़ रहा है या निजी सेंटर का सहारा लेना पड़ा रहा है। कई सालों से सरकारी स्तर पर पूल की मांग की जा रही, लेकिन ठोस पहल नहीं की जा रही है।

    इस मामले पर ग्रेनो प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक विनोद शर्मा का कहना है कि स्विमिंग पूल पूरी तरह तैयार है। इसके संचालन और रखरखाव के लिए एजेंसी चयन की प्रक्रिया चल रही है। तकनीकी दिक्कतों के कारण पहले के टेंडर निरस्त करने पड़े थे। जल्द ही संचालन एजेंसी का चयन कर इसे शुरू करा दिया जाएगा।

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