यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 04, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Noida News: बन रहा प्रदेश का पहला कस्तूरबा छात्रावास, डबल डेकर बेड सहित होंगी ये तमाम सुविधाएं
ग्रेटर नोएडा में दनकौर के चीती गांव स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में 50 बेड का नया छात्रावास बन रहा है। ये बेड डबल डेकर होंगे। इसमें छात्राओं ...और पढ़ें

HighLights
- पहली बार नामी बोर्डिंग स्कूलों की तर्ज पर बन रहा छात्रावास
- सीएसआर के तहत होंडा मोटर लिमिटेड करा रहा निर्माण
- 70 लाख की लागत से तैयार हो रहा डबल डेकर छात्रावास
जागरण संवाददाता, नोएडा। दनकौर के चीती गांव स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में 50 बेड का नया छात्रावास नामी बोर्डिंग स्कूल की तर्ज पर मार्च में तैयार हो जाएगा। इसमें छात्राओं के लिए उच्च स्तरीय संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध होंगी। प्रदेश में इस तरह का यह पहला छात्रावास होगा। इसके साथ ही दूसरे कस्तूरबा स्कूलों के लिए भी एक आदर्श होगा।
50 बेड के नए छात्रावास के आधुनिक भवन में डबल डेकर बेड, अलमारी, पढ़ाई की मेज समेत दूसरे संसाधन भी उपलब्ध होंगे। कस्तूरबा विद्यालय के छात्रावास में अभी तक सोने के लिए तख्त का प्रयोग होता है। इसके स्थान पर डबल डेकर बेड होगा, जिसमें छात्राओं के सोने और सामान रखने के लिए अलमारी होगी।
वर्तमान समय में छात्राओं को पढ़ाई तख्त पर बैठकर करनी पड़ती है,जिसके कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। आधुनिक छात्रावास में उन्हें परेशानियों से मुक्ति मिल जाएगी। सीएसआर फंड के तहत होंडा मोटर लिमिटेड करीब 70 लाख की कीमत से छात्रावास का निर्माण करा रही है।
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क्या हैं कस्तूरबा विद्यालय
आर्थिक रूप से कमजोर छात्राओं के लिए सरकार कस्तूरबा विद्यालय का संचालन करती है। उन्हें यहां पढ़ाई के साथ ही जीवन कौशल और आर्थिक आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाता है। जिले में दनकौर,दादरी और जेवर में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय संचालित हैं। हर विद्यालय में 50 सीट उपलब्ध है। छात्राओं को यहां खाने-पीने के साथ अन्य सुविधाएं मिलती हैं।
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छह से आठ तक की मिलती है शिक्षा
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में कक्षा छह से आठ तक की पढ़ने की व्यवस्था है। विद्यालय परिसर में ही शिक्षिकाएं भी रहती हैं। विद्यालय में एक भी पुरुष कर्मचारी की तैनाती नहीं है। 24 घंटे सीसीटीवी की निगरानी में छात्राएं रहती है।
सीएसआर फंड की मदद से प्रदेश का पहला डबल डेकर 50 बेड का आधुनिक कस्तूरबा छात्रावास चीती में बनना शुरु हो गया है। अन्य दो कस्तूरबा विद्यालय में भी जल्द निर्माण कराया जाएगा। मार्च में छात्राओं को छात्रावास की सुविधा मिलेगी। - ऐश्वर्या लक्ष्मी,बेसिक शिक्षा अधिकारी