Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    8 हजार पीतल की घंटियों वाली ‘मिस्टिक अबोड’, गंगा-यमुना-सरयू से जुड़ी भारत की आध्यात्मिक विरासत से सजा नोएडा एयरपोर्ट

    Updated: Thu, 09 Apr 2026 05:36 AM (IST)

    नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन 28 मार्च को होगा, जो स्विस तकनीक और भारतीय विरासत का संगम है। ...और पढ़ें

    एयरपोर्ट के वेटिंग लांज में आठ हजार पीतल की घंटियों से बना मिस्टिक अबोड (रहस्यमयी झोंपड़ी नुमा घर)। जागरण

    एयरपोर्ट के वेटिंग लांज में आठ हजार पीतल की घंटियों से बना मिस्टिक अबोड (रहस्यमयी झोंपड़ी नुमा घर)। जागरण

    HighLights

    1. नोएडा एयरपोर्ट भारतीय विरासत और स्विस तकनीक का संगम।

    2. परेश मैती की 'जागृति' पेंटिंग भारत की आध्यात्मिक ऊर्जा दर्शाती।

    3. 'मिस्टिक अबोड' यात्रियों को शांति और सुकून प्रदान करेगी।

    मनोज कुमार शर्मा, जेवर। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का 28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों लोकार्पण के बाद संचालन को तैयार है। एयरपोर्ट को स्विस तकनीकि और देश की समृद्ध विरासत, सौंदर्यशास्त्र, प्राकृतिक सौंदर्य, वास्तुकला, कला, आध्यात्मिकता और इतिहास से जोड़ते हुए तैयार किया गया है।

    एयरपोर्ट पर पद्म श्री से सम्मानित परेश मैती की 100 फीट लंबी और 8 फीट ऊंचाई वाली पेंटिंग जागृति जो षडांग के सिद्धांत पर आधारित भारत की आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत को गैलरी में लगाया गया है। इस विशाल पेंटिंग में छह पेंटिंग जो गंगा, यमुना, सरस्वती और सरयू पवित्र नदी और उनके किनारों पर बसे ऐतिहासिक स्थलों से जुड़ी हैं।

    74652866

    एयरपोर्ट की गैलरी में लगी परेश मैती की 100 फुट लंबी जागृति पेंटिंग। जागरण

    शानदार पेंटिंग में सबसे पहले वाराणसी (काशी) को दर्शाया है, जो विश्व के सबसे प्राचीन और ऐतिहासिक के साथ -साथ शांति और सुकून से भरपूर है, जिसमें भक्ति का भाव समाहित है, जो यात्रियों को काशी की पवित्रता का अनुभव कराती है। मंदिरों से सजे शांत घाटों के बीच एक अनूठी ऊर्जा से भरपूर आध्यात्मिक सौंदर्य इसे और आकर्षक बनाता है।

    इसके बाद सारनाथ के सांची स्तूप जहां बौद्ध धर्म की नींव रखी गई थी। भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के बाद सादगी और वैराग्य के सिद्धांतों पर पहला उपदेश दिया था। तीसरे नंबर पर प्रेम के प्रतीक विश्व के सात अजूबों में से एक आगरा के ताजमहल का दृश्य दर्शाया गया है।

    खबरें और भी

    74653005

    एयरपोर्ट के वेटिंग लांज में आठ हजार पीतल की घंटियों से बना मिस्टिक अबोड (रहस्यमयी झोंपड़ी नुमा घर)

    यमुना नदी के किनारे स्थित यह स्मारक एक अद्भुत वास्तुशिल्प कृति के रूप में मजबूती से खड़ा है। चौथा नंबर पर भगवान कृष्ण की जन्मभूमि मथुरा और वृंदावन के कुसुम सरोवर को एक रमणीय परिदृश्य को चित्रित किया गया है। जो मथुरा और वृंदावन के बीच स्थित पवित्र गोवर्धन पर्वत पर स्थित एक पवित्र जल भंडार है। पांचवां नंबर पर पौराणिक कथाओं, आध्यात्मिकता और इतिहास से जुड़ी अयोध्या जहां भगवान राम का जन्म हुआ ऐतिहासिक महत्व से भरपूर सरयू नदी के किनारे स्थित है।

    अंत में विश्व के सबसे बड़ी हिंदू तीर्थयात्रा जो आध्यात्मिक मुक्ति की ओर ले जाती है और दुनिया भर से लोगों को आकर्षित करतेे महाकुंभ की जीवंत ऊर्जा को दर्शाता है। सभी पेंटिंग में सुबह का प्रकाश सूर्योदय एक नए दिन की शुरुआत और संपूर्ण कलाकृति में व्याप्त गहन आध्यात्मिक जागृति दोनों का प्रतीक है।

    आठ हजार पीतल की घंटियों से बना मिस्टिक अबोड

    सामाजिक दुविधाओं से भरी समकालीन विश्व स्थिति में लोगों को रोजमर्रा की भागदौड़ में शांति की तलाश है एयरपोर्ट के वेटिंग लाज एरिया में आठ हजार पीतल की घंटियों से बनी परेश मैती द्वारा तैयार शानदार झोंपड़ी नुमा कलाकृति तैयार की गई है। यात्री इस झोंपड़ी में प्रवेश करके शांति और आंतरिक सुकून का अनुभव कर सकते हैं, जो शहरी जीवन की हलचल में दुर्लभ है।

    यह भी पढ़ें: ग्रेटर नोएडा: रास्ता भटकी महिला को कासना पुलिस ने पिता से मिलवाया, मानवीय चेहरा आया सामने