आजादी के 7 दशक बाद भी अधर में जेवर में बेटियों के सपने, करोड़ों की बिल्डिंग पर लगा है विभाग का ताला
नोएडा एयरपोर्ट के विकास के दावों के बावजूद, जेवर में बेटियों के लिए उच्च शिक्षा की कमी है। प्रधानमंत्री जन विकास योजना के तहत निर्मित राजकीय महिला डिग ...और पढ़ें

राजकीय महिला डिग्री कॉलेज विभागीय लापरवाही के कारण चालू नहीं हो सका। इमेज एआई
HighLights
राजकीय महिला डिग्री कॉलेज बनकर तैयार, संचालन में देरी।
विभागीय लापरवाही के कारण बेटियों की उच्च शिक्षा बाधित।
जेवर में उच्च शिक्षा के लिए छात्राओं को संघर्ष।
मनोज कुमार शर्मा, जेवर। क्षेत्र में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट आने के बाद से क्षेत्र के विकास की उड़ानों के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन आजादी के सात दशक बाद भी जेवर में बेटियों के लिए उच्च शिक्षा के कोई इंतजाम नहीं है।
प्रदेश और केंद्र सरकार के प्रयासों से जेवर में राजकीय महिला डिग्री कॉलेज बनकर तैयार हो गया, लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते इसका बच्चियों को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। पिछले शैक्षणिक सत्र से पहले से तैयार कालेज में इस सत्र से भी बेटियों को उच्च शिक्षा का इंतजार लंबा होता जा रहा है।
वर्ष 2019 में जेवर की बेटियों के लिए प्रदेश और केंद्र की भाजपा सरकार ने प्रधानमंत्री जन विकास योजना के तहत अल्पसंख्यक कल्याण विभाग भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार के सहयोग से 9. 42 करोड़ की लागत से जेवर राजकीय महिला डिग्री कालेज बनाए जाने का फैसला लिया। जेवर के गोविंदगढ़ रोड पर एक हेक्टेयर जमीन पर पांच मंजिला इमारत 18 माह में बनकर तैयार होनी थी।
डिग्री कॉलेज बनाने की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कारपोरेशन को दी गई सात दिसंबर 2019 में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा के हाथों शिलान्यास के बाद निर्माण कार्य शुरू हुआ। कराया तो बेटियों में नई ऊर्जा का संचार हुआ लेकिन पांच साल बाद भी डिग्री कॉलेज के शुरू न होने से बेटियों में बडी मायूसी है।
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सात वर्ष पूर्व शुरू हुई योजना विभागीय लेटलतीफी लापरवाही के चलते छह वर्ष बाद तैयार तो हो गई लेकिन एक साल बाद भी उच्च शिक्षा विभाग की लापरवाही से परवान नही चढ़ पा रही है।
बेटियों की उच्च शिक्षा पीछे छूटी
जेवर क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट फिल्म, सेमीकंडक्टर पार्क, औद्योगिक इकाइयों की चकाचौंध,फिल्म सिटी के संचालन की तैयारी है, लेकिन सात दशक के लंबे इंतजार के बाद भी जेवर में एक साल पहले अल्पसंख्यक विभाग द्वारा उच्च शिक्षा विभाग को राजकीय महिला डिग्री कॉलेज सौंपे जाने के बाद संचालन होता नहीं दिख रहा है।
उच्च शिक्षण संस्थान न होने से अधर में टूट जाते है बेटियों के सपने
जेवर तहसील क्षेत्र में लगभग 92 गांव के अलावा जेवर व जहांगीरपुर सहित दो कस्बों में दस लाख के लगभग आबादी निवास करती है। लेकिन आजादी के बाद से अब तक जेवर तहसील को बेटियों की उच्च शिक्षा के इंतजाम नहीं हो पाए हैं।
12 वीं तक की पढ़ाई करने के बाद ज्यादातर बेटियां ग्रेटर नोएडा और बुलंदशहर के कालेज दूर होने के चलते उच्च शिक्षा की हिम्मत नही जुटा पाती जिससे उनके सपने अधर में ही टूट जाते हैंं। कुछ स्वजन आज भी सुरक्षा सहित अन्य वजहों के चलते बेटियों को घर से दूर पढ़ाई के लिए भेजने से बचते हैं।
जेवर राजकीय महिला डिग्री कॉलेज का निर्माण पिछले वर्ष फरवरी में पूरा हो गया था जिसके बाद इसे संचालन के लिए उच्च शिक्षा विभाग को सौंप दिया गया। कालेज का संचालन उच्च शिक्षा विभाग को ही करना है । इसी सत्र कालेज के संचालन कराने के लिए उच्चाधिकारियों द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं।
-रुहेल आजम जिला अल्पसंख्यक अधिकारी गौतमबुद्धनगर
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