नोएडा एयरपोर्ट के ऊपर दो दिन से चक्कर लगा रहा इंडिगो का A320, सामने आई वजह; जानें क्या है तैयारी
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इंडिगो एयरलाइंस ने एटीसी और एएआई के समन्वय से प्रशिक्षण उड़ानें संचालित कीं। ये उड़ानें पायलटों और चालक दल को हवाई क्षेत्र व परिचालन प्रक्रियाओं से परिचित कराने के लिए नियमित प्रशिक्षण का हिस्सा हैं।

एआई जेनेरेटेड इमेज।
HighLights
इंडिगो ने नोएडा एयरपोर्ट पर एटीसी समन्वय में प्रशिक्षण उड़ानें कीं।
ये उड़ानें पायलटों और चालक दल के नियमित प्रशिक्षण का हिस्सा हैं।
भविष्य में नियमित हवाई सेवाओं के विस्तार की तैयारी में महत्वपूर्ण।
मनोज कुमार शर्मा, जेवर (ग्रेटर नोएडा)। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के हवाई क्षेत्र में पिछले दो दिनों से इंडिगो के एयरबस ए320 विमान की लगातार गतिविधि (लगातार उड़ाने) नजर आ रही थीं।
यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रा.लि. (यापल) की तरफ बताया गया कि विमान की ये उड़ानें इंडिगो एयरलाइंस के द्वारा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) और एयरपोर्ट्स अथारिटी आफ इंडिया (एएआइ) के समन्वय में संचालित की जा रही हैं।
ये उड़ाने एयरलाइन के नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम का हिस्सा हैं भविष्य में भी इस तरह की उड़ाने यहां से संचालित की जा सकती हैं।
स्थानीय लोगों में बना चर्चा का विषय
19 और 20 अगस्त को इंडिगो का विमान नोएडा एयरपोर्ट से उड़ान भरने के बाद जेवर, जहांगीरपुर, पिसावा, चंडौस और खैर क्षेत्र के ऊपर अलग-अलग पैटर्न में कई बार चक्कर लगाता दिखाई दिया।
इससे स्थानीय लोगों के बीच विमान की गतिविधियों को लेकर चर्चा शुरू हो गई थी। 20 अगस्त को विमान ने 6ई9042 उड़ान संख्या के साथ नोएडा एयरपोर्ट से उड़ान भरी और वापस इसी एयरपोर्ट पर लौटा।
बृहस्पतिवार को दो उड़ानें हुईं। पहली उड़ान करीब एक घंटे 46 मिनट और दूसरी लगभग 31 मिनट की रही। यापल के अनुसार प्रशिक्षण उड़ानें एयरलाइन के परिचालन और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का नियमित हिस्सा हैं। ऐसी उड़ानों को निर्धारित विमानन प्रक्रियाओं के तहत योजना बनाकर संचालित किया जाता है।
इनमें पायलट और क्रू को संबंधित एयरपोर्ट की परिचालन प्रक्रियाओं, हवाई मार्गों तथा एटीसी के साथ समन्वय का व्यावहारिक अभ्यास कराया जा सकता है। प्रशिक्षण उड़ानों के दौरान विमान को अलग-अलग दिशा और निर्धारित मार्गों पर संचालित किया जाता है।
इससे चालक दल को एयरपोर्ट के आसपास के हवाई क्षेत्र और उड़ान प्रक्रियाओं से परिचित होने का अवसर मिलता है। साथ ही एयरलाइन, एयरपोर्ट और एटीसी के बीच समन्वय को भी वास्तविक परिचालन परिस्थितियों में परखा जाता है।
तैयैरी के लिहाज से महत्वपूर्ण
एयरपोर्ट से नियमित हवाई सेवाओं के विस्तार की तैयारियों के बीच इन प्रशिक्षण उड़ानों को परिचालन व्यवस्था के अभ्यास और चालक दल की तैयारी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रा. लि. (यापल) के मुताबिक इंडिगो, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) और एयरपोर्ट्स अथारिटी आफ इंडिया (एएआइ) के साथ मिलकर ट्रेनिंग फ्लाइट्स का संचालन कर रही है।
ऐसी फ्लाइट्स एयरलाइन के कामकाज और ट्रेनिंग प्रोग्राम का एक सामान्य हिस्सा होती हैं। ये गतिविधियां तय एविएशन प्रक्रियाओं के अनुसार प्लान और आयोजित की जाती हैं और जरूरत के हिसाब से भविष्य में जारी रहेंगी।
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