नोएडा में कामगारों का उत्पीड़न करने वाले 25 और ठेकेदारों के लाइसेंस निरस्त, अब तक 35 पर हुई कार्रवाई
श्रम विभाग ने नोएडा में कामगारों का उत्पीड़न करने वाले 25 और ठेकेदारों के लाइसेंस रद्द किए हैं, जिससे अब तक कुल 35 ठेकेदारों पर कार्रवाई हुई है। ...और पढ़ें
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नोएडा में श्रम कानूनों का उल्लंघन करने वाले 25 और ठेकेदारों के लाइसेंस निरस्त।
HighLights
25 ठेकेदारों के लाइसेंस निरस्त, कुल 35 पर कार्रवाई।
न्यूनतम वेतन, ओवरटाइम, PF/ESIC में गड़बड़ी पाई गई।
श्रम विभाग की कार्रवाई जारी, 245 को नोटिस।
जागरण संवाददाता, नोएडा। कामगारों को न्यूनतम से कम वेतन और ओवरटाइम का भुगतान न करके उत्पीड़न करने वाले 25 ठेकेदारों के लाइसेंस मंगलवार को निरस्त कर श्रम विभाग ने कार्रवाई की है। शनिवार को 10 ठेकेदारों के लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई हुई थी। विभाग की ओर से अब तक 35 ठेकेदारों के लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई हुई है। श्रम कानूनों का उल्लंघन करने पर यह कार्रवाई की गईं हैं।
बीते चार दिनों में श्रम विभाग की ओर से 245 ठेकेदारों को नोटिस जारी कर तत्काल जवाब तलब किया गया। जवाब नहीं देने पर लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई और ब्लैकलिस्टेड करने की चेतावनी नोटिस से दी। जवाब नहीं मिलने पर 35 ठेकेदारों के लाइसेंस निरस्त किए जा चुके हैं। कार्रवाई अभी जारी है।
पीएफ और ईएसआइसी में गड़बडी सामने आईं
लाइसेंस निरस्त कर ठेकेदारों की सूचना ईएसआइसी (कर्मचारी राज्य बीमा निगम) और ईपीएफओ (कर्मचारी भविष्य निधि संगठन) भेज दी गई है। यह ठेकेदार कामगारों को न्यूनतम से कम वेतन का भुगतान कर रहे थे। ओवरटाउम का भी कम भुगतान कर रहे थे। पीएफ और ईएसआइसी में गड़बडी सामने आईं थीं।
श्रम विभाग की ओर से की गई कार्रवाई में यह अनियमितताएं स्पष्ट की गईं। नोएडा में 500 से अधिक फैक्ट्री और कंपिनयों के बाहर प्रदर्शन हुआ था। इन कंपनियों में कामगारों से कार्य कराने वाले करीब 700 ठेकेदार रडार पर हैं। श्रम विभाग की टीम फैक्ट्री और कंपनियों में जाकर कामगारों से बात कर रही है।
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शिकायत या श्रम कानूनों का उल्लंघन मिलने पर नोटिस जारी
शिकायत या श्रम कानूनों का उल्लंघन मिलने पर नोटिस जारी हो रहे हैं। अपर श्रमायुक्त राकेश द्विवेदी ने बताया कि जिन प्रतिष्ठानों में न्यूनतम वेतन, सामाजिक सुरक्षा, बीमा, पीएफ और अन्य सुविधाओं में कमी पाई जा रही है, वहां तुरंत नोटिस जारी हो रहे हैं। नोटिस का जवाब नहीं मिलने पर बिना देरी के कार्रवाई हो रही है। आगे भी यह जारी रहेगी।