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    यादव सिंह प्रकरण: नोएडा के चर्चित केबलिंग घोटाले में पेच, सीनियर अधिकारियों की जांच से OSD ने पल्ला झाड़ा 

    Updated: Tue, 28 Jul 2026 08:58 AM (IST)

    नोएडा अथॉरिटी के अंडरग्राउंड केबलिंग घोटाले में ओएसडी अशोक कुमार ने वरिष्ठ अधिकारियों की जांच करने से इनकार कर दिया है, उनका कहना है कि निचले स्तर का ...और पढ़ें

    यादव सिंह प्रकरण में नोएडा प्राधिकरण के 4 अधिकारियों को चार्जशीट किया गया। फोटो: आर्काइव

    यादव सिंह प्रकरण में नोएडा प्राधिकरण के 4 अधिकारियों को चार्जशीट किया गया। फोटो: आर्काइव

    HighLights

    1. ओएसडी ने वरिष्ठ अधिकारियों की जांच करने से मना किया

    2. यादव सिंह प्रकरण में चार अधिकारियों पर चार्जशीट नहीं

    3. सीबीआई गवाह आरपी सिंह भी अब चार्जशीटेड

    जागरण संवाददाता, नोएडा। अंडरग्राउंड केबलिंग घोटाले मामले में कार्मिक ओएसडी अशोक कुमार ने प्रकरण की यह कहते हुए जांच करने से इनकार कर दिया है कि जिनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल होनी है, उसने शीर्ष अधिकारी है। निचले स्तर का अधिकारी शीर्ष की जांच नहीं कर सकता। जांच इनसे ऊपर के अधिकारियों से कराई जानी चाहिए।

    बता दें कि यादव सिंह प्रकरण में नोएडा प्राधिकरण के चार अधिकारियों को चार्जशीट किया जाना था। इनमें आरपी सिंह (वर्तमान में महाप्रबंधक जल-सीवर एवं ईएंडएम), निजामुद्दीन (तबादला), प्रमोद (तबादला) और रामेंद्र शामिल हैं।

    पांच महीने बाद जांच करने से इनकार

    शासन के बार-बार निर्देशों के बावजूद प्राधिकरण ने इनकी चार्जशीट नहीं भेजी। जब शासन ने फरवरी में प्राधिकरण के कार्मिक विभाग से कड़ी आपत्ति जताई, तो सीईओ के निर्देश पर चार्जशीट तैयार करने के लिए जांच अधिकारी नियुक्त किया गया लेकिन पांच महीने बाद नियुक्त अधिकारी ने इस मामले में जांच करने से साफ इनकार कर दिया है।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि निचले स्तर का अधिकारी इस जांच को पूरा नहीं कर सकता और शीर्ष अधिकारियों को प्रकरण की जांच सौंपी जानी चाहिए।

    जांच रिपोर्ट शासन को नहीं भेजी गई

    सीबीआई की चार्जशीट में चारों अधिकारियों का नाम होने के बावजूद प्राधिकरण ने इनकी विभागीय जांच शासन में नहीं भेजी। शासन ने बार-बार प्राधिकरण से पूछा कि विभागीय जांच क्यों जारी नहीं हो रही।

    इस स्थिति के कारण उक्त अधिकारियों ने पदोन्नति का लाभ भी ले लिया है। वर्ष 2020 में अंडरग्राउंड केबलिंग प्रकरण में यादव सिंह समेत 20 अन्य अधिकारियों की चार्जशीट जारी की गई थी, लेकिन इन चार अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट नहीं भेजी गई।

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    उल्लेखनीय है कि अंडरग्राउंड केबलिंग घोटाले की शिकायत सेक्टर-39 थाने में तत्कालीन एपीई आरपी सिंह ने दर्ज कराई थी और वह सीबीआई की जांच में सरकारी गवाह भी बने। उन्हें सीबीआई कार्यालय पर 250 से अधिक बार बुलाया गया, लेकिन अब सीबीआई ने उन्हें भी इस प्रकरण में चार्जशीट कर दिया है।

    इन्हें सौंपी गई थी जांच की जिम्मेदारी

    प्राधिकरण के सीईओ के निर्देश पर अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी वंदना त्रिपाठी ने कार्मिक विभाग के ओएसडी अशोक कुमार शर्मा की अध्यक्षता में दो वरिष्ठ प्रबंधकों की जांच कमेटी गठित की गई।

    जांच अधिकारी ने इस पूरे प्रकरण को तकनीकी बताते हुए तकनीकी अधिकारी की मांग की, जिसके बाद महाप्रबंधक सिविल एसपी सिंह को तकनीकी जांच अधिकारी बनाया गया।

    हालांकि, उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारी की जांच करने से मना कर दिया। अब जांच अधिकारी ने भी इस मामले से पल्ला झाड़ लिया है। अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी वंदना त्रिपाठी को इस जांच से संबंधित अपना जवाब प्रस्तुत कर दिया है।

    इन अधिकारियों को घोटाले में चार्जशीट किया गया था:

    • यादव सिंह, पूर्व सीएमई जल नोएडा
    • रामेंद्र, पीई, ईएंडएम-2 डिवीजन
    • जेपी सिंह, एपीई, ईएंडएम-2 डिवीजन
    • धर्मराज, जेई, ईएंडएम-2 डिवीजन
    • वेदपाल, सीनियर पीई, ईएंडएम डिवीजन और ईएंडएम-3 डिवीजन
    • मान सिंह, एसएफओ, ईएंडएम-2 डिवीजन
    • डीआर आर्य, एपीई, ईएंडएम-2 डिवीजन
    • केपी सिंह, एफसी, नोएडा
    • राजीव कुमार, जेई, ईएंडएम-2 डिवीजन
    • सुशील कुमार, सीएफएंडएओ, नोएडा
    • आरडी शर्मा, जेई, ईएंडएम-2 डिवीजन
    • एसी सिंह, एफसी, नोएडा
    • संत राम, सीपीई, नोएडा
    • जीएस चौधरी, जेई, ईएंडएम-3 डिवीजन
    • राजेश शर्मा, जेई, ईएंडएम-3 डिवीजन
    • केके पांडे, सीपीई, नोएडा
    • एसके अग्रवाल, एपीई, ईएंडएम-3 डिवीजन
    • वीके मांगलिक, पीई, ईएंडएम-3 डिवीजन
    • एसके श्रीवास्तव, सीपीई, नोएडा
    • आरके गोयल, एपीई, ईएंडएम-3
    • जावेद अहमद, प्रोपराइटर, एमएस / गुल इंजीनियर कंपनी

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