कहीं आप अवैध ड्राइविंग स्कूल से तो नहीं सीख रहे कार चलाना? नोएडा में 200 से अधिक सेंटरों पर एक्शन की तैयारी
नोएडा में 200 से अधिक अपंजीकृत ड्राइविंग स्कूल अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहे हैं, जो मोटी फीस लेकर बिना उचित प्रशिक्षण और प्रमाण पत्र के लोगों को ठग ...और पढ़ें

नोएडा में अवैध ड्राइविंग स्कूलों को पर होगी कार्रवाई। फोटो: सांकेतिक
HighLights
200 से अधिक अपंजीकृत ड्राइविंग स्कूल नोएडा में सक्रिय
अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहा अवैध कारोबार
हर महीने 1.57 करोड़ रुपये की अवैध कमाई
जागरण संवाददाता, नोएडा। शहर में बिना पंजीकरण के 200 से अधिक ड्राइविंग स्कूलों का संचालन हो रहा है। यहां लोगों से माेटी फीस लेकर ड्राइविंग सिखाई जाती है। इसका पूरा हिस्सा स्कूल संचालकों की जेब में जाता है। यहां से पैसे का कुछ हिस्सा सरकारी खजाने की बजाए अधिकारियों की जेब में जाता है।
इन स्कूलों में हर महीने हजारों की तादाद में युवा और आम लोग ड्राइविंग सीखने आते हैं। यहां ड्राइविंग का सर्टिफिकेट का बेहतर प्रशिक्षण दिए बगैर ही प्रशिक्षक को गाड़ी चलाने की अनुमति दे दी जाती है। परिवहन विभाग के अधिकारी आंखों पर पट्टी बांधे बैठे हैं और इन स्कूलों को खुलेआम संरक्षण दे रहे हैं।
मार्च महीने में अपर पुलिस उपायुक्त यातायात ने अपंजीकृत ड्राइविंग स्कूलों पर कार्रवाई के लिए एआरटीओ, सभी एसीपी और थानाध्यक्षों को लिखित पत्र भेज दिया था। ड्राइविंग स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने परिवहन विभाग में शिकायतें दर्ज कराईं।
पहले भी कई बार इन स्कूलों के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं, जहां पैसे लेकर ट्रेनिंग अधूरी छोड़ दी गई या फर्जी सर्टिफिकेट थमा दिए गए।
ये स्कूल बिना लाइसेंस फीस, बिना जीएसटी और बिना किसी सरकारी जिम्मेदारी के मोटी कमाई कर रहे हैं। अपंजीकृत स्कूल महीने में करीब 4500 हजार लोगों को प्रशिक्षण देकर 1.57 करोड़ रुपये की कमाई कर रहे हैं।
यह है ड्राइविंग स्कूल का नियम?
ड्राइविंग स्कूल चलाने की व्यवस्था केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 के नियम 24 के तहत बेहद सख्त है। किसी भी व्यक्ति को बिना लाइसेंस के स्कूल स्थापित या चलाने की इजाजत नहीं। लाइसेंस फार्म 11 में जारी होता है और आवेदन फार्म 12 या 13 में परिवहन विभाग को करना पड़ता है।
आवेदक और उसके स्टाफ का चरित्र साफ होना चाहिए। 10वीं पास के साथ मोटर मेकैनिक्स का डिप्लोमा या उच्च योग्यता जरूरी है। परिसर खुद का या लीज़ पर हो, लेक्चर हाल, माडल डेमो, पार्किंग स्पेस और ट्रेनिंग वाहनों के लिए पर्याप्त जगह होनी चाहिए।
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कम से कम एक-एक वाहन हर कैटेगरी का होना चाहिए, ड्यूल कंट्रोल फिटेड, साथ में ब्लैकबोर्ड, ट्रैफिक साइन चार्ट, टूल्स, फर्स्ट एड किट और जरूरी उपकरण।
गूगल पर सर्च कर झांसे में फंस जाते हैं लोग
गूगल पर सर्च करने पर जिले में सैकडों ड्राइविंग स्कूलों की जानकारी मिल जाती है। यह स्कूल कम पैसे में प्रशिक्षण देते हैं। लोग कम पैसे में यहां सीखते हैं और सर्टिफिकेट नहीं मिलने पर फंस जाते हैं। पंजीकृत स्कूलों में 21 दिन की क्लास के पांच हजार रुपये तक लिए जाते हैं।
जिले के पंजीकृत स्कूल
- माही ड्राइविंग स्कूल
- ऋषि ड्राइविंग स्कूल
- लखमेंद्र ड्राइविंग स्कूल
- गुरुदेव ड्राइविंग स्कूल
- ओम साईं ड्राइविंग स्कूल
- टीसी ड्राइविंग स्कूल
- ग्रेट नेशनल ड्राइविंग स्कूल
- अनु ड्राइविंग स्कूल
- दीपक ड्राइविंग स्कूल
शिकायत की गईं हैं लेकिन फर्जी और बिना पंजीकरण के ड्राइविंग स्कूल अभी भी संचालित हैं। इनको चलाने वाले दबंग और अपराधी किस्म के हैं। जान-माल को नुकसान पहुंचाने शिकायत पर धमकी देते हैं।
- कुलदीप भाटी, अध्यक्ष ड्राइविंग स्कूल एसोसिएशन, गौतमबुद्ध नगर
शिकायत मिली हैं। कार्रवाई कर कुछ वाहनों को सीज किया गया है। मंगलवार को भी एक टीम ऐसे स्कूलों के वाहनों पर कार्रवाई के लिए लगाई है। आगे भी यह कार्रवाई जारी रहेगी।
- डाॅ. उदित नारायण पांडेय, एआरटीओ प्रवर्तन
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