ग्रेटर नोएडा में चीनी नागरिक का कारनामा, बिना वीजा 6 साल से जमाए था डेरा; हवाला से करोड़ों भेज दिए चीन
नोएडा में एक चीनी नागरिक 6 साल से अवैध वीजा पर रह रहा था, जो फर्जी कंपनियों से करोड़ों की हेराफेरी कर हवाला के जरिए चीन भेज रहा था। खुफिया एजेंसियों न ...और पढ़ें

नोएडा से चीनी नागरिक गिरफ्तार। फोटो: सांकेतिक
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। नोएडा एसटीएफ द्वारा धरा गया चीनी नागरिक लियाओ लान्गहुई नोएडा के सेक्टर-93 स्थित पूर्वांचल सिल्वर सिटी में छह वर्ष से वीजा समाप्त होने के बाद भी अवैध तरीके से रह रहा था।
वह कई फर्जी सेल कंपनियों के नाम पर चीन से आयातित कच्चे माल की कीमतों में हेरफेर कर करोलबाग, नेहरू प्लेस सहित अन्य बाजारों में अंडर इनवायसिंग से बिक्री करता रहा। बची करोड़ों की रकम हवाला-मनी लांड्रिंग के जरिए चीन भेजता रहा।
वीजा निगरानी और सत्यापन पर उठे सवाल
फिर भी खुफिया एजेंसियों ने सी फार्म पोर्टल पर उसके वीजा की क्राॅस चेकिंग नहीं की और मकान मालिक ने भी मोटे किराए के लालच में किरायानामा का पुलिस से सत्यापन नहीं कराया। फिलहाल उक्त कार्रवाई के बाद अब इन सभी बिंदुओं पर बारीकी से जांच शुरू की है।
बता दें एसटीएफ ने बुधवार रात पूर्वांचल सिल्वर सिटी से चीनी नागरिक लियाओ लान्गहुई, गाजियाबाद निवासी संजीव कुमार और औरैया निवासी कौशलेंद्र को गिरफ्तार किया था।
तब चीनी नागरिक का छह वर्ष पहले वीजा समाप्त होने के मामले का पर्दाफाश हुआ। वह वर्ष 2018 में वीजा पर आया था, 2020 में उसका वीजा समाप्त हो गया था। विदेशी नागरिकों के अवैध तरीके से रहने का यह कोई पहला मामला नहीं है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
पिछले दो वर्ष में विभिन्न आपराधिक मामलों में पुलिस की कार्रवाई में गिरफ्तार छह से अधिक विदेशी नागरिक अवैध वीजा पर रहते मिले थे। विदेशी नागरिकों का वीजा समाप्त हाेने के बाद भी ठिकाना बनाए रखते हैं।
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इसके बाद भी खुफिया एजेंसियों का उनकी जानकारी नहीं होती है। जबकि केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से जिला स्तर पर संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को उनके यहां आने वाले विदेशी नागरिकों की पूरी डिटेल भेजी जाती है।
इसके अलावा आनलाइन सी फार्म पोर्टल पर भी उक्त विदेशी नागरिक के वीजा से संबंधित जानकारियां दर्ज होती हैं। नियमानुसार हर माह इनकी क्रास चेकिंग करना भी अनिवार्य है।
एसटीएफ कर रही वित्तीय गड़बड़ी की जांच
लेकिन इन कार्रवाई से साबित होता है कि खुफिया एजेंसियों के जिम्मेदार विदेशी नागरिकों के वीजा की समय सीमा की मानिटरिंग के नाम पर खानापूरी करती आ रही हैं।
मकान मालिक भी किराए के लालच में इन जालसाजों के किरायानामा का पुलिस से सत्यापन नहीं कराते। फिलहाल पुलिस नियमित रूप से किराएदारों का सत्यापन कराने का दावा करती है, लेकिन दावों की हकीकत सामने है।
जिम्मेदार अधिकारियों से बात की गई तो प्रकरण से अपना-अपना पल्ला झाड़ लिया। उधर, चीनी नागरिक द्वारा कितने करोड़ की हेरफेर की गई है। एसटीएफ इसकी जांच कर रही है। एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक राजकुमार मिश्र ने बताया जांच जारी है, अभी कुछ बता पाना संभव नहीं है।